पानी से लबालब प्रयागराज रामबाग स्टेशन का रेल ट्रैक देख NER के GM ने ने पूछा सवाल...पानी-पानी हुए अफसर, जवाब न दे सके
पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक प्रभाष दनसाना ने प्रयागराज रामबाग स्टेशन पर 5 दिनों से जलमग्न पटरियों का निरीक्षण किया और ...और पढ़ें

प्रयागराज के रामबाग स्टेशन का निरीक्षण करते एनईआर के महाप्रबंधक प्रभाष दनसाना व रेलवे के अन्य अधिकारी। जागरण
HighLights
प्लेटफार्म संख्या एक से लेकर तीन तक पटरियों पर 5 दिनों से भरा पानी देख बिफरे जीएम
कहा- महाकुंभ में करोड़ों खर्च व हर वर्ष ड्रेनेज पर लाखों का बजट, फिर बदहाली क्यों?
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। पांच दिनों से प्लेटफार्म संख्या एक से लेकर तीन तक पानी में डूबी पटरियां, गायब हुए सिग्नल-उपकरण और चारों तरफ दुर्गंध के बीच शुक्रवार को प्रयागराज रामबाग रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) के महाप्रबंधक (जीएम) एवं आरडीएसओ महानिदेशक प्रभाष दनसाना पहुंचे। प्लेटफार्म एक पर पहुंचने के बाद उन्होंने सीधे पानी की तरफ इशारा करते हुए डीआरएम आशीष जैन और इंजीनियरिंग अफसरों की क्लास लगा दी।
जीएम ने मौके पर मौजूद सीनियर डीईएन और निर्माण विभाग के जिम्मेदार अफसरों को आड़े हाथों लेते हुए तल्ख लहजे में पूछा कि कैसे ट्रैक पांच दिन से जलमग्न है। महाकुंभ के दौरान करोड़ों रुपये खर्च होने, हर साल ड्रेनेज सफाई के नाम पर लाखों का बिल पास होने के सवाल पर इंजीनियरिंग विंग के अफसरों के पसीने छूट गए और वे बगलें झांकने लगे।
कालोनी के साथ पटरियों पर तीन फीट पानी होने से सिग्नल और पैनल सिस्टम के खतरे को लेकर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। पूछा कि समय रहते हाई-पावर पंप लगाकर पानी क्यों नहीं निकाला गया। जब उन्हें पता चला कि कार्यालयों के अलावा रेलवे क्वार्टरों में चार-पांच फीट पानी भरा और जहरीले सांप तैरते रहे तो उन्होंने पूछा कि कर्मचारियों के परिवारों के लिए तत्काल रेस्क्यू, पंपिंग और दवाओं का छिड़काव पहले दिन से क्यों नहीं कराया गया?
जीएम के कड़े तेवर देख मौके पर ही अधिकारियों ने अतिरिक्त डीवाटरिंग पंप मंगवाने और मुख्य नालों के ब्लाकेज खुलवाने के निर्देश जारी किए। फिलाहल रामबाग से मऊ, बलिया और बनारस जाने वाली पैसेंजर ट्रेनें 23 अगस्त तक झूंसी से ही संचालित होंगी। जीएम ने जवाबदेही तय करने के साथ स्पष्ट निर्देश दिया कि इस समस्या का स्थायी समाधान करें।
