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प्रयागराज में छिपे हैं संदिग्ध रोहिंग्या व बांग्लादेशी, इनपुट मिलने पर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, सर्च आपरेशन शुरू

By tara chand Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Mon, 20 Jul 2026 07:10 AM (IST)Updated: Mon, 20 Jul 2026 12:39 PM (IST)

प्रयागराज में संदिग्ध रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के करेली, हंडिया व घूरपुर जैसे इलाकों में छिपे होने की सूचना पर सुरक्षा ...और पढ़ें

प्रयागराज में संदिग्ध रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की तलाश सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं। फोटो जागरण आर्काइव

प्रयागराज में संदिग्ध रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की तलाश सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं। फोटो जागरण आर्काइव

HighLights

  1. सबसे अधिक शहर के करेली के झोपड़पट्टी में इनकी मौजूदगी, हंडिया और घूरपुर भी छिपे

  2. संगम नगरी की पुलिस संदिग्ध रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के छिपे होने की बात से अनजान

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। घुसपैठियों के खिलाफ चल रहे व्यापक अभियान के बीच प्रयागराज में भी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पता चला है कि करेली, हंडिया और घूरपुर क्षेत्र में बड़ी संख्या में संदिग्ध रोहिंग्या और बांग्लादेशी छिपे हुए हैं। सबसे ज्यादा करेली क्षेत्र में इनकी मौजूदगी बताई जा रही है। वहां झाेपड़पट्टी बनाकर कुछ सपरिवार तो कुछ अकेले रहते हैं। इनपुट के आधार पर सुरक्षा एजेंसियां सर्च आपरेशन चल रही हैं, लेकिन स्थानीय पुलिस संवेदनशील मामले में भी अनजान बनी हुई है।

घुसपैठियों को बसाने को नकदी व ई-रिक्शा दिया जा रहा

बताया गया है कि घुसपैठियों को बसाने के लिए नकदी और ई-रिक्शा दिया जा रहा है। रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को छिपाने के लिए नए पैटर्न के बारे में पता चला है, जिसके आधार पर कई शहरों में छापेमारी की गई। लखनऊ और सहारनपुर में भी सर्च आपरेशन चलाया गया।

चौंकाने वाले तथ्य सामने आए

सूत्रों का कहना है कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर प्रयागराज शहर से लेकर कस्बे तक जानकारी खंगाली गई तो नए तथ्य सामने आए। पता चला है कि बंगाल, झारखंड समेत कई राज्यों से तमाम लोग यहां अस्थायी रूप से रह रहे हैं।

 प्लास्टिक बीनने आदि का काम कर रहे संदिग्ध 

इसमें अधिकांश हाल-फिलहाल में ही यहां आए हैं, जो मजदूरी, ई-रिक्शा चलाने, दुकानों पर काम करने, खिलौना बेचने और रात को शराब की बोतल, प्लास्टिक बीनने का काम करते हैं। बोली-भाषा, पहनावे सहित दूसरे आधार पर उन्हें संदिग्ध मानते हुए वेरीफिकेशन भी किया जा रहा है।

झोपड़पट्टी वालों के पास बंगाल-झारखंड के आधार कार्ड

सुरक्षा एजेंसियों ने घूरपुर, हंडिया, सैदाबाद पहुंचकर कुछ लोगों के बारे में जानकारी जुटाई। फिर टीम जब करेली थाना क्षेत्र पहुंची तो हड्डी गोदाम के पास झोपड़पट्टी में तमाम युवक, युवतियां रहते हुए मिले। कई के पास बंगाल और झारखंड के आधार कार्ड मिले, जिनका सत्यापन अब वहां से करवाया जाएगा।

पिछले वर्ष करेली में छापेमारी में कई बस्ती छोड़ भागे थे

इससे पहले जून 2025 में तत्कालीन थाना प्रभारी करेली राजेश मौर्या ने टीम के साथ झोपड़पट़्टी में छापेमारी की थी। तब कई युवक के पास से प्रयागराज और झारखंड के आधार, निर्वाचन कार्ड मिले थे। तमाम लोग बस्ती छोड़कर भी भाग गए थे।

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