ट्रेन के गेट पर भीड़ लगाकर यात्रियों को लूटने वाले 'साहसी गैंग' का राजफाश, प्रयागराज में दबोचे गए गिरोह के चार सदस्य
प्रयागराज में आरपीएफ-जीआरपी ने हरियाणा के चार शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है, जो ट्रेनों में यात्रियों को लूटते थे। ये गिरोह अच्छे कपड़े पहनकर यात्रि ...और पढ़ें

प्रयागराज में आरपीएफ-जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में चोरी के माेबाइल के साथ पकड़े गए गिरोह के सदस्य । सौ. जीआरपी
HighLights
हरियाणा राज्य के रहने वाले हैं पकड़े गए गैंग के चारों सदस्य, चार मोबाइल बरामद
तीन दिन से आरपीएफ-जीआरपी कर रही थी पीछा, नैनी रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। ट्रेन के बंद कोच में जब आप चैन की नींद सो रहे होते हैं, तब कुछ शातिर आंखें अंधेरे में आपके गले की नली और बैग की चेन को तौल रही होती हैं। सावधान हो जाइए! आपकी बगल वाली सीट पर बैठा ''सज्जन'' यात्री हमसफर नहीं, बल्कि ''साहसी गैंग'' का वह शिकारी हो सकता है जो आपकी रेकी कर रहा है। आरपीएफ-जीआरपी प्रयागराज ने हरियाणा के रहने वाले उन चार चोरों को दबोचा है, जिन्होंने सफर को खौफ का दूसरा नाम बना दिया था।
प्रयागराज के जीआरपी प्रभारी निरीक्षक अकलेश कुमार सिंह ने बताया कि गिरोह का ''गेटअप'' इतना शानदार होता था कि कोई शक न कर सके। अच्छे कपड़े, कंधे पर महंगा बैग और हाथ में कंफर्म टिकट लिए ये अपराधी किसी कारपोरेट यात्री की तरह पेश आते थे। शादी के सीजन में इनकी तादाद चार से बढ़कर आठ तक हो जाती थी, क्योंकि तब इन्हें ट्रेनों में ''सोने'' की गंध आकर्षित करती थी।
इस गैंग की कार्यप्रणाली किसी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसी खौफनाक है। रात में रेकी करने के बाद यह यात्री के बारे में पूरी जानकारी ले लेते। जब ट्रेन स्टेशन पर रुकती, तो ये गेट पर खड़े होकर रास्ता ब्लाक कर देते। आगे से दो सदस्य रास्ते में खड़े हो जाते। पीछे से एक सदस्य भारी शारीरिक दबाव बनाता। पीछे से आ रहे यात्रियों को भी यह रोक देते। जब यात्री बीच में ''सैंडविच'' बनकर सांसों के लिए जूझता, ठीक उसी पल गिरोह का मुख्य सदस्य गहनों या मोबाइल पर हाथ साफ कर देता। विरोध करने पर ये अपनी मजबूत कद-काठी के दम पर संभाल लेते।
पिछले 72 घंटों से पुलिस इन सायों का पीछा कर रही थी। मुखबिर की सूचना पर सोमवार सुबह नैनी जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर चार पर जब ये चारों शिकारी नए शिकार के लिए ट्रेन की तरफ बढ़े, तभी सादे कपड़ों में तैनात पुलिस के जांबाजों ने इन्हें जमीन पर पटक दिया। इनके पास से चोरी के चार मोबाइल बरामद हुए हैं। पकड़े गए अभियुक्तों में रामपाल और विनोद गज कालोनी थाना सुल्तानपुरी दिल्ली में इन दिनों रहते हैं, जबकि दोनों का घर खण्डाखेड़ी थाना नारनौद, हिसार हरियाणा है। वहीं, सुरेश व बिट्टू भिवानी रोड बुढ़ा बस्ती थान सिटी कोतवाली जिला जिन्द हरियाणा के रहने वाले हैं। विनोद के ऊपर पहले भी दो मुकदमें दर्ज हैं।