प्रयागराज नगर निगम की लापरवाही, एक ही मकान का नंबर दो लोगों के नाम जारी किया, हजारों गृहस्वामी परेशान
प्रयागराज नगर निगम की लापरवाही से हजारों भवन स्वामी परेशान हैं क्योंकि एक ही मकान नंबर दो अलग-अलग व्यक्तियों के नाम जारी कर दिए गए हैं। इससे गृहकर भुग ...और पढ़ें

प्रयागराज नगर निगम की फाइल फोटो।
HighLights
मकान नंबरों में डुप्लीकेसी की शिकायत के बाद भी समस्या बनी है
निगम की गलती से तीन से चार हजार भवनों के नंबर में है गड़बड़ी
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा शहर के हजारों भवन स्वामी भुगतने को मजबूर हैं। कोई गृहकर की विसंगति को लेकर परेशान है तो कोई बिल जाम करने के बाद बकाया बिल आने से नाराज है। इन दोनों में सबसे अलग और हैरान करने वाला मामला प्रकाश में आ रहा है जो मकान नंबरों के डुप्लीकेसी का है जिसे दूर करने में नगर निगम के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल रहे हैं।
समस्या का नहीं हो पा रहा समाधान
परेशान भवन स्वामी हर दिन नगर निगम के जोनल कार्यालय और मुख्यालय के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उसका समाधान नहीं हो रहा है। एक ही मकान का नंबर दो अलग-अलग व्यक्तियों के नाम से जारी कर दिया जा रहा है, जिससे भवन स्वामी हैरान और परेशान हो रहे हैं। आपसी विवाद की स्थित भी उत्पन्न होने लगी है।
राधेश्याम का मकान नंबर विमलेश को भी एलाट
शहर में अल्लापुर के रहने वाले राधेश्याम पटेल मकान संख्या 246/ 69 ए इन्हीं के मकान नंबर पर विमलेश के नाम से मकान नंबर जारी कर दिया गया है। विमलेश तो इसी नंबर पर हर वर्ष 12 हजार रुपये गृहकर जमा कर रहे हैं। राधेश्याम का बिल नहीं जमा हो रहा है। गाढ़ी कमाई से खरीदी गई जमीन पर दूसरे व्यक्ति का नाम आ जाने से जो चिंता बढ़ रही है सो अलग। राधेश्याम बताते हैं कि चार वर्ष से गृहकर नहीं जमा करने से लगभग 48 हजार रुपये गृहकर बकाया हो गया है।
यहां भी एक मकान का नंबर दो लोगों के नाम
इसी तरह से दीपिका अग्रवाल मकान नंबर 213 सी /5डी बाघंबरी स्कीम,अर्चना तिवारी 214 /4 ए गंगा विहार कालोनी ट्रांसपोर्ट नगर,28बी/ 8 सी सत्यनाराय यह पांच नाम नगर निगम कर निर्धारण विभाग की लापरवाही बताने के लिए बानगी भर है। इसी तरह से शहर में तीन से चार हजार भवनों के नंबर दो अलग-अलग लोगों को जारी कर दिया गया है।
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विभागीय लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे लोग
विभागीय लापरवाही का खामियाजा भवन स्वामी भुगतने को मजबूर हैं। अपनी गाढ़ी कमाई का एक एक रुपया जाम करके जमीन खरीदने के बाद सिर छिपाने के लिए एक मकान बनवाने के बाद अब निगम की लापरवाही से उसी जमीन पर दूसरे व्यक्ति के नाम से वहीं मकान नंबर जारी हो जाने से भवन स्वामी अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं।
शिकायत के बाद भी समस्या बरकरार
मेहंदौरी के राजपति, दरियाबाद के रसूल अहमद और राजापुर के दिनेश कुमार ने बताया कि हमारे मकान का दो नंबर जारी कर दिया गया है। लिखित में भी शिकायत किया लेकिन सुधार नहीं किया गया है। डुप्लीकेसी में सुधार न किए जाने से हम गृह और जलकर नहीं जमा कर पा रहे है।
नगर निगम की ओर से मकान नंबरों में आई विसंगतियों को प्राथमिकता से दूर किया जा रहा है। किस कारण से ऐसा हुआ है मामले को लेकर संबंधित क्षेत्र के कर अधीक्षकों से जवाब लिया जाएगा। आवेदन करने में चंद दिनों में डुप्लीकेसी की समस्या समाप्त हो जाएगी।
- संजय ममगई, मुख्यकर निर्धारण अधिकारी, नगर निगम प्रयागराज।