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    प्रयागराज के साेरांव विधानसभा में विकास कार्य तो हुए पर अपेक्षा के अनुरूप नहीं, विधायक का बता रहा रिपोर्ट कार्ड

    By rajendra yadav Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Fri, 31 Jul 2026 08:24 PM (IST)

    प्रयागराज की सोरांव विधानसभा में विकास कार्य हुए हैं, लेकिन स्थानीय लोगों की अपेक्षा के अनुरूप नहीं। विधायक गीता शास्त्री ने कई मुद्दों पर काम किया है ...और पढ़ें

    प्रयागराज के साेरांव विधानसभा की विधायक का रिपोर्ट कार्ड।

    प्रयागराज के साेरांव विधानसभा की विधायक का रिपोर्ट कार्ड।

    HighLights

    1. जिले की प्रमुख विधानसभा में गंगापार के सोरांव की होती है गिनती

    2. कई मजरों में आज भी बांस-बल्लियों के सहारे ही तार खींचे गए हैं

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जिले की प्रमुख विधासनसभा में गंगापार के सोरांव की गिनती होती है। प्रतापगढ़ जनपद से सटी यह विधासभा काफी महत्वपूर्ण है। यहां विकास कार्यों की अगर बात की जाए तो वह नजर आता है, लेकिन कहीं न कहीं इसमें कसर बाकी है। क्षेत्रीय लोग भी विकास कार्य होने की बात कहते हैं, लेकिन अपेक्षा के मुताबिक नहीं।

    बदहाली से जूझ रही कई सड़कें 

    यहां की मुख्य मार्गों में अधिकांश सड़कें दुरुस्त हैं, लेकिन कई ऐसी सड़कें हैं, जो इस समय बदहाली से जूझ रही हैं। जगह-जगह गड्ढे और उसमें भरा बारिश का पानी लोगों के आवागमन में कठिनाई उत्पन्न कर रहा है। गांवों में इंटरलाकिंग तो हुई है, लेकिन अभी भी कई ऐसे गांव हैं, जहां इंटरलाकिंग का इंतजार है। नाले और नालियों का निर्माण भले ही यहां हुआ हो, लेकिन नियमित सफाई न होने से कई जगह पर यह दुर्दशा की शिकार हो चली हैं।

    शिक्षा के क्षेत्र में यहां काम हुआ, बेहतरी की जरूरत 

    बिजली व्यवस्था की बात की जाए तो यहां विद्युतीकरण में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। हालांकि कई मजरों में आज भी बांस-बल्लियों के सहारे ही तार खींचे गए हैं। ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि न होने से भी लोग परेशान हैं। शिक्षा के क्षेत्र में यहां काम हुआ है। प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति सुधरी जरूर है, लेकिन इसे और बेहतर बनाए जाने की आवश्यकता है।

    सोरांव विधानसभा

    मतदाता : 3,72,562

    पुरुष : 2,01,201

    महिला : 1,71,333

    तृतीय लिंग : 28

    पानी टंकियां बनीं, शुद्ध पानी नहीं मिल सका 

    यहां एक भी खेल मैदान का न होना युवाओं को कहीं न कहीं पीड़ा पहुंचाता है। हालांकि खेल मैदान को लेकर यहां की विधायक ने कई बार विधानसभा में आवाज भी उठाई, लेकिन कोई सार्थक परिणाम नहीं निकल सका। स्वास्थ्य सुविधाओं में भी बदलाव हुआ है, लेकिन आधुनिक मशीनें नहीं लगी हैं। हर घर जल योजना सोरांव तहसील के कई गांवों में ग्रामीणों के लिए राहत के उद्देश्य से लागू की गई थी। जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकियां तो खड़ी कर दी गईं, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को पीने का शुद्ध पानी नसीब नहीं हो सका है।

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    विधानसभा में उठाया स्थानीय मुद्दा  

    विधानसभा में विधायक गीता शास्त्री की उपस्थित की बात की जाए तो वह करीब 95 प्रतिश्त है। उन्होंने हमेशा सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल मैदान आदि का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। कहा गया कि स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होने से लोगों को शहर नहीं जाना पड़ेगा। निजी अस्पतालों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। खेल मैदान होने युवाओं की प्रतिभा में निखार आएगा। मेधावी आगे बढ़ेंगे।

    सोरांव और मऊआइमा ब्लाक क्षेत्र में कई प्रमुख निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। लखनपुर करन से कमालपुर के बीच बसना नाला पर पुल एवं संपर्क मार्ग का निर्माण की स्वीकृति हो चुकी है। ग्राम मलावानपुर-मिसिर पट्टी संपर्क मार्ग का निर्माण कार्य समेत कई सड़कों का निर्माण कार्य कराया गया है और कई का कार्य शीघ्र शुरू होगा। नाले व नालियों का निर्माण कराने के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में काफी कार्य कराए गए हैं। गांवों में इंटरलाकिंग व विद्युतीकरण हुआ है। जहां अभी कार्य अधूरे हैं, उसे भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। बांका जलालपुर में शुद्ध पेयजल के लिए 400 लीटर आरओ वाटर कूलर प्रस्तावित है। भानेमऊ में बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए 63 केवी ट्रांसफार्मर का कार्य भी शीघ्र पूरा होगा। विधानसभा क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटाें का जाल बिछाया गया है। क्षेत्र में खेल मैदान के लिए निरंतर प्रयासरत हूं।
    - गीता शास्त्री, विधायक, सोरांव।

    वर्तमान विधायक गीता शास्त्री ने अपने अब तक के कार्यकाल में क्षेत्र में कोई ठोस विकास कार्य नहीं कराए हैं। चुनाव के दौरान वर्तमान विधायक ने रोजगार का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था, लेकिन मऊआइमा की कटाई मिल आज तक चालू नहीं हो सकी। क्षेत्र की स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीण आज भी बिजली व पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य व सड़क की हालत बदहाल है। गांवों में इंटरलाकिंग या तो है नहीं, अगर है तो उसकी हालत बद से बदतर हो चुकी है।
    - आनंद भारती, पूर्व प्रत्याशी, बसपा।

    लोगों ने बताए हाल 

    सड़कों व संपर्क मार्गों की हालत में पहले की अपेक्षा सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी इसमें और सुधार की जरूरत है। हरिसेनगंज से जमखुरी संपर्क मार्ग लंबे समय से जर्जर हो चुका है। विधायक ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से इसके मरम्मत की बात भी कही, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। इससे ग्रामीणों को आवागगमन में दिक्कत हो रही है।
    - घनश्याम पटेल।

    गांवों में विद्युतीकरण तो किया गय, लेकिन, खंभे दूर-दूर तक लगा दिए गए। इसमें मानकों का उपयोग नहीं किया गया। इसका परिणाम यह हुआ कि लोगों को आज भी बांस-बल्ली के सहारे तार खींचना पड़ रहा है। सबसे खराब हालत तो कई मजरों की है, यहां तो विद्युतीकरण हुआ ही नहीं है। आजज भी यहां के लोग दर-दर भटक रहे हैं।
    - जीत लाल पटेल।

    लोगों को बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं चाहिए। लेकिन आज तक शत प्रतिशत लोगों तक यह सुविधाएं नहीं पहुंच सकी हैं। कई ग्राम सभाओं के मजरों में बिजली व पानी का अभाव बना हुआ है। इंटरलाकिंग व सड़क की बात तो दूर रही। लोग बार-बार शिकायत करते हैं, लेकिन आज तक कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया।
    - बनवारी लाल।

    सोरांव कस्बे में एक भी कूड़ाघर नहीं है। विवशता में लोग ऐतिहासिक रामलीला मैदान परिसर में ही कूड़ा फेंकते हैं। इससे हर तरफ गंदगी फैल जाती है। जल्द भूमि चिह्नित कर कूड़ाघर की व्यवस्था करनी चाहिए। इसके अलावा क्षेत्र की सड़कों व इंटरलाकिंग को दुरुस्त कराने की भी कोशिश की जाने चाहिए, ताकि लोगाें को आवागमन में राहत मिल सके।
    - अभिषेक केसरवानी।