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    प्रयागराज से पूर्वांचल के शहर जाने वाले यात्रियों के लिए जरूरी सूचना, 30 जुलाई से रोडवेज बसों का किराया बढ़ा; क्या है नई दरें?

    By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Thu, 30 Jul 2026 02:42 PM (IST)

    सावन कांवर यात्रा के कारण रूट डायवर्जन से प्रयागराज से पूर्वांचल के शहरों के लिए रोडवेज बसों का किराया 30 जुलाई से बढ़ गया है। यात्रियों को अब बनारस, ...और पढ़ें

    प्रयागराज से पूर्वांचल के शहरों को जाने वाली रोडवेज बसों का किराया बढ़ गया है।

    प्रयागराज से पूर्वांचल के शहरों को जाने वाली रोडवेज बसों का किराया बढ़ गया है।

    HighLights

    1. प्रयागराज से बनारस-गोरखपुर के लिए अब तय करना होगा लंबा रास्ता

    2. सावन में कांवर यात्रा के मद्देनजर रूट डायवर्जन लागू होने से किराया बढ़ा

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। अगर आप प्रयागराज से बनारस, गोरखपुर या पूर्वांचल के अन्य जिलों के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (रोडवेज) बस से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो जरा अपनी जेब का ख्याल रखें और थोड़ा ज्यादा वक्त हाथ में लेकर निकलें। पवित्र सावन माह की कांवर यात्रा के मद्देनजर लागू हुए नए रूट डायवर्जन ने यात्रियों का बजट और समय दोनों बढ़ा दिया है।

    30 जुलाई से बढ़ा किराया लागू 

    सावन में शिवभक्तों और कांवरियों की सुरक्षित व सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने 30 जुलाई से रोडवेज बसों के रूट में बड़ा बदलाव किया है। इस डायवर्जन का सीधा असर रोडवेज बस यात्रियों को यात्रा की दूरी, समय और जेब पर पड़ रहा है।

    शास्त्री पुल बंद, चंद्रशेखर आजाद सेतु ही सहारा

    रूट डायवर्जन के तहत अब प्रयागराज से वाराणसी और गोरखपुर की तरफ जाने वाली रोडवेज बसों का संचालन झूंसी स्थित शास्त्री पुल से पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके बजाय सभी बसों को फाफामऊ स्थित चंद्रशेखर आजाद सेतु के रास्ते से गंतव्य की ओर रवाना किया जा रहा है। रास्ता बदलते ही बसों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे न सिर्फ यात्रा का समय बढ़ गया है, बल्कि दूरी बढ़ने के कारण रोडवेज ने किराये में 12 रुपये से लेकर 28 रुपये तक का इजाफा कर दिया है। 

    वाराणसी रूट

    पहले प्रयागराज से बनारस की दूरी शास्त्री पुल होकर 126 किलोमीटर थी, जो अब फाफामऊ के रास्ते बढ़कर 144 किलोमीटर हो गई है। नतीजतन, किराया 197 रुपये से बढ़कर 225 रुपये हो गया है।

    गोरखपुर रूट

    गोरखपुर जाने वाले यात्रियों को अब 294 किमी की जगह 303 किलोमीटर का सफर तय करना होगा, जिसके लिए किराया 428 रुपये के बजाय 440 रुपये देना पड़ रहा है।

    पूर्वांचल के इन शहरों का सफर भी हुआ खर्चीला

    केवल बनारस और गोरखपुर ही नहीं, बल्कि पूर्वांचल को जोड़ने वाले कई अन्य महत्वपूर्ण रूट भी इस डायवर्जन से प्रभावित हुए हैं। बादशाहपुर, मछलीशहर, जौनपुर, आजमगढ़, गोपीगंज, टांडा, गाजीपुर और देवरिया जाने वाले यात्रियों को भी अब घुमावदार रास्तों से गुजरना पड़ रहा है।

    खबरें और भी

    गंतव्य         पुराना किमी    पुराना किराया    नया किमी    नया किराया

    सहसों          18 किमी       ₹26               27 किमी       ₹38
    हंडिया         37 किमी       ₹55               51 किमी       ₹82
    बादशाहपुर    48 किमी       ₹57               68 किमी       ₹80
    गोपीगंज        64 किमी      ₹82                89 किमी      ₹117
    मछलीशहर    80 किमी       ₹89               117 किमी     ₹131
    जौनपुर         112 किमी     ₹121             164 किमी     ₹175
    आजमगढ़      178 किमी     ₹187             260 किमी     ₹272
    टांडा           197 किमी     ₹206              267 किमी     ₹283 

    झूंसी पुल से नहीं जाएंगी रोडवेज बसें 

    अपडेटेड रूट और बढ़े हुए किराये को लेकर यूपी रोडवेज प्रयागराज रीजन के क्षेत्रीय प्रबंधक रविंद्र कुमार ने बताया कि आस्था के महापर्व कांवर यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना प्राथमिकता है। इसी वजह से झूंसी पुल से रोडवेज बसों का संचालन अस्थायी तौर पर रोका गया है।

    किराये और समय में हुई वृद्धि

    उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक डायवर्जन लागू रहेगा, बसें फाफामऊ चंद्रशेखर आजाद सेतु के रास्ते ही चलेंगी। अतिरिक्त दूरी तय करने की वजह से नियमानुसार किराये और समय में वृद्धि हुई है। कांवर यात्रा संपन्न होने के बाद व्यवस्थाएं पुनः सामान्य कर दी जाएंगी। 

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