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    रेल कर्मचारियों को बड़ी राहत, अब संक्षिप्त नाम के चक्कर में नहीं अटकेगी पेंशन

    Updated: Sun, 26 Jul 2026 06:30 AM (IST)

    भारतीय रेलवे ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत दी है; अब सर्विस बुक और पहचान पत्रों में नाम के मामूली अंतर से पेंशन नहीं रुकेगी। ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    HighLights

    1. नाम के मामूली अंतर से पेंशन नहीं रुकेगी।

    2. सर्विस बुक में पूरा नाम अपडेट कर सकेंगे।

    3. पैन, आधार और हलफनामा मान्य होगा।

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। भारतीय रेलवे के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। सेवानिवृत्ति के समय सर्विस बुक में दर्ज नाम और पैन, आधार या बैंक खाते के नाम में मामूली अंतर के कारण अब पेंशन और फंड अटकने का झंझट हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।

    रेलवे बोर्ड ने 23 जुलाई को इसके लिए नया आदेश जारी किया है कि यदि किसी कर्मचारी के सर्विस रिकॉर्ड में नाम इनीशियल्स यानी संक्षिप्त अक्षरों (जैसे के.के शर्मा) में दर्ज है और अन्य पहचान पत्रों में पूरा नाम (जैसे कृष्ण कुमार शर्मा) लिखा है, तो इनीशियल्स के विस्तार को ''''नाम परिवर्तन'''' (चेंज ऑफ नेम) नहीं माना जाएगा।

    पहले इस तरह के नाम मिसमैच (अंतर) के कारण कर्मचारियों को सरकारी गजट नोटिफिकेशन कराने या लंबी कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था, जिससे पीपीओ (पेंशन पेमेंट आर्डर) जारी होने में महीनों की देरी हो जाती थी। अब सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने पैन कार्ड, आधार, पासपोर्ट, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या राशन कार्ड में से किसी एक मान्य पहचान पत्र और नोटरीकृत एफिडेविट (हलफनामा) के आधार पर सर्विस बुक में अपना पूरा नाम दर्ज करा सकेंगे। पीपीओ में भी कर्मचारी को अपनी इच्छानुसार इनीशियल्स या पूरा नाम चुनने का विकल्प मिलेगा।

    रेलवे ने अपने डिजिटल सिस्टम सेंटर फॉर रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम (क्रिस) को निर्देश दिए हैं कि एचआरएमएस ( ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल में 'एम्प्लाइज फुल नेम विदाउट इनीशियल्स' नाम से एक नया कालम जोड़ा जाए। इसके अलावा, भविष्य में नियुक्त होने वाले सभी नए रेलकर्मियों के लिए ज्वाइनिंग के समय ही हलफनामे के साथ अपना पूरा नाम दर्ज कराना अनिवार्य कर दिया गया है।

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    उप निदेशक (स्थापना) एसके.राय ने बताया कि 23 जुलाई से यह आदेश क्रियान्वित है। एचआरएमएस पर जल्द यह विकल्प मिल जाएगा। रिटायरमेंट के समय किसी भी तरह की परेशानी से बचाने के लिए स्टाफ एंड वेलफेयर इंस्पेक्टर को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे कर्मचारियों द्वारा जीवनसाथी के साथ खोले जाने वाले संयुक्त बैंक खाते और अन्य दस्तावेजों में नाम की एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए पहले से ही मार्गदर्शन करेंगे।

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