शाइन सिटी के सीएमडी के UAE में पकड़े जाने से ठगी के शिकार लोगों को उम्मीद, मिल सकती है गाढ़ी कमाई की रकम
रियल एस्टेट कंपनी शाइन सिटी के प्रयागराज के रहने वाले सीएमडी राशिद नसीम की यूएई में गिरफ्तारी के बाद ठगी के शिकार निवेशकों को रकम वापसी की उम्मीद जगी ...और पढ़ें

रियल एस्टेट कंपनी शाइन सिटी का एमडी राशिद नसीम।
HighLights
प्रयागराज के करेली निवासी है रियल एस्टेट कंपनी शाइन सिटी का सीएमडी राशिद नसीम
पांच लाख रुपये के इनामी राशिद नसीम पर प्रदेश भर में 500 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं
प्रयागराज के साथ ही लखनऊ में कार्यालय खोलकर करोड़ों रुपये की ठगी की थी
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। रियल एस्टेट कंपनी शाइन सिटी के सीएमडी राशिद नसीम की यूएई में गिरफ्तारी के बाद ठगी का शिकार हुए निवेशकों को अपनी गाढ़ी कमाई की रकम वापस मिलने की उम्मीद जग गई है। करेली थाना क्षेत्र के जीटीवी नगर मुहल्ले में रहने वाले राशिद नसीम ने वर्ष 2012 में अपने भाई आसिफ सहित कई अन्य लोगों के साथ मिलकर एक सिंडिकेट बनाया था। शाइन सिटी कंपनी के नाम से प्रयागराज और लखनऊ में कार्यालय खोला। इसके बाद विभिन्न स्तरों पर प्रचार-प्रसार शुरू किया।
प्रयागराज में 151 मुकदमे दर्ज
इस दौरान लोगों को सस्ते दाम पर भूखंड, फ्लैट बेचने और पोंजी स्कीम के तहत निवेश की गई रकम को दोगुना करने का लालच देकर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये से अधिक की ठगी की। प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने में कंपनी के सीएमडी राशिद नसीम, उसके भाई आसिफ सहित अन्य के विरुद्ध कुल 151 मुकदमे दर्ज हैं।
पहला मुकदमा सिविल लाइंस में लिखा गया था
इसी कंपनी के विरुद्ध प्रदेश के अन्य जिलों में करीब 500 से ज्यादा अभियोग पंजीकृत हैं। पहला मुकदमा वर्ष 2020 में सिविल लाइंस थाने में लिखा गया था, जिसकी विवेचना आर्थिक अपराध अनुसंधान संस्थान (ईओ डब्ल्यू) कानपुर की शाखा कर रही है।
राशिद पर पांच लाख रुपये का घोषित था इनाम
मुख्य अभियुक्त राशिद की गिरफ्तारी नहीं होने पर पांच लाख रुपये का इनाम का घोषित किया गया था। राशिद का भाई आसिफ मौजूदा समय में वाराणसी जिले की जेल में बंद है। इसके अलावा कई अन्य सह अभियुक्त भी अलग-अलग जिलों के कारागार में निरुद्ध हैं।
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कई आरोपितों को पुलिस भेज चुकी है जेल
स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), पुलिस, ईओडब्ल्यू की टीम ने मुकदमे की विवेचना के दौरान साक्ष्य मिलने पर कई आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। अब राशिद के पकड़े जाने का पता चलने पर पीड़ित व्यक्ति और उनके परिवार सहित ठगी के शिकार बाकी लोगों ने भी थोड़ी राहत की सांस ली है। उम्मीद भी जता रहे हैं कि उनसे ठगी की गई रकम जल्द वापस मिल सकती है।
यमुनापार के गौहनिया में बनाई थी साइट
शाइन सिटी कंपनी में सीएमडी, एमडी के अलावा कई उपाध्यक्ष, मैनेजर, एजेंट्स थे जो वेतनभोगी थे। एजेंट्स को कमीशन के साथ ही समय-समय पर उपहार दिया जाता था। यमुनापार के घूरपुर थाना क्षेत्र में गौहनिया में कंपनी की साइट बनाई गई थी। वहां पर लोगों को ले जाकर जमीन दिखाई जाती थी। कंपनी का बड़ा सा बोर्ड लगाकर लोगों को विश्वास में लिया जाता था।
प्लाट देने का दिया जाता था झांसा
करीब 18 महीने की किश्त निवेशकों को बांधी जाती थी और इसी अवधि में प्लाट देने का झांसा दिया जाता था। समयावधि पूरी होने पर जब निवेशक भूखंड की रजिस्ट्री और बैनामा करने के लिए कहते तो टाल-मटोल किया जाता। साथ ही उन्हें आश्वस्त किया जाता कि दूसरी स्कीम में पैसा लगाकर बढ़ाया जा रहा है, जिसका लाभ मिलेगा।
एक मकान की हो चुकी है कुर्की
शाइन सिटी कंपनी के खिलाफ वाराणसी के लंका थाने में मुकदमा दर्ज है। कई साल पहले वहां की पुलिस ने जीटीबी नगर करेली स्थित एक मकान को कुर्क किया था, जिसकी कीमत लाखों रुपये बताई गई थी। इसके बाद जैसे जैसे मुकदमे बढ़ते गए, विवेचना ईओडब्ल्यू के हवाले कर दी गई। कंपनी और उसके अधिकारियों के खिलाफ हाई कोर्ट ने भी कार्रवाई करने के लिए कहा था।