प्रदेश के सरकारी स्कूलों से 'गुम' डेढ़ लाख बच्चे फिर लौटेंगे पाठशाला, शिक्षा विभाग की शुरू हुई मुहिम
उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों से गायब हुए लगभग डेढ़ लाख बच्चे अब फिर से पाठशाला लौटेंगे। शिक्षा विभाग ने स्कूल चलो अभियान के तहत इसकी तैयारी कर ली है ...और पढ़ें

स्कूल चलो अभियान के तहत उत्तर प्रदेश में स्कूल छोड़ चुके बच्चों को फिर वापस विद्यालयों में लाना है।
HighLights
एक से 15 अप्रैल तक स्कूल चलो अभियान का पहला चरण
प्रयागराज जनपद में दूसरे चरण की शुरुआत एक जुलाई से होगी
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। यूं तो बच्चों को शिक्षित और संस्कारित बनाने के लिए कई सरकारी अभियान चल रहे हैं। हाल ही में शिक्षा विभाग ने उन डेढ़ लाख से अधिक बच्चों की सुध ली है, जो पिछले सत्र से गुम हैं। वे कहां है, इसका पता लगाने की मुहिम शुरू हो चुकी है।
अधिक से अधिक बच्चों का स्कूलों में होगा पंजीयन
एक अप्रैल से सभी परिषदीय स्कूलों में स्कूल चलो अभियान शुरू हो रहा है। इसमें अधिक से अधिक बच्चों का पंजीयन स्कूलों में कराने का प्रयास शिक्षक करेंगे। इसके लिए जागरूकता रैली सहित विभिन्न आयोजन कराने की तैयारी है।
विद्यालयों के 150660 बच्चों के नामांकन की तैयारी
वर्तमान में प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में लगभग 150660 बच्चे यू डायस (विद्यालय व बच्चों की विवरण तालिका) के ड्रापबाक्स (बच्चों की प्रगति तालिका) में दिखाई दे रहे हैं। सभी का नामांकन स्कूल चलो अभियान के तहत कराया जाना है। शिक्षक अपने विद्यालय क्षेत्र के बच्चों और उनके अभिभावकों से संपर्क करेंगे।
क्लिक करते ही ड्रापआउट बच्चे प्रदर्शित होंगे
विद्यार्थियों तक पहुंचने व अधिक से अधिक बच्चों के पंजीयन के लिए शारदा एप पर नव विकसित माड्यूल जोड़ा गया है। इस पर क्लिक करते ही ड्रापआउट बच्चे प्रदर्शित होंगे। तुरंत बाद बच्चों को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रयागराज में करीब 30 हजार विद्यार्थी ड्राप बाक्स में हैं। उन्हें चिह्नित करते हुए विद्यालय तक लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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अभियान को प्रभावी बनाने का होगा प्रयास : बीएसए
प्रयागराज के बीएसए अनिल कुमार ने कहा कि स्कूल चलो अभियान का पहला चरण 15 अप्रैल तक चलेगा। दूसरा चरण एक जुलाई से 15 जुलाई तक चलाया जाएगा। छह से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। इसी क्रम में यह अभियान प्रभावी बने इसके लिए हर संभव कोशिश की जाएगी।
यू-डायस के ड्राप बाक्स के बच्चों को भी स्कूल से जोड़ना है
उन्होंने बताया कि विभिन्न कारणों से कुछ बच्चे, विशेषकर अपवंचित वर्ग के बच्चे, बालिकाएं, विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे, कामकाजी बच्चे, विशेष भौगोलिक क्षेत्र व समुदाय के बच्चे आउट आफ स्कूल हैं। यू-डायस के ड्राप बाक्स के बच्चों को भी स्कूल से जोड़ना है। उन बच्चों का अभी कोई खास विवरण उपलब्ध नहीं है। ड्राप बाक्स के बच्चे यदि विद्यालय में नामांकित है तो वास्तविक स्थिति एप के माध्यम से अपडेट करना है। यदि पास आउट होकर अन्य विद्यालय में नामांकित है तो शिक्षकों को उस विद्यालय का यू-डायस कोड अपडेट करना होगा।