Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    कलेजे के टुकड़ों को भीषण आग से बचाने के लिए खुद दे दी जान, एक-एक कर चारों बच्चों को सुरक्षित दूसरे की छत पर पहुंचाया था

    By rajendra yadav Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sun, 17 May 2026 03:27 PM (IST)

    प्रयागराज के नैनी में भीषण आग से अपने चार बच्चों को बचाने के दौरान एक मां, अर्चना, ने अपनी जान गंवा दी थी। सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि कैसे उन्होंने बच ...और पढ़ें

    प्रयागराज के नैनी में आग लगने के बाद मासूम बेटे राघव को चादर में लपेटकर पड़ोसी की ओर उछालती अर्चना। वीडियो ग्रैब

    प्रयागराज के नैनी में आग लगने के बाद मासूम बेटे राघव को चादर में लपेटकर पड़ोसी की ओर उछालती अर्चना। वीडियो ग्रैब

    HighLights

    1. चार दिन बाद फुटेज आया सामने तो भर आईं लोगों की आंखें

    2. प्लास्टिक गोदाम-घर में लगी आग में महिला की जलकर हुई थी मौत

    3. ह्दयविदारक घटना प्रयागराज के नैनी में 12 मई की रात हुई 

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। पुराने नैनी बाजार में 12 मई की रात करीब नौ बजे प्लास्टिक के गोदाम और फिर मकान में लगी आग से 35 वर्षीय अर्चना पत्नी संजीव की मौत हो गई थी। घटना के चार दिन बाद शनिवार को  इस पूरे घटनाक्रम का सीसीटीवी फुटेज सामने आया। उसमें अर्चना कैसे अपनी दो बेटियों व एक बेटे व एक भतीजे को बचा रही है, सब कुछ दिखा।

    सभी बच्चों को पड़ोसी की छत पर सकुशल पहुंचाया

    अर्चना एक-एक कर चारों बच्चों को सुरक्षित दूसरे की छत पर पहुंचा दिया, जबकि खुद काल के गाल में समा गई। इन फुटेजों को लोेगों ने देखा तो उनकी आंखें भर आईं। अर्चना की बहादुरी को सभी ने सलाम करते हुए कहा कि कलेजे के टुकड़ों को बचाने के लिए खुद अपनी जान की परवाह नहीं की।

    तीन भाई प्लास्टिक सामानों के कारोबारी 

    नैनी गांव निवासी रामलाल के पुत्र रविंद्र, संजीव और राजू का परिवार पुरानी बाजार में एक ही मकान में रहते हैं। तीनों परिवार का संयुक्त रूप से प्लास्टिक के सामानों का कारोबार है। तीन मंजिला मकान के बेसमेंट में गोदाम बनाया गया था, जिसमें प्लास्टिक के सामान रखे गए थे। जबकि ऊपरी तलों पर तीनों भाइयों का परिवार रहता था।

    धुएं से दम घुटने से अर्चना की हुई थी मौत 

    12 मई की रात गोदाम फिर मकान में भीषण आग लग गई थी। इसमें अर्चना की धुएं से दम घुटने से मौत हो गई थी। शनिवार को इस पूरे घटनाक्रम का सीसीटीवी फुटेज सामने आया। इसमें नजर आ रहा है कि परिवार के सदस्य सरिता, ओम, परम, संजीव, राजू, रुचि, गौरी सुरक्षित बाहर निकाल आए थे, जबकि अर्चना पत्नी संजीव पुत्री प्रियांशी, शिवान्या व पुत्र राघव और भतीजे लव के साथ मकान में फंस गई थी।

    खबरें और भी

    अर्चना ने अपने बच्चों और भतीजे की जान बचाई

    अर्चना चारों बच्चों को लेकर छत पर पहुंचीं। सामने मकान में रहने वाले पड़ोसी अपनी छत पर आ गए। बीच में गली थी, इसलिए पड़ोसी की छत पर जाना आसान नहीं था। अर्चना ने अपने डेढ़ वर्ष के बेटे राघव को चादर में लपेटा और पड़ोसी की तरफ उछाल दिया। पड़ोसी ने बच्चे को पकड़ लिया और सुरक्षित छत पर रखा। इसी बीच अर्चना की नजर छत पर रखी सीढ़ी पर पड़ी तो वह उसे उठा लायी और उसे पड़ोसी की छत पर लगाते हुए 13 वर्षीय पुत्री प्रियांशी, 10 वर्षीय शिवान्या व सात वर्षीय भतीजे लव को सुरक्षित दूसरे छोर पर पहुंचा दिया। इसी आपाधापी और धुएं के गुबार के कारण अर्चना अचेत होकर गिर पड़ी। बाद में फायरकर्मियों ने पड़ोसी की छत से जैसे-तैसे उसे बाहर निकालकर अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    यह भी पढ़ें- प्रयागराज में बड़ा हादसा, गंगा में नहाने गए दो सगे भाई गहरे पानी में समा गए, एक को बचाने में दोनों डूबे, तलाश जारी

    यह भी पढ़ें- बमबाजी व मारपीट के आरोप में 13 छात्र नामजद, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के दो छात्रावासों में हुए बवाल में बड़ी कार्रवाई