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    Prayagraj Weather : तीन दिनों में 5 डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ा पर गलन और तीखी, अभी कुछ दिन और झेलनी होगी शीतलहर

    By Jagran News Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sun, 04 Jan 2026 01:11 PM (IST)

    Prayagraj Weather प्रयागराज में कड़ाके की ठंड और गलन जारी है। बीते तीन दिनों में तापमान बढ़ने के बावजूद गलन का प्रकोप और बढ़ गया है। रविवार को न्यूनतम ...और पढ़ें

    Prayagraj Weather संगम नगरी कड़ाके की ठंड और शीतलहर की चपेट में है, अलाव ही सहारा बना है। जागरण

    Prayagraj Weather संगम नगरी कड़ाके की ठंड और शीतलहर की चपेट में है, अलाव ही सहारा बना है। जागरण

    HighLights

    1. सुबह से रात तक आसमान में बादलों का डेरा

    2. न्यूनतम तापमान में करीब दो डिग्री की हुई वृद्धि

    3. हवा चलती रही तो एक्यूआइ 100 के नीचे आ सकता है

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। Prayagraj Weather संगम नगरी इन दिनों कड़ाके की ठंड और गलन की चपेट में है। रविवार को ठंडी, नम और शरीर में चुभती हुई हवा ने ऐसी गलन बढ़ाई कि लोग कांपते रहे। बीते तीन दिनों में न्यूनतम तापमान सात डिग्री से बढ़कर 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, लेकिन तापमान की यह बढ़ोतरी राहत नहीं दे सकी, बल्कि गलन का प्रकोप और बढ़ गया।मौसम का मिजाज ऐसा रहा कि ऊनी कपड़ों की कई परतें पहनने के बाद भी ठंड शरीर में उतरती महसूस हुई।

    आसमान पर छाए रहे बादल

    Prayagraj Weather दिन चढ़ने के बाद भी आसमान में बादलों की मोटी चादर छाई रही, जिससे सूर्य की किरणें नहीं दिखीं। रविवार को न्यूनतम तापमान 12 डिग्री व अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया मगर धूप नहीं होने से यह आंकड़ा सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आया। हवा में मौजूद नमी और शीतलहर के असर ने तापमान को कहीं अधिक ठंडा महसूस कराया। न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। 

    अलाव और हीटर का सहारा 

    Prayagraj Weather सड़कों पर सुबह से ही सुस्ती छाई रही। आमतौर पर गुलजार रहने वाले चौराहों पर लोग जल्दी निकलने से बचते दिखे, जबकि बाजारों में भी आवाजाही देर से दिखी। घरों में अलाव और हीटर का सहारा बढ़ गया। सुबह-शाम चाय की दुकानों पर भीड़ जरूर दिख रही, लेकिन लोग ठंड से बचने के लिए जल्द ही घर लौटते नजर आ रहे।

    बुजुर्ग और बच्चों का रखें ख्याल 

    Prayagraj Weather यूं तो शीतलहर सभी को परेशान कर रही है, लेकिन बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह मौसम खासा परेशानी भरा है। डाक्टरों का कहना है कि इस तरह की गलन में सर्दी, खांसी और जोड़ों के दर्द की शिकायतें बढ़ जाती हैं, इसलिए सावधानी जरूरी है।

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    अभी शीतलहर थमने के आसान नहीं

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शीतलहर का यह दौर अभी थमने के आसार नहीं दिखा रहा। तापमान में उतार-चढ़ाव के बावजूद बादलों और ठंडी हवाओं के चलते गलन बनी रह सकती है। यही कारण है कि रविवार को भी लोग धूप के इंतजार में आसमान की ओर देखते रहे, लेकिन सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके।

    एक्यूआइ में राहत

    हालांकि राहत की बात यह रही कि सुबह के समय सूचकांक 200 से नीचे दर्ज किया गया। यानी शीतलहर के चलने से वायु प्रदूषण साफ हो रहा है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार हवा इसी तरह चलती रही तो एक्यूआइ 100 के नीचे आ सकता है।

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