एयरपोर्ट रोड की तरह लुभाएगा एमजी मार्ग व थार्नहिल रोड, पार्किंग-प्रकाश की बेहतर व्यवस्था व सफर आरामदायक होगा
प्रयागराज में एमजी मार्ग, थार्नहिल रोड और झूंसी का अंदावा मार्ग एयरपोर्ट रोड की तर्ज पर विकसित किए जाएंगे। इस परियोजना में 20 हजार पौधे लगाए जाएंगे, क ...और पढ़ें

एयरपोर्ट रोड, प्रयागराज। जागरण आर्काइव
HighLights
झूंसी में अंदावा मार्ग को भी आकर्षक सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा
पर्यावरण सुरक्षा के लिए तीनों मार्गों के किनारे लगाए जाएंगे 20 हजार पौधे
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शहर के लोगों के लिए अच्छी खबर है। सिविल लाइंस की दो तथा विस्तारित क्षेत्र की एक सड़क का कायाकल्प एयरपोर्ट रोड की तर्ज पर किया जाएगा। पर्यावरण सुरक्षा के लिए जहां तीनों सड़कों पर 20 हजार से अधिक पौधे रोपे जाएंगे, वहीं मार्ग प्रकाश के लिए केबल को अंडर ग्राउंड किया जाएगा।
झूंसी के अंदावा मार्ग पर भी आरामदायक होगा सफर
सिविल लाइंस में महात्मा गांधी (MG) मार्ग और थार्नहिल रोड को बेहतर किया जाएगा। इसी प्रकार विस्तारित क्षेत्र में झूंसी के अंदावा मार्ग को आकर्षक सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। तीनों सड़कों के किनारे 500-500 मीटर की दूरी पर पार्किंग का व्यापक बंध रहेगा। सड़कों के किनारे दीवारों पर रामचरित मानस की चौपाइयां भी अंकित कराई जाएंगी।
300 करोड़ से तीन फेज में होगा कार्य
सड़कों को दुरुस्त करने का काम तीन फेज में किया जाएगा। 300 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की जाएगी। निगम की ओर से दावा किया जा रहा है कि मानसून मौसम के बाद यानी नवंबर से सड़कों को संवारने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सड़कों के किनारे जल निकासी के लिए अंडर ग्राउंड नाला बनाया जाएगा।
एक वर्ष में चकाचक होंगी सड़कें
मार्ग प्रकाश के लिए बिजली की केबल भी अंडर ग्राउंड रहेगा। तीनों सड़कों को मिलाकर 15 किलोमीटर से अधिक दूरी पर विकास कार्य होंगे। चौराहाें पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और देवी-देवताओं की आकर्षक प्रतिमाएं लगाई जाएगी। एक वर्ष के भीतर सभी सड़कों का निर्माण पूरा किया जाएगा।
खबरें और भी
नगर निगम की ओर से शहर की तीन सड़कों को एयरपोर्ट रोड की तरह संवारने का विचार किया जा रहा है। तीनों सड़कों को बेहतर करने के लिए जल्द ही डीपीआर बनाया जाएगा। सब कुछ सही रहेगा तो पांच माह में निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
- दिनेश चंद्र सचान, मुख्य अभियंता, नगर निगम, प्रयागराज।