गंगा-यमुना ही नहीं, टोंस और बेलन को भी छलनी कर रहे खनन माफिया, राजस्व का बड़ा हिस्सा अब 'सिंडिकेट सिस्टम' की जेब में
प्रयागराज और कौशांबी में यमुना किनारे खनन माफिया का कब्जा है। खनन विभाग ने केवल 11 घाटों को अनुमति दी है, जबकि 40 स्थानों पर अवैध खनन हो रहा है। टोंस ...और पढ़ें

प्रयागराज में करछना के सेमरहा गांव के पास गंगा में बालू के अवैध खनन के बाद ट्रैक्टर ट्राली कराया जा रहा लोड। जागरण
HighLights
करछना, मेजा, कोरांव, बारा, चायल तहसील क्षेत्रों में कई स्थानों पर अवैध खनन
गंगा और टोंस में सबसे ज्यादा करछना तहसील क्षेत्र में निकाला जा रहा बालू
11 वैध और 40 अवैध रूप से यमुना के घाटों पर किया जा रहा बालू का खनन
जागरण संवाददाता, प्रयागराज/कौशांबी। प्रयागराज से कौशांबी तक यमुना का किनारा इन दिनों सरकारी नियंत्रण से ज्यादा माफियाओं के कब्जे में नजर आ रहा है। खनन विभाग ने जहां सिर्फ 11 घाटों को वैध पट्टा देकर खनन की अनुमति दी है, वहीं हकीकत यह है कि करीब 40 स्थानों पर खुलेआम अवैध खनन चल रहा है। यानी नियमों से तीन गुना ज्यादा घाटों पर बिना किसी रोक-टोक के बालू निकाली जा रही है।
माफिया के नेटवर्क का 'पर्ची सिस्टम'
इसका सीधा नुकसान सरकारी खजाने को हो रहा है, क्योंकि वैध घाटों से मिलने वाली रायल्टी और राजस्व का बड़ा हिस्सा अब 'सिंडिकेट सिस्टम' की जेब में जा रहा है। अवैध खनन के बावजूद बाकायदा 'पर्ची सिस्टम' लागू है, लेकिन यह पर्ची सरकारी नहीं, बल्कि माफिया के नेटवर्क द्वारा संचालित होती है। हर दिन करीब 55 लाख घन फीट बालू नावों और भारी मशीनों के जरिए यमुना के सीने से निकाली जा रही है। माफिया के संगठित आर्थिक अपराध के सामने नियम-कानून बौने साबित हो रहे हैं और प्रशासन मौन है।

खास-खास
- 600 से ज्यादा नावों को लगाया गया है इन नदियों से बालू को निकालने के लिए
- 300 ट्रैक्टर और ट्रकों से अवैध रूप से निकाले जा रहे बालू का होता है परिवहन
छोटी नदियों में बालू का अवैध खनन बेरोकटोक
खनन माफिया सिर्फ गंगा और यमुना को ही नहीं, टोंस, बेलन को भी बालू के अवैध खनन से छलनी करने पर तुले हैं। इन छोटी नदियों में कई स्थानों पर बालू का अवैध खनन बेरोकटोक चल रहा है। इसको लेकर आए दिन विवाद भी होता है मगर कोई कार्रवाई नहीं होती है। वहीं खनन विभाग इस पर अंकुश लगाने की कौन कहे, छापेमारी तक नहीं कर पाता है।
बालू के अवैध परिवहन में अवैध वसूली भी
प्रयागराज में नदियों से बालू के अवैध खनन पर नियंत्रण नहीं लग पा रहा है। गंगा और यमुना में तो दर्जनों स्थानों पर माफिया बालू का अवैध खनन करा ही रहे हैं, साथ ही छोटी नदियों को भी बख्श नहीं रहे हैं। सबसे अहम यह कि नदियों से अवैध रूप से निकाले जा रहे बालू को बेखौफ होकर माफिया परिवहन करा रहे हैं। सड़कों पर शाम होते ही ट्रकों और डंपरों तथ ट्रैक्टर ट्रालियों से अवैध रूप से परिवहन कराया जा रहा है। हर थाने में इसके लिए कारखास तैनात हैं जो इन वाहनों से अवैध रूप से वसूली करते हैं।
खबरें और भी
इन इलाकों में बालू का अवैध खनन
यमुना में नैनी के मड़ौका, बसवार, मोहब्बतगंज तथा घूरपुर के बीकर, कंजासा, कैनुआ, बिरवल, जगदीशपुर तथा लालापुर थाना क्षेत्र के मझियारी, अमिलिया, सेमरी, भिलोर, व प्रतापपुर में भी नदी के अंदर से बालू निकाला जा रहा है। शहर में सदर तहसील क्षेत्र में करेली थाने के करेहदा, बिसौना, फुलवा, असरावे में बालू का अवैध खनन हो रहा है।
खनन के बाद अवैध भंडारण
गंगा में नैनी के देवरख, औद्योगिक क्षेत्र थाना के लवायन, मवैया, करछना के कबरा, रवनिका, डीहा, सेमरहा, गड़ैला, लकटहा, मेजा के नरवर, चौकठा, छतवा, परानीपुर, हंडिया के दुमदुमा, लाक्षागृह, फूलपुर के ककरा, कोटवा, निबैया में भी बालू का खनन कराया जा रहा है। मेजा के बिसेनपुर, लोहारी, अमिलहवा, उरनाह में व्यापक स्तर पर गंगा का बालू अवैध रूप से भंडारण हुआ है।
कोरांव में बेलन नदी को खोदा जा रहा
टोंस में करछना के भगनपुर, झीरी लच्छीपुर, हथसरा के मदरा, धरवारा, बघेड़ा, कुलमई तथा मेजा के कुलमई, कोहड़ार, मई-पताई, कौंधियारा थाना क्षेत्र के खूझी व सोढ़िया में बालू का अवैध खनन हो रहा है। कोरांव में बेलन नदी में देवघाट, बांसघाट, टुड़ियार, पटियार, भगतपुर, खिवली, गलदहवा, भोगन, तिपौव्वा, भगेसर में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से बालू का खनन कराया जा रहा है।
मुकदमे में किया खेल, नाम और जन्मतिथि बेमेल
प्रयागराज: दैनिक जागरण में नदियों से बालू के अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान पर खनन विभाग ने कई स्थानों पर कार्रवाई की। अलबत्ता, मुकदमा दर्ज कराने में खेल कर दिया गया। पिछले सप्ताह शुक्रवार को घूरपुर थाने में दो मुकदमे दर्ज कराए गए। पहले मुकदमे में वादी का नाम खान निरीक्षक वैभव कुमार सोनी लिखा गया है जिनके जन्म का वर्ष 1991 दर्ज है।
खनन अधिकारी बोले
दूसरे मुकदमे में भैवन कुमार सोनी लिखा गया और जन्म का वर्ष 2006 दर्शाया गया है। पहले मुकदमे में फूलचंद्र निषाद, जगदीश निषाद व गुलबदन निषाद निवासी कंजासा, कैनुआ पर केस हुआ है। दूसरे मुकदमे में बबलू निषाद, शिवधारी और संतोष निवासीगण बसवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। थाना प्रभारी दिनेश सिंह का कहना है कि इस बारे में कुछ नहीं बता सकते। विवेचना का काम पुलिस का है। वही खनन अधिकारी का कहना है कि नाम ठीक करा दिया गया है वह लिपिकीय मिस्टेक थी।