प्रयागराज के मांडा में एमडी ड्रग फैक्ट्री सील, तस्करों ने फूल की खेती को ली थी जमीन; चारों तरफ जंगल से सुरक्षित है स्थान
प्रयागराज के मांडा क्षेत्र में मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा पकड़ी गई एमडी ड्रग फैक्ट्री को पुलिस ने सील कर दिया ...और पढ़ें

प्रयागराज के मांडा स्थित कोसड़ा कला के जंगल में इसी एमडी ड्रग फैक्ट्री को पुलिस ने सील किया। जागरण
HighLights
एक बीघा जमीन का 11 माह के लिए 20 हजार रुपये में कराया था एग्रीमेंट
मांडा में मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने बरामद किया था 53 किलो एमडी ड्रग
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। यमुनापार स्थित मांडा क्षेत्र के कोसड़ा कला गांव में पकड़ी गई मादक पदार्थ एमडी (मेथामफेटामाइन) ड्रग फैक्ट्री शुक्रवार को पुलिस ने सील कर दिया। इसके पहले सुबह मौके पर पहुंचे एसीपी मेजा व इंस्पेक्टर मांडा ने गहन पड़ताल की। ग्रामीणों से पूछताछ की तो पता चला कि ड्रग तस्करों ने फूल की खेती के लिए जनवरी में जमीन ली थी। एक वर्ष के लिए जमीन मालिक से एग्रीमेंट भी करवाया था।
मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने किया था भंडाफोड़
तीन सितंबर को दिन में मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम भदोही के रहने वाले रजनीश मिश्रा और शिवधन मिश्रा को लेकर कोसड़ा कला गांव पहुंची थी। यहां दस बिस्वा जमीन के कुछ हिस्से में बनाए गए एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। ठीक 52 किलो 932 ग्राम एमडी के साथ ही इसे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न रसायन और लैब उपकरण बरामद किए थे।
कई राज्यों से 21 आरोपित गिरफ्तार हुए हैं
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया था कि मुंबई के नालासोपारा, मुंबई, कल्याण, नेरुल, जलगांव, गुजरात और उप्र से अब तक 21 आरोपितों को गिरफ्तार करते हुए 69 किलो 759 ग्राम एमडी बरामद की जा चुकी है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 139 करोड़ रुपये है। तीन सितंबर की शाम को मांडा पुलिस और जिले के अधिकारियों को इसकी जानकारी हुई तो खलबली मच गई थी।
आज सुबह पुलिस ने सील की ड्रग फैक्ट्री
शुक्रवार सुबह एसीपी मेजा बृजेश पाठक और प्रभारी निरीक्षक मांडा कुलदीप शर्मा मौके पर पहुंचे। जांच-पड़ताल करते हुए ग्रामीणों से बातचीत की। एसीपी बृजेश पाठक ने बताया कि ड्रग फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। कोसड़ा कला गांव में जिस जमीन पर फैक्ट्री संचालित हो रही थी, वह जमीन गांव के सुरेंद्र प्रताप सिंह की है।
भदोही के रजनीकांत तिवारी ने जमीन ली थी
इस जमीन को फूल की खेती करने के लिए रोटी, खानपुर वहीदा जिला भदोही के रजनीकांत तिवारी ने इसी वर्ष 10 जनवरी को 11 माह के लिए 20 हजार रुपये एक बीघा जमीन का एग्रीमेंट करवाया है। लगभग 10 बिस्वा जमीन में एक माह पहले गेंदे की खेती करवाई थी। हालांकि स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले वर्ष दिसंबर से ही फैक्ट्री बनाने का काम शुरू हो गया था।
तीन तरफ जंगल से घिरी है फैक्ट्री
अवैध ड्रग फैक्ट्री तीन तरफ से जंगल से घिरी है। फैक्ट्री तक आवागमन के लिए पगडंडी है, जो जंगल के बीच से होकर गुजरती है। चार व दो पहिया वाहन फैक्ट्री तक नहीं पहुंच सकती। दिन के समय ही फैक्ट्री तक पहुंचना बहुत कठिन काम है। ग्रामीणों ने बताया कि ड्रग फैक्ट्री जंगल और वीरान जगह पर है, जिस कारण आसपास सिर्फ चरवाहे अपने मवेशियों को चराने के लिए जाते थे।
दिन में गेट पर ताला बंद रहता था, रात में होता था काम
यहां ग्रामीणों का आना-जाना नहीं होता था। पूछने पर फूल की खेती की बात बताई जाती थी। दिन के समय बाहर के गेट पर ताला बंद रहता था। रात के समय ही काम होता था। वहीं, मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा इतनी बड़ी कार्रवाई करना और मांडा पुलिस को इसकी जानकारी न देना भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
