Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Solar Expressway: बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को प्रदेश का पहला सोलर एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी, 1700 हेक्टेयर में लगेगा प्लांट

    Updated: Sat, 27 Jul 2024 03:40 PM (IST)

    प्रदेश में सौर ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को सोलर एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित कर रही है। उप्र एक्सप्रेसवे औद ...और पढ़ें

    बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर सोलर पैनल लगाने के लिए 1700 हेक्टेयर भूमि चिह्नित।
    बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर सोलर पैनल लगाने के लिए 1700 हेक्टेयर भूमि चिह्नित।

    HighLights

    1. इसे लेकर नौ अगस्त को लखनऊ में होगा सेमिनार
    2. सभी स्टेक होल्डर और सौर ऊर्जा विशेषज्ञ होंगे शामिल

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश का पहला सोलर एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी है। इसे लेकर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने शुक्रवार को छह कालीदास मार्ग स्थित कैम्प कार्यालय में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की।

    इसमें सोलर एक्सप्रेसवे निर्माण को लेकर नौ अगस्त को लखनऊ में सभी स्टेक होल्डर एवं सौर ऊर्जा विशेषज्ञ के साथ सेमिनार करने एवं दस अगस्त को प्रयागराज में गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य के साथ ही प्रगति की समीक्षा बैठक एवं निरीक्षण का निर्णय लिया गया। प्रमुख सचिव अनिल सागर, सचिव अभिषेक प्रकाश, एसीईओ यूपीडा हरि प्रताप शाही आदि उपस्थित रहे।

    इसे भी पढ़ें-नहीं थम रही अखिलेश-केशव की जुबानी जंग, डिप्‍टी सीएम ने किया पलटवार

    बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर्यावरण संरक्षण के साथ बिजली भी पैदा करेगा। एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर पर्यावरण संरक्षण के लिए 25 हजार से अधिक पौधे रोपे जाएंगे। 1700 हेक्टेयर भूमि पर प्रदेश का सबसे लंबा सोलर पार्क विकसित होगा। इससे 450 मेगावाट ऊर्जा का उत्पादन होगा।

    इसे भी पढ़ें- गोरखपुर में खोराबार टाउनशिप से बेघर हुए लोगों मिली बड़ी राहत, अब GDA देगा फ्लैट

    इटावा से चित्रकूट तक 296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के मुख्य कैरिजवे और सर्विस रोड के बीच स्थित 1700 हेक्टेयर भूमि पर 15-20 मीटर चौड़ाई में सोलर पार्क विकसित किया जाएगा। इसके लिए कंपनियों को 25 वर्ष के लिए पट्टे पर भूमि आवंटित की जाएगी।

    खबरें और भी