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    भूमाफिया का बनेगा डोजियर, तड़ीपार किए जाएंगे; प्रयागराज प्रशासन अपराधियों पर भी कसेगा शिकंजा

    By Gyanendra Singh Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Mon, 13 Jul 2026 06:30 PM (IST)

    प्रयागराज प्रशासन संगठित अपराध और भूमाफिया के खिलाफ सख्त अभियान चला रहा है, जिसके तहत चिह्नित भूमाफिया का डोजियर तैयार किया जाएगा। इसमें आपराधिक इतिहा ...और पढ़ें

    प्रयागराज प्रशासन भूमाफिया का डोजियर बनाकर इनकी आपराधिक गतिविधि का रिकार्ड दर्ज करेगा।

    प्रयागराज प्रशासन भूमाफिया का डोजियर बनाकर इनकी आपराधिक गतिविधि का रिकार्ड दर्ज करेगा।

    HighLights

    1. डोजियर में अपराधी-माफिया का इतिहास, हर गतिविधि का रिकार्ड दर्ज होगा

    2. दो एडीएम तथा अन्य अधिकारियों की विशेष जांच कमेटी करेगी कार्यवाही

    3. अपराधी व भूमाफिया गठजोड़ तोड़ने के लिए इन पर कसा जाएगा शिकंजा

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। प्रशासन की ओर से संगठित अपराध और भूमाफिया के खिलाफ बेहद सख्त अभियान शुरू होने जा रहा है। इसके तहत अब चिह्नित भूमाफिया का 'डोजियर' तैयार किया जा रहा है। डोजियर एक प्रकार की विस्तृत फाइल होगी, जिसमें अपराधी व माफिया का पूरा इतिहास और उसकी हर छोटी-बड़ी गतिविधि का रिकार्ड दर्ज किया जाएगा। इससे इन भूमाफिया तथा अपराधियों पर आसानी से कानूनी शिकंजा कसा जा सकेगा। इसके बाद इन्हें ताड़ीपार भी किया जाएगा।

    भूमाफिया के मददगारों की भी सूची बनेगी 

    यह डोजियर डीएम मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम तैयार करेगी। एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह एवं एडीएम नजूल संजय कुमार पांडेय व अन्य अधिकारियों की विशेष टीम को सक्रिय भूमाफिया की जांच को लगाया गया है। डोजियर में भूमाफिया का नाम-पता, उनके मददगार, पूरे गिरोह की सूची होगी।

    आपराधिक इतिहास का कच्चा-चिट्ठा खुलेगा 

    भूमाफिया के आपराधिक इतिहास के तहत दर्ज मुकदमों, कोर्ट में लंबित मामलों और जेल यात्राओं का पूरा ब्योरा होगा। संपत्ति का विवरण भी होगा, जिसमें भूमाफिया द्वारा अवैध रूप से कब्जाई गई जमीनें और बेनामी संपत्तियों की पूरी सूची तैयार कराई जाएगी। आर्थिक स्रोत के तहत कमाई का जरिया, बैंक खातों की जानकारी और अवैध लेनदेन का रिकार्ड भी इस फाइल में दर्ज किया जाएगा।

    क्या है डोजियर बनाने का मुख्य उद्देश्य? 

    डोजियर बनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि अब इनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। गैंग्सटर के साथ ही गुंडा एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाने में आसानी होगी। इसके साथ ही अवैध संपत्ति की कुर्की भी होगी। इनके बैंक खाते फ्रीज किए जाएंगे। काली कमाई को रोकने के लिए बैंक अकाउंट तुरंत सीज किए जाएंगे। डोजियर बनने से पुलिस के लिए इनकी जमानत व उनकी रोजमर्रा की गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा।

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    जमीनों पर अवैध कब्जे रुकेंगे

    यह कदम जमीनों को अवैध कब्जों से बचाने व विवादों से जुड़े संगठित अपराध को खत्म करने के लिए है। शहर पश्चिमी क्षेत्र में कई हेक्टेयर क्षेत्रफल में अवैध प्लाटिंग की शिकायत पर पिछले कई दिनों से प्रशासन की कार्यवाही चल रही है। वहीं नैनी क्षेत्र में मीरजापुर मार्ग, रीवा मार्ग तथा करछना व बारा तहसील क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग चिन्हित की जा रही है। झूंसी में वाराणसी व जौनपुर मार्ग तथा आसपास और फाफामऊ क्षेत्र में भी अवैध प्लाटिंग की जांच शुरू करा दी गई है।

    भूमाफिया, अपराधी तथा इन्हें फंडिंग करने वाले लोगों का डोजियर तैयार कराने के लिए विशेष जांच कमेटी को निर्देश दिए गए हैं। सरकारी व निजी भूमि पर कब्जा रोकने तथा जमीन संबंधी संगठित अपराध को समाप्त करने के लिए यह कार्यवाही कराई जा रही है।
    - मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी।

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