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    UP Board की अपील : विद्यार्थी व अभिभावक साइबर ठगों से सतर्क रहें, अंकों के नाम पर ठगी वालों की दें सूचना

    By Awadhesh Pandey Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Mon, 03 Aug 2026 08:56 PM (IST)

    यूपी बोर्ड ने 2026 की हाईस्कूल इंप्रूवमेंट/कंपार्टमेंट और इंटर कंपार्टमेंट परीक्षा के छात्रों व अभिभावकों को साइबर ठगों से सतर्क रहने की सलाह दी है। ब ...और पढ़ें

    यूपी बोर्ड ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल इंप्रूवमेंट/कंपार्टमेंट एवं इंटर कंपार्टमेंट परीक्षा को लेकर छात्रों को अलर्ट किया है।

    यूपी बोर्ड ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल इंप्रूवमेंट/कंपार्टमेंट एवं इंटर कंपार्टमेंट परीक्षा को लेकर छात्रों को अलर्ट किया है।

    HighLights

    1. बोर्ड का वर्ष 2026 की हाईस्कूल इंप्रूवमेंट/कंपार्टमेंट एवं इंटर कंपार्टमेंट परीक्षा को लेकर अलर्ट

    2. साइबर अपराधी छात्र-छात्राओं को नंबर बढ़ाने का झांसा देकर ठगी का प्रयास कर सकते हैं

    राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की वर्ष 2026 की हाईस्कूल इंप्रूवमेंट/कंपार्टमेंट एवं इंटरमीडिएट कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को साइबर ठगों से सतर्क रहने की सलाह दी है। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने चेताया है कि पिछले वर्षों की तरह इस बार भी साइबर अपराधी फोन काल, मैसेज या ईमेल के माध्यम से छात्र-छात्राओं को अंकों में वृद्धि कराने का झांसा देकर ठगी का प्रयास कर सकते हैं।

    परिषद के अनुसार ठग स्वयं को बोर्ड का कर्मचारी या अधिकारी बताकर यह दावा कर सकते हैं कि उनकी पहुंच मुख्य डेटाबेस तक है और पैसे लेकर अंक बढ़ाए जा सकते हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि वह कभी भी व्यक्तिगत रूप से परीक्षार्थियों से संपर्क कर अंक बढ़ाने या किसी प्रकार का भुगतान नहीं मांगता। किसी भी संदिग्ध काल, संदेश या ईमेल पर विश्वास न करें तथा अपना अनुक्रमांक, बैंक खाता या अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें।

    यदि इस प्रकार की कोई काल आए तो उसे रिकार्ड कर तत्काल जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस), साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा बोर्ड के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय के अपर सचिव को सूचित करें। सचिव ने बताया है कि पुलिस के सहयोग से ऐसे साइबर अपराधियों की पहचान कर उनके विरुद्ध आईटी एक्ट एवं भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।