यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Umesh Pal murder: शाइस्ता समेत छह पर होगी 83 की कार्रवाई, कुर्की का आदेश जारी होने के बाद दाखिल होगी चार्टशीट
Umesh Pal Murder Case उमेश पाल हत्याकांड बाद शाइस्ता परवीन जैनब फातिमा आयशा नूरी बमबाज गुड्डू मुस्लिम शूटर अरमान बिहारी और साबिर सभी फरार हैं। आरोपितो ...और पढ़ें

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। उमेश पाल हत्याकांड के बाद से फरार अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन, भयाहू जैनब फातिमा और बहन आयशा नूरी समेत छह भगोड़े आरोपितों के खिलाफ अब पुलिस 83 की कार्रवाई शुरू करेगी। अदालत से जारी 82 का नोटिस चस्पा करने के बाद निर्धारित अवधि पूरी होने पर हत्याकांड के विवेचक की ओर से अर्जी दी जाएगी। इसके बाद फरार आरोपितों के खिलाफ कुर्की की औपचारिकता पूरी कर उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
शाइस्ता की गिरफ्तारी पर 50 हजार का घोषित है इनाम
24 फरवरी को उमेश पाल और दो सरकारी गनर की हत्या के बाद शाइस्ता परवीन, जैनब फातिमा, आयशा नूरी, बमबाज गुड्डू मुस्लिम, शूटर अरमान बिहारी और साबिर भागते फिर रहे हैं। इनमें शाइस्ता की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये तो तीनों शूटरों पर राज्य सरकार की तरफ से पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित है। चार महीने तक गिरफ्तारी में नाकाम रहने पर हत्याकांड के विवेचक एसीपी धूमनगंज वरुण कुमार ने अदालत में अर्जी दी तो इन छह फरार आरोपतों के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 82 के तहत कुर्की की उदघोषणा का नोटिस जारी किया गया।

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जल्द ही जारी होगा कुर्की का आदेश
सभी के ठिकाने में नोटिस चस्पा करने के बाद डुगडुगी पीटकर फरार होने की मुनादी को एक महीने का वक्त गुजर चुका है। एक माह की अवधि पूरी होने के बाद अब इनके खिलाफ धारा 83 के तहत विवेचक की तरफ से अर्जी देकर कुर्की की अनुमति मांगी जाएगी। जल्द ही कुर्की का आदेश जारी होने के बाद विवेचक की ओर से छह आरोपितों को भगोड़ा बताते हुए इनके खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी जाएगी।
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अब सहयोगियों पर कसेगा ईडी का शिकंजा
माफिया अतीक की बीवी शाइस्ता परवीन के खिलाफ मनी लांड्रिंग केस में आरोप पत्र दायर करने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अब उसके सहयोगियों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए अतीक की विभिन्न कंपनियों में पार्टनर रहे बिल्डर, करीबी समेत अन्य लोगों की संपत्तियों की छानबीन की जा रही है। बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं। मनी लांड्रिंग केस में जानकारी जुटाने के लिए ईडी की टीम फाइनेंसियल इंटेलिजेंस यूनिट की भी मदद ले रही है।
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अब तक की छानबीन में शाइस्ता के खिलाफ प्रमाणिक साक्ष्य मिले थे, जिसके आधार पर उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। पता चला है कि प्रयागराज, कौशांबी समेत आसपास के कई जनपदों में अतीक के करीबी प्रापर्टी डीलिंग करते हैं। खासकर, करेली, बमरौली, पिपरी, एयरपोर्ट और झलवा के आसपास स्थित तमाम विवादित संपत्तियों पर अतीक गैंग का ही कब्जा है। इसमें कई जमीन ऐसी है, जिसे अतीक ने कब्जा करने के बाद दूसरे के नाम लिखवाई थी, जिस पर प्लाटिंग की गई है।