प्रयागराज में बच्चे एशिया की जगह एषिया, स्टेशन को पढ़ रहे स्टेषन
प्रयागराज और बांदा के बेसिक स्कूलों में कक्षा 8 की विज्ञान पुस्तक 'विज्ञान भारती-3' में 'श' की जगह 'ष' जैसे कई वर्तनी दोष मिले हैं। इससे छात्रों में भ ...और पढ़ें

कक्षा आठ में विद्यार्थियों को दी गई पुस्तक में शाब्दिक दोष।
HighLights
कक्षा 8 की विज्ञान पुस्तक में कई वर्तनी दोष।
'श' की जगह 'ष' का प्रयोग छात्रों को भ्रमित कर रहा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नैतिक मूल्यों की जानकारी अधूरी।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। नौनिहालों के भविष्य को सुधारने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग यूं तो कान्वेंट स्कूलों से टक्कर लेने का दावा कर रहा है। अंग्रेजी माध्यम पर भी जोर दिया जा रहा है, जबकि वास्तविकता उलट है। यह विभाग बच्चों को अपनी मातृ भाषा हिंदी के शब्दों को ही ठीक से नहीं पढ़ा पा रहा। इसका उदाहरण बेसिक स्कूलों में कक्षा आठ में पढ़ाई जाने वाली विज्ञान विषय की पुस्तक विज्ञान भारती-3 है।
इसमें कई वर्तनी दोष है। यह पुस्तक बांदा जनपद में परिषदीय स्कूलों में निश्शुल्क बांटी गई है। विज्ञान एवं तकनीकी के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति अध्याय में जिन शब्दों में 'श' होना चाहिए सभी में 'ष' लिखा है। जैसे देश की जगह देष, एशिया की जगह एषिया, स्टेशन की जगह स्टेषन अंकित है। इस तरह के वर्तनी दोष से विद्यार्थी भ्रमित हैं।
विज्ञान भारती भाग तीन में पाठ्यक्रम के साथ मासिक विभाजन, क्यूआर कोड तथा शिक्षण अधिगम (लर्निंग आउटकम) को स्थान दिया गया है। क्यूआर कोड की सहायता से शिक्षक पाठ्यपुस्तक में दी गयी विषयवस्तु के अतिरिक्त टेक्स्ट, आडियो और वीडियो के रूप में उपलब्ध डिजिटल पाठ्य सामग्री को आनलाइन देख सकते हैं। पुस्तक में कुल 22 अध्याय हैं।
पहला पाठ विज्ञान एवं तकनीकी के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति है। इसमें संचार क्षेत्र, शिक्षा में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रक्षा एवं प्रतिरक्षा के क्षेत्र आदि की जानकारी दी गई है। बांदा में जिस पुस्तक का वितरण हुआ है उसमें तत्पश्चात की जगह तत्पष्चात, प्रोपल्शन की जगह प्रोपल्षन, विश्व की जगह विष्व, मिशन के स्थान पर मिषन, अनुशंधान की जगह अनंसंधान अंकित है।
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इस संबंध में बीएसए बांदा अव्यक्त राम तिवारी से जब बात की गई तो उन्होंने जानकारी से इनकार किया। कहा, अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है। ये किताबें राज्य स्तर पर तैयार होती हैं। प्रयागराज मेंं जो विज्ञान की पुस्तक कक्षा आठ के बच्चों को बांटी गई है, उसमें भी अनुशंधान की जगह अनंसंधान, वीडियो की जगह विडियो, हुण्डी की जगह हण्डी जैसे शब्द हैं।
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पेज संख्या 234 पर बताया गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नौ नैतिक मूल्य होते हैं लेकिन वो नौ मूल्य क्या है यह नहीं बताया गया। इसी पेज पर अभ्यास कार्य में प्रश्न पूछा गया है कि- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कोई तीन नैतिक मूल्य बताएं।
अब इस प्रश्न का उत्तर विद्यार्थी या शिक्षक कैसे दे पाएंगे। राष्ट्रीय मेंटर शत्रुंजय शर्मा कहते हैं कि टंकण संबंधी त्रुटि है। शिक्षक कक्षा में अध्यापन के समय शब्दों को सही लिखवा रहे और बोल रहे। यह जरूर है कि छात्र छात्राओं में इस तरह की त्रुटि से भ्रम पैदा होता है।