Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    प्रयागराज के बेली व काल्विन अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं जल्द, माघ मेला 2026 से पूर्व गंभीर मरीजों को मिलेगी राहत

    By Jagran News Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Thu, 11 Dec 2025 01:16 PM (IST)

    प्रयागराज के बेली और काल्विन अस्पताल में अब सुपर स्पेशियलिटी सेवाएँ मिलेंगी, जिससे मरीजों को एसआरएन अस्पताल पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। बेली अस्पताल म ...और पढ़ें

    प्रयागराज के बेली और काल्विन अस्पताल में मरीजों को मिलेगी सुपर स्पेशियलिटी सेवा, माघ मेला 2026 से पूर्व व्यवस्था शुरू होगी।

    प्रयागराज के बेली और काल्विन अस्पताल में मरीजों को मिलेगी सुपर स्पेशियलिटी सेवा, माघ मेला 2026 से पूर्व व्यवस्था शुरू होगी। 

    HighLights

    1. एसआरएन असपताल पर मरीजों की कम होगी निर्भरता, परेशानी  

    2. बेली अस्पताल में 12 बेड के नये आइसीयू की तैयारी हो गई है

    3. काल्विन के ओपीडी कक्ष में गंभीर बीमारियों के विशेषज्ञ डाॅक्टर बैठेंगे

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। आइसीयू और अन्य सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवा के लिए स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय पर निर्भरता शीघ्र ही कम होने वाली है। टीबी सप्रू चिकित्सालय 'बेली अस्पताल' में 12 बेड के नये आइसीयू की तैयारी हो गई है। मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय 'काल्विन' में एक ऐसी ओपीडी का कक्ष निर्धारित किया गया है जिसमें गंभीर बीमारियों के विशेषज्ञ डाॅक्टर बैठेंगे।

    छावनी परिषद अस्पताल के सहयोग से मिलेगी सुविधा 

    दोनों ही अस्पतालों में यह नवीन सुविधा छावनी परिषद सामान्य अस्पताल के सहयोग से माघ मेला से पहले मिलने जा रही है। सुपर स्पेशियलिटी के डाॅक्टर और आइसीयू संचालन के तकनीशियन छावनी अस्पताल उपलब्ध कराएगा।

    दोनों अस्पतालों से गंभीर मरीज एसआरएन रेफर होते हैं

    चिकित्सा सेवाओं में जिस तेजी से विकास हो रहा है, विभिन्न छोटी-बड़ी पैथालाजी में जांच की सुविधाएं होने से बीमारियों की पहचान हो जा रही है, इससे डाॅक्टरों के प्रति लोगों का भरोसा पहले से अधिक बढ़ा है। ज्यादातर सुविधाएं स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में हैं। काल्विन और बेली अस्पताल से गंभीर स्थितियां देख फौरन मरीज को स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया जाता है। इसी स्थिति में बदलाव के आसार देखे जा रहे हैं।

    बेली के आइसीयू में उपलब्ध सभी जरूरी सुविधाएं

    टीबी सप्रू चिकित्सालय यानी बेली अस्पताल के गोमती वार्ड में 12 बेड का आइसीयू बनाया गया है। यह वार्ड ट्रामा सेंटर के ठीक सामने है। किसी आकस्मिक स्थिति में मरीज को ट्रामा सेंटर में लाया जाता है और उसे वेंटिलेटर व अन्य गहन चिकित्सा की जरूरत पड़ेगी तो एसआरएन हास्पिटल भेजने की जरूरत कम से कम पड़ेगी। मरीज को अस्पताल के ही आइसीयू में सुविधा मिल सकेगी। गंभीर बीमारियों, आकस्मिक स्थिति में इलाज के लिए दवाएं भी अस्पताल में ही उपलब्ध कराने का इंतजाम छावनी परिषद सामान्य अस्पताल की तरफ से होगा।

    खबरें और भी

    काल्विन अस्पताल ने की तैयारी

    काल्विन अस्पताल में प्रत्येक दिन लगभग 1300 लोगों की ओपीडी के पंजीकरण होते हैं। इसमें सुपर स्पेशियलिटी सेवा देने के लिए ओपीडी का एक अलग कक्ष तैयार कर दिया गया है। चार बेड का आइसीयू पहले से संचालित है। अस्पतालों में सुपर स्पेशियलिटी सेवा एक रुपये के पंजीकरण में ही मिलेगी। प्रमुख चिकित्साधीक्षक डा. एसके चौधरी ने बताया कि उनकी तरफ से पूरी तैयारी है। ओपीडी का संचालन छावनी अस्पताल के द्वारा शीघ्र ही शुरू किए जाने की सूचना मिली है।

    इन बीमारियों के रहेंगे विशेषज्ञ

    - हृदय रोग
    - मस्तिष्क रोग
    - गैस्टोलॉजिस्ट
    - किडनी रोग

    क्या कहती हैं छावनी परिषद अस्पताल की अधिकारी

    छावनी परिषद सामान्य अस्पताल की मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. वैशाली सिंह का कहना है कि उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से सहमति मिल चुकी है, दोनों ही अस्पतालों में आइसीयू के संचालन समेत सुपर स्पेशियलिटी सुविधा माघ मेला से पहले शुरू की जाएगी। लखनऊ-दिल्ली के डाक्टरों का सहयोग लेते हुए टेलीमेडिसिन व ईआइसीयू की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

    यह भी पढ़ें- UP Roadways Driver Recruitment : 8वीं पास युवाओं के लिए रोडवेज चालक बनने का सुनहरा मौका, घर के पास लगेगा भर्ती मेला