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    प्रयागराज के नैनी से मानिकपुर तक सभी रेलवे स्टेशनों पर बनेंगे आधुनिक पैदल मार्ग, यात्रियों को होगी सुविधा

    By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Fri, 26 Jun 2026 01:27 PM (GMT+05:30)

    उत्तर मध्य रेलवे नैनी से मानिकपुर तक के स्टेशनों पर 5.59 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक पैदल मार्ग बनाएगा। यह परियोजना यात्रियों को सुरक्षित और सुगम आव ...और पढ़ें

    प्रयागराज का नैनी रेलवे स्टेशन। जागरण

    प्रयागराज का नैनी रेलवे स्टेशन। जागरण

    HighLights

    1. एक से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने में परेशानी नहीं होगी 

    2. उत्तर मध्य रेलवे की 5.59 करोड़ रुपये की योजना मंजूर

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) ने रेल यात्रियों के सफर को अधिक सुगम, सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। रेलवे प्रशासन ने प्रयागराज के नैनी से मानिकपुर रेल खंड के अंतर्गत आने वाले विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक पैदल मार्ग (पाथवे) के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से हजारों दैनिक और दूरदराज के यात्रियों को एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ेगी।

    इन स्टेशनों की बदलेगी सूरत, यात्रियों को मिलेगी राहत

    रेलवे से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस विशेष योजना के दायरे में इस रूट के सभी प्रमुख और छोटे स्टेशनों को शामिल किया गया है। आने वाले समय में नैनी, कैमहरिया, मेजारोड, उरुवा रोड, लोहगरा, भरवारी, शंकरगढ़, जारी, डाभौरा, कटैया दंडी, बदवार कलां, बरगढ़ और पहाड़ी मानिकपुर रेलवे स्टेशन पर बेहतर पैदल मार्गों का निर्माण किया जाएगा।

    बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को अधिक सुविधा 

    अक्सर देखा जाता है कि छोटे स्टेशनों पर रैंप या व्यवस्थित रास्तों की कमी के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भारी सामान के साथ पटरियों को पार करना पड़ता है, जो बेहद खतरनाक होता है। अब इस नई सुविधा से यात्रियों को स्टेशन परिसर में सुरक्षित आवाजाही का एक बेहतरीन विकल्प मिलेगा।

    5.59 करोड़ का बजट और 12 माह में निर्माण का लक्ष्य

    उत्तर मध्य रेलवे इस पूरी बुनियादी ढांचा परियोजना पर लगभग 5,59,44,495.07 (करीब 5.59 करोड़ रुपये) खर्च करने जा रहा है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता और गति को बनाए रखने के लिए रेलवे ने इसकी समय-सीमा भी तय कर दी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद, इस पूरे कार्य को समाप्त करने के लिए 12 महीने (एक वर्ष) का लक्ष्य रखा गया है। यानी अगले एक साल के भीतर इस रूट के सभी चिन्हित स्टेशनों पर यात्रियों को यह आधुनिक सुविधा मिलने लगेगी।

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    सुरक्षा के साथ सुगम होगा आवागमन 

    इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य न केवल यात्रियों को सुविधा देना है, बल्कि रेलवे ट्रैक पर होने वाली दुर्घटनाओं को पूरी तरह से रोकना भी है। नए बनने वाले ये पैदल मार्ग आधुनिक डिजाइन के होंगे, जो बारिश या कड़कड़ाती धूप में भी यात्रियों को सुरक्षित रास्ता प्रदान करेंगे। इसके अलावा, व्हीलचेयर का उपयोग करने वाले दिव्यांगजनों और बीमार यात्रियों के लिए भी यह मार्ग काफी मददगार साबित होंगे। इस विकास कार्य से न केवल यात्रा का अनुभव बदलेगा, बल्कि छोटे स्टेशनों पर सुविधाओं का स्तर भी बड़े शहरों के स्टेशनों जैसा हो जाएगा।

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