यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
महाकुंभ में बम विस्फोट करने की धमकी, पुलिस ने नसर पठान के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा
महाकुंभ मेले में बम धमाके की धमकी देने वाले नसर पठान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उस पर इंटरनेट मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने का आरोप है। माम ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, महाकुंभ नगर। विश्व प्रसिद्ध महाकुंभ में बम धमाके की धमकी देने वाले नसर पठान के खिलाफ आखिरकार मुकदमा दर्ज हो गया है। मेला के कोतवाली थाने में इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार शर्मा की तहरीर पर एफआइआर लिखी गई है। यह मेला क्षेत्र के थाने में लिखा गया पहला मुकदमा भी है। मामले की विवेचना साइबर थाना प्रभारी कर रहे हैं।
इंटरनेट मीडिया पर मंगलवार को एक स्क्रीन शाट प्रसारित हुआ था। स्क्रीन शाट इंस्टाग्राम पर बनाए गए नस्सर कट्टर मियां नामक एकाउंट का था। इसका यूजर नसर पठान बताया गया है। इस आइडी के जरिये हिंदुओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए महाकुंभ में बम धमाके की धमकी दी गई थी। अब आइपी एड्रेस की मदद से उसकी पहचान कर गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया जा रहा है।

महाकुंभ की फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी
महाकुंभ की फर्जी वेबसाइट बनाकर तीर्थ यात्रियों से ठगी करने के मामले में दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया गया है। साइबर थाने की पुलिस टीम दोनों से पूछताछ कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, साइबर अपराधियों ने महाकुंभ की चार फर्जी वेबसाइट बनाकर करीब 45 लोगों को ऑनलाइन ठगा था।
अपराधियों ने लगभग 25 लाख रुपये वसूले जिसे विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था। इस मामले में अलग-अलग शहर के रहने वाले दो संदिग्ध युवकों को पकड़ा गया। बताया गया कि साइबर अपराधियों ने बंगाल निवासी एक किशोर के खाते में सबसे ज्यादा ठगी की रकम भेजवाई थी। अब किशोर की भी तलाश चल रही है।
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महाकुंभ में 15 दिन से अवैध रूप से ठहरा था विदेशी
महाकुंभ मेला क्षेत्र में करीब 15 दिन से एक विदेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहा था। वीजा की अवधि समाप्त होने के बावजूद वह सेक्टर 15 स्थित रेनबो कैंप में ठहरा था। एक पखवाड़ा गुजरने के बाद मेला पुलिस को रूस में मास्को निवासी आंद्रे पापकाफ के बारे में पता चला। तब उसे पकड़कर कमिश्नरेट पुलिस के हवाले किया।
पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे अभिरक्षा में दिल्ली भिजवाया है। इस पूरे मामले में मेला पुलिस और खुफिया एजेंसियों की भी चूक मानी जा रही है। महाकुंभ मेला क्षेत्र के सेक्टर 15 में भारतीय जागरूक परिषद के प्रमुख पंडित हरीश गौतम की ओर से रेनबो कैंप बसाया गया है। करीब 15 दिसंबर को वहां आंद्रे पापकाफ पहुंचा। इसके बाद वह संगम से लेकर मेला क्षेत्र के अलग-अलग हिस्से में घूमता रहा, लेकिन विदेशियों के सत्यापन में जुटी पुलिस को भनक नहीं लगी। जब आंद्रे के बारे में पता चला तो उसे पकड़ा गया।
पुलिस के साथ ही खुफिया एजेंसी से जुड़े अधिकारियों ने भी पूछताछ की, मगर वह वीजा, पासपोर्ट के बारे में बताने से परहेज करता रहा। पुलिस ने जब उसे साथ लेकर रेनबो कैंप में छानबीन की तो कागजात मिले लेकिन वीजा की अवधि समाप्त हो चुकी थी।
आनन-फानन इसकी जानकारी लखनऊ में शासन को दी गई। इसके बाद पुलिस आंद्रे को अभिरक्षा में लेकर कार से दिल्ली ले गई। पुलिस ने ही उसकी फ्लाइट का टिकट करवाया और गुरुवार को वह दिल्ली से रूस भेज दिया जाएगा। पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने बताया कि मेला क्षेत्र में एक विदेशी नागरिक अवैध रूप से ठहरा हुआ था। इसको रूस डिपोट किया गया है।