'खराब सिस्टम के चक्रव्यूह में फंसे युवा, रील 21वीं सदी का नशा', प्रयागराज में बोले राहुल गांधी
राहुल गांधी ने प्रयागराज में छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि युवा डिग्री और रोजगार के चक्रव्यूह में फंसे हैं, जबकि रील 21वीं सदी का नया नशा है। उन्हो ...और पढ़ें

डिग्रियां अहमियत खो रहीं, रील 21वीं सदी का नशा: राहुल गांधी।
HighLights
युवा डिग्री, रोजगार और डिजिटल दुनिया के चक्रव्यूह में।
रील को 21वीं सदी का नया नशा बताया राहुल गांधी ने।
केंद्र सरकार पर संस्थानों और डाटा पर कब्जे का आरोप।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। देश की सबसे बड़ी ताकत माने जा रहे 40 करोड़ युवा आज डिग्री, रोजगार और डिजिटल दुनिया के चक्रव्यूह में फंसे हैं। वर्षों की पढ़ाई के बाद हाथ में डिग्री तो है, लेकिन नौकरी नहीं। दूसरी ओर रील और कंटेंट की दुनिया युवाओं का ध्यान खींच रही है। यह 21वीं सदी का नया नशा है।
कांग्रेस नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रयागराज में छात्रों से संवाद के दौरान इसी विरोधाभास को उठाते हुए कहा कि सर्टिफिकेट और डिग्रियां अपनी अहमियत खो रही हैं। शिक्षा पर परिवार लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन सिस्टम युवाओं को रोजगार के बजाय केवल सर्टिफिकेट देता है।
कहा कि युवा और उसका डाटा 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत हैं, लेकिन खराब व्यवस्था ने युवाओं को चक्रव्यूह में फंसा रखा है। उन्होंने छात्रों से कहा कि व्यवस्था बदलनी है तो नफरत से नहीं, मोहब्बत से बदलाव की लड़ाई लड़नी होगी।
हिंदुस्तान के मुकाबले चीन, अमेरिका और रूस के युवा कुछ नहीं हैं। युवा और डाटा से देश की प्रगति होगी, लेकिन आज मीडिया में हर जगह एआइ की चर्चा होती है। आपको समझना चाहिए कि आपके डाटा के बिना एआइ का कोई मतलब नहीं है। ये डाटा अदाणी, जियो, फेसबुक को दिया जा रहा है।
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राहुल ने प्रयागराज से रिश्तों के तार जोड़ते हुए कहा, यहां मेरे परिवार का घर है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय कभी देश की सबसे अच्छी यूनिवर्सिटी हुआ करती थी। केंद्र सरकार पर प्रहार करते हुए कहा, आपके पैसा, पावर और सोच में कब्जा किया गया है। आपको बैंक से लोन नहीं मिलेगा, लेकिन अदाणी को लाखों करोड़ रुपये मिल जाएंगे। पावर में नरेन्द्र मोदी व अमित शाह का कब्जा है। वहीं, आरएसएस की सोच हर संस्थान में फैलायी जा रही है।
कहा कि पुलिस, प्रशासन, शिक्षण संस्थान, न्यायिक व्यवस्था, मीडिया सहित हर जगह आरएसएस की सोच वाले लोगों को बैठाया जा रहा है। जो उनके एजेंडा को चला रहे हैं। देश में रोजगार के सारे दरवाजे बंद हो गए हैं।
बाजार में मेड इन चाइना, मेड इन वियतनाम और बांग्लादेश मिल जाएगा, लेकिन मेड इन इंडिया नहीं मिलेगा। इसकी वजह नोटबंदी और गलत जीएसटी को लागू करना है। स्टार्टअप के लिए बैंक से लोन नहीं मिलता। सरकारी नौकरी पेपर लीक के कारण फंस जाती है। सरकारी स्कूल, हास्पिटल बंद किए जा रहे हैं।
राहुल ने इलाहाबाद व पटना विश्वविद्यालय के सात युवाओं को मंच पर बुलाकर, छात्रों को उनके अनुभवों से साक्षात्कार कराया। राहुल ने कहा, आपने अंधेरे में लाइट जलाई है। आपने वो कर दिया है जो आपके माता-पिता नहीं कर पाए हैं। छात्रों की गूंज बदलाव लाकर रहेगी।
राहुल गांधी छात्रों की गूंज कार्यक्रम के सिलसिले में शनिवार को दोपहर बाद करीब सवा दो बजे चार्टर्ड विमान से प्रयागराज पहुंचे थे। उनके साथ प्रियंका गांधी वाड्रा गांधी की बेटी मिराया वाड्रा भी पैतृक निवास स्वराज भवन पहुंची।
दोपहर स्थानीय व प्रदेश के नेताओं से मुलाकात के बाद शाम को केपी इंटर कॉलेज मैदान में छात्रों को संबोधित किया। यह उनका तीसरा छात्र संवाद कार्यक्रम था। इसके पहले वह कोटा व देहरादून में कार्यक्रम कर चुके हैं।
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