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HIV संक्रमितों की संख्या प्रयागराज में बढ़ी, चौंकाने वाले आंकड़े आने के बाद पांच ब्लॉक हाई रिस्क जोन घोषित

By Gyanendra Singh Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Wed, 26 Aug 2026 06:03 PM (IST)

प्रयागराज में पिछले सात वर्षों में एचआईवी संक्रमण तेजी से बढ़ा है, जिसके चलते पांच ब्लॉक हाई रिस्क जोन घोषित ...और पढ़ें

प्रयागराज में एचआइवी संक्रमण पिछले सात वर्षों में तेजी से बढ़ा है, खासतौर पर पांच ब्लॉकों में।

प्रयागराज में एचआइवी संक्रमण पिछले सात वर्षों में तेजी से बढ़ा है, खासतौर पर पांच ब्लॉकों में।

HighLights

  1. महानगरों से लौटे लोगों फैला संक्रमण, अब बड़े स्तर पर चलाया जाएगा जागरूकता अभियान

  2. सेल्फ रिस्क असेसमेंट टूल स्कैन कर अपना एचआइवी रिस्क स्टेटस पता करने पर विशेष जोर

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जनपद में एचआइवी संक्रमण पिछले सात वर्षों में तेजी से बढ़ा है। खासतौर पर पांच ब्लॉकों फूलपुर, सोरांव, कोरांव, हंडिया व शंकरगढ़ में संक्रमण तेजी से बढ़ने से इसे हाई रिस्क जोन घोषित कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ऐसे क्षेत्रों को संक्रमण की तीव्र गति या अधिक प्रसार के आधार पर इस श्रेणी में रखता है।

जिस क्षेत्र में एचआइवी पाजिटिव मामलों की संख्या तेजी से बढ़ती है या संक्रमण का खतरा अधिक होता है, वही हाई रिस्क जोन होते हैं। इन ब्लॉकों के 200 गांवों में बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। यहां सेल्फ रिस्क असेसमेंट टूल स्कैन कर लोगों को एचआइवी रिस्क स्टेट पता करने पर जोर दिया जाएगा।

इन ब्लाकों में प्रवासियों के चलते एचआइवी संक्रमितों की संख्या बढ़ना बताया गया है। महानगरों में नौकरी करने गए लोग जब गांव में लौटे तो उनके माध्यम से संक्रमण बढ़ गया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी हुई तो रिपोर्ट उच्चाधिकारियों के सामने रखी गई। अब इन ब्लाकों के गांवों से लेकर बाजारों व कस्बों में बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है।

एचआइवी/एड्स विषयक सघन जागरूकता अभियान की सभी गतिविधियों के आयोजन के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। इसके लिए डीएम मनीष कुमार वर्मा ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। प्रभावित गावों व कस्बों में जिला एड्स नियंत्रण विभाग की ओर से खुली बैठक कराई जाएगी।

गांवों में जांच को प्रोत्साहित करने के लिए नाको, भारत सरकार द्वारा जारी सेल्फ रिस्क असेसमेंट टूल का अधिकाधिक प्रचार कराने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के साथ ही आशा वर्कर तथा अन्य सरकारी स्टाफ को जिम्मेदारी दी गई है। टूल के क्यूआर कोड को स्कैन करते हुए रिस्क स्टेटस पता कर सकते हैं।इसके साथ ही हाई रिस्क जोन में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी, जिनकी मजिस्ट्रेटों द्वारा निगरानी कराई जाएगी।

जनपद के पांच ब्लॉकों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग व एड्स नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए है। चिकित्सकों, स्टाफ के साथ ही स्वास्थ्य विभाग व राजस्व अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- मनीष कुमार वर्मा, डीएम

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