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Indian Railways News : कोच मेंटेनेंस और बेडरोल की बढ़ गई 47 गुना शिकायतें, चौंकाने वाली है RTI से मिली जानकारी

By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Mon, 24 Aug 2026 10:01 PM (IST)Updated: Tue, 25 Aug 2026 12:44 PM (IST)

Prayagraj Railway News प्रयागराज और कानपुर मंडलों में रेलवे यात्रियों की शिकायतें 2019-20 से 2025-26 तक 47 गुना बढ़ गई ...और पढ़ें

वर्ष 2025-26 में प्रयागराज डिपो में कोच मेंटेनेंस की 4,097 व बेडरोल की 1,926 शिकायतें आईं।

वर्ष 2025-26 में प्रयागराज डिपो में कोच मेंटेनेंस की 4,097 व बेडरोल की 1,926 शिकायतें आईं।

HighLights

  1. 2019-20 में प्रयागराज 184 और कानपुर में 34 शिकायतें यात्रियों ने दर्ज कराई थी 

  2. 2025-26 में प्रयागराज में 8458, कानपुर में 1913 पहुंचा शिकायतों का आंकड़ा

अमरीश मनीष शुक्ल, प्रयागराज। Railway Passenger Complaints ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। वर्ष 2019-20 की तुलना में वर्तमान वर्ष की शिकायतें देखें तो 47 प्रतिशत का उछाल आया है। सूचना के अधिकार (आरटीआइ) के तहत मिली आधिकारिक जानकारी से यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि प्रयागराज मंडल में रेल यात्रियों की असुविधाओं और शिकायतों का पहाड़ खड़ा हो गया है।

आरटीआई के आंकड़े 

दैनिक जागरण के संवाददाता द्वारा उत्तर मध्य रेलवे, मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय (यांत्रिक शाखा, प्रयागराज) से मांगी गई आरटीआई जानकारी के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2019-20 में प्रयागराज (184) और कानपुर (34) डिपो को मिलाकर कुल 218 शिकायतें दर्ज हुई थीं। वहीं वर्ष 2025-26 तक आते-आते यह आंकड़ा रिकार्ड 10,371 (प्रयागराज में 8,458 और कानपुर में 1,913) पर पहुंच गया।

कोरोना काल में भी 117 शिकायतें मिली थीं

यानी यात्री शिकायतों में करीब 47.5 गुना की भारी वृद्धि हुई है। कोरोना काल (2020-21) में सीमित ट्रेन संचालन के दौरान भी 117 शिकायतें मिली थीं, लेकिन इसके बाद यह ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ता गया। वर्ष 2021-22 में 769, वर्ष 2022-23 में 3,894, वर्ष 2023-24 में 5,758 और वर्ष 2024-25 में 5,936 कुल शिकायतें दर्ज की गईं।

यात्रियों के गुस्से की क्या है वजह?

विभागीय आंकड़ों से साफ है कि कोच मेंटेनेंस-जैसे एसी का ठप होना, बायो-टायलेट की दुर्गंध, टूटी सीटें, पंखे-लाइट की खराबी और बेडरोल (चादर, कंबल, तकिया) की बदहाल स्थिति यात्रियों के गुस्से की मुख्य वजह है। वर्ष 2025-26 में अकेले प्रयागराज डिपो में कोच मेंटेनेंस की 4,097 और बेडरोल की 1,926 शिकायतें आईं, जबकि कानपुर डिपो में कोच मेंटेनेंस की 1,032 और बेडरोल की 881 शिकायतें दर्ज की गईं।

यात्री सुविधाओं में सुधार के बाद भी यह हाल...

Railway Passenger Complaints यात्री सुविधाओं में ढेरों सुधार के बाद भी पूर्व वर्षों की अपेक्षा यात्रियों की संख्या बढ़ना, शिकायत के लिए नए-नए विकल्प जैसे इंटरनेट मीडिया, 139 काल, रेल मदद एप आदि मिलना भी इस उछाल का बड़ा कारण हैं। आरटीआइ के तहत पूछे गए निस्तारण और कार्रवाई संबंधी सवालों पर रेल प्रशासन ने महज औपचारिक जवाब कि 'सभी शिकायतें बंद कर दी गईं' और 'ठेकेदारों के खिलाफ अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्रवाई की गई है'। हालांकि रेलवे जुर्माना या ब्लैकलिस्टिंग की कोई संख्या नहीं बता सका।

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