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प्रयागराज-मुंबई रूट पर मूसलाधार बारिश से पटरियां पानी में डूबी, दो मालगाड़ी फंसी; डेढ़ घंटे ठप रहा रेल संचालन

By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sat, 29 Aug 2026 05:04 PM (IST)

मूसलाधार बारिश के कारण प्रयागराज-मुंबई रेल मार्ग पर चितहरा स्टेशन के पास पटरियां जलमग्न हो गईं, जिससे डेढ़ घंटे तक ...और पढ़ें

HighLights

  1. एनसीआर के मानिकपुर-सतना रेलखंड पर चितहरा रेलवे स्टेशन के निकट पटरियां पानी से जलमग्न

  2. चितहरा के पास जलभराव वाले हिस्से में दो मालगाड़ियां फंस गईं, लोको पायलटों ने बनाया वीडियो

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शनिवार सुबह मानसूनी आफत ने प्रयागराज-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर यात्रियों और रेल प्रशासन दोनों की मुश्किलें बढ़ा दीं। मूसलाधार बारिश के चलते उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के मानिकपुर-सतना रेलखंड स्थित चितहरा रेलवे स्टेशन के निकट पटरियां पूरी तरह जलमग्न हो गईं। अप और डाउन दोनों लाइनों पर पानी भर जाने से इस व्यस्त रेल मार्ग पर लगभग डेढ़ घंटे तक ट्रेनों का पहिया थमा रहा।

अलर्ट जारी होते ही हरकत में आया रेलवे प्रशासन

सुबह करीब साढ़े आठ बजे जब चितहरा स्टेशन के आसपास रेल पटरियां पानी में समा गईं, तब पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय जबलपुर ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए प्रयागराज मंडल के कंट्रोल रूम को आपात स्थिति से अवगत कराया। ट्रैक पर जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंचने की सूचना मिलते ही अधिकारियों ने दुर्घटना की आशंका को देखते हुए मुंबई रूट पर अग्रसर तमाम ट्रेनों को जहां-तहां रोकने का निर्देश जारी कर दिया।

कौन ट्रेन किस स्टेशन पर रोकी गईं?

यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रेल प्रशासन ने कई लंबी दूरी की एक्सप्रेस गाड़ियों को नजदीकी स्टेशनों पर ही नियंत्रित कर लिया।
आनंद विहार–रीवा एक्सप्रेस (12428): मानिकपुर स्टेशन पर रोका गया।
राजेंद्र नगर–लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस (13201): डभौरा स्टेशन पर खड़ी की गई।
दरभंगा–पुणे एक्सप्रेस (11304): बरगढ़ स्टेशन पर रोकी गई।
पटना–डॉ. अंबेडकरनगर स्पेशल (09344): शंकरगढ़ रेलवे स्टेशन पर ठहराव दिया गया।

पानी से भरे ट्रैक पर दो मालगाड़ी फंसी

संकट उस समय और गंभीर हो गया जब चितहरा के पास जलभराव वाले हिस्से में दो मालगाड़ियां फंस गईं। उनके लोको पायलटों ने तुरंत पटरियों पर बहते पानी का वीडियो बनाकर कंट्रोल रूम को भेजा और स्थिति की गंभीरता बताई। इसके बाद तकनीकी टीम के निर्देश पर बेहद धीमी गति (कॉशन) से दोनों मालगाड़ियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

10 बजे के बाद बहाल हुआ आवागमन

इंजीनियरिंग विंग की मुस्तैदी और बारिश थमने के बाद सुबह 10 बजे तक पटरियों से पानी उतर गया। ट्रैक की सघन जांच के बाद ट्रेनों का संचालन फिर से सामान्य कर दिया गया। उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) डॉ. शिवम शर्मा ने स्पष्ट किया कि भारी बारिश के कारण सुरक्षा कारणों से रेल यातायात को अस्थायी रूप से रोका गया था। ट्रैक से पानी हटते ही ट्रेनों को गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया और अब स्थिति पूरी तरह सामान्य है।

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