Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    इलेक्ट्रिक बसों में लगेगा आटोमैटिक फायर कंट्रोल सिस्टम, आग लगने पर स्वत: एक्टिव हो जाएगा; प्रयागराज में यात्रा होगी सुरक्षित

    By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sun, 21 Jun 2026 05:12 PM (IST)

    प्रयागराज में यूपीएसआरटीसी 82 इलेक्ट्रिक बसों में स्वचालित अग्नि नियंत्रण प्रणाली लगाएगा, जिससे आग लगने पर यह स्वतः सक्रिय होकर यात्रियों की सुरक्षा स ...और पढ़ें

    यूपीएसआरटीसी की इलेक्ट्रिक बसें। जागरण आर्काइव

    यूपीएसआरटीसी की इलेक्ट्रिक बसें। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. प्रयागराज शहर में बस यात्रियों का सफर आरामदायक होगा

    2. कानपुर में चल रहा ट्रायल सफल रहा तो यहां मिलेगी मंजूरी

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शहर में सफर करने वाले बस यात्रियों की सुरक्षा को लेकर अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) अपनी बसों को हाईटेक सुरक्षा प्रणालियों से लैस करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत बसों में एक विशेष आटोमैटिक फायर कंट्रोल सिस्टम (स्वचालित अग्नि नियंत्रण प्रणाली) लगाया जाएगा। इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बस में आग लगने की घटना को फैलने से पहले ही पूरी तरह रोक दिया जाएगा।

    कानपुर की बसों में चल रहा ट्रायल 

    इस नई तकनीक का शुरुआती ट्रायल अभी कानपुर में कुछ बसों पर किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, जैसे ही कानपुर में चल रहा यह ट्रायल पूरी तरह सफल हो जाएगा और परिवहन निगम मुख्यालय से इसकी अंतिम मंजूरी मिल जाएगी, वैसे ही इसे प्रयागराज की बसों में भी अनिवार्य रूप से लागू कर दिया जाएगा।

    सभी आधुनिक बसों को सुरक्षित होंगी 

    इस योजना के धरातल पर उतरते ही प्रयागराज की सभी आधुनिक बसों को सुरक्षित किया जाएगा। वर्तमान में शहर में दो अलग-अलग विभागों के तहत इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। परिवहन निगम की कुल 32 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हैं। नगर विकास विभाग के अंतर्गत कुल 50 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं।

    हजारों यात्री बेफिक्र होकर सफर कर सकेंगे 

    भविष्य में इन सभी 82 इलेक्ट्रिक बसों में यह आटोमैटिक फायर कंट्रोल सिस्टम लगा दिया जाएगा, जिससे शहर के भीतर रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों का सफर बिल्कुल सुरक्षित हो जाएगा। यह तकनीक पूरी तरह से अत्याधुनिक सेंसर पर आधारित है। बस के अंदर विशेष प्रकार के धुएं और गर्मी को पहचानने वाले सेंसर लगाए जाएंगे, जो लगातार बस के भीतर के माहौल पर नजर रखेंगे।

    खबरें और भी

    तापमान बढ़ते ही एक्शन

    यदि बस के भीतर का तापमान 68 से 70 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता है या कहीं भी कोई चिंगारी निकलती है, तो यह सिस्टम तुरंत अपने आप चालू हो जाएगा।एक्टिव होते ही सिस्टम से पानी की बेहद सूक्ष्म बूंदें (वाटर मिस्ट) तेजी से स्प्रे होंगी। आक्सीजन होगी कम, बुझ जाएगी आग: यह बौछार आग वाली जगह के तापमान को तुरंत नीचे ले आएगी। जैसे ही यह पानी भाप में बदलेगा, वहां आक्सीजन का स्तर कम हो जाएगा और आग तुरंत बुझ जाएगी।

    बस चालक खास बटन दबाकर सिस्टम चालू करेंगे

    आपातकालीन स्थिति में बस ड्राइवर भी एक खास बटन दबाकर इसे चालू कर सकता है। लेकिन अगर किसी वजह से ड्राइवर बटन नहीं दबा पाता है, तो भी घबराने की जरूरत नहीं है। यह सिस्टम बिना किसी इंसानी मदद के, अपने आप ही खतरे को भांपकर आग बुझाने का काम शुरू कर देता है।

    नई बसों में यह सिस्टम पहले से लगा है

    प्रयागराज क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक रवींद्र कुमार सिंह के अनुसार, मुख्यालय से हरी झंडी मिलते ही इस तकनीक को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जो नई बसें आ रही हैं, उनमें यह सिस्टम पहले से लगा हुआ है, जबकि पुरानी बसों में इसे अलग से फिट (रैट्रोफिट) किया जाएगा।

    यह भी पढ़ें- तंबाकू मुक्त बनेंगे स्कूल, गुटखा का पाउच मिलने पर मिलेगी नोटिस; प्रयागराज में बेसिक शिक्षा विभाग सख्त

    यह भी पढ़ें- Census 2027 : जनगणना का प्रथम चरण प्रयागराज में पूरा, 12.14 लाख मकानों व 71 लाख लोगों के निवास का आंकड़ा आया सामने