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UP जीआईसी शिक्षकों की पदोन्नति में नियमित कोटा की अनदेखी, एलटी शिक्षकों में पनप रहा आक्रोश

By Amlendu Tripathi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Fri, 06 Nov 2026 06:10 PM (IST)

राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) में अधीनस्थ राजपत्रित पदोन्नति में नियमित कोटा का अनुपालन नहीं किया गया, जिससे एलटी शिक्षकों में ...और पढ़ें

GIC के 314 शिक्षकों की अधीनस्थ राजपत्रित पदोन्नति सूची को लेकर एलटी शिक्षकों में नाराजगी है।

GIC के 314 शिक्षकों की अधीनस्थ राजपत्रित पदोन्नति सूची को लेकर एलटी शिक्षकों में नाराजगी है।

HighLights

  1. 27 अक्टूबर को जारी हुई थी GIC के 314 शिक्षकों की सूची

  2. पुरुष संवर्ग के 228, महिला के 86 लोगों के नाम शामिल

राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। राजकीय इंटर काॅलेज (जीआईसी) में नियुक्त शिक्षकों के अधीनस्थ राजपत्रित पदोन्नति में नियमित कोटा (55 प्रतिशत प्रवक्ता व 45 प्रतिशत एलटी ग्रेट अर्थात सहायक अध्यापक) का अनुपालन नहीं किया गया। इससे एलटी शिक्षकों में नाराजगी है। 27 अक्टूबर को पदोन्नति सूची जारी की गई।

राशि. संघ ने अपर शिक्षा निदेशक राजकीय से की मांग 

इसे लेकर राजकीय शिक्षक संघ ने अपर शिक्षा निदेशक राजकीय को पत्र लिखा है। कहा है, पूरे मामले की जांच कराई जाए। 55 प्रतिशत व 45 प्रतिशत कोटा व्यवस्था लागू करना सुनिश्चित किया जाए। इस ममाले की जांच के लिए समिति बनाने की भी मांग की जा रही है, प्रकरण के सभी बिंदुओं के परीक्षण के बाद ही पदस्थापन कराने का आग्रह है। शिक्षकों का यह भी कहना है कि पदस्थापन ऑनलाइन किया जाए।

74% प्रवक्ता व 25% सहायक अध्यापक प्रोन्नत 

पिछले दिनों कुल 314 शिक्षकों की पदोन्नति की सूची जारी की गई थी। इसमें पुरुष संवर्ग के 228 शिक्षक और महिला संवर्ग के 86 शिक्षक शामिल हैं। प्रयागराज जीआईसी से कुल 21 शिक्षक पदोन्नत हुए हैं। राजकीय शिक्षक संघ के संरक्षक रामेश्वर पांडेय के अनुसार पुरुष संवर्ग में 169 प्रवक्ता और 59 एलटी ग्रेट अर्थात सहायक अध्यापक पदोन्नत हुए। यह आंकड़ा निर्धारित अनुपात के मानक पर खरा नहीं उतर रहा है। 74 प्रतिशत प्रवक्ता प्रोन्नत हुए हैं जबकि मात्र 25 प्रतिशत सहायक अध्यापकों को पदोन्नति मिली है।

शिक्षकों की पीजी डिग्री का विवरण नहीं भेजा गया

उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में नियुक्त उन शिक्षकों की ओर भी ध्यान आकर्षित कराया है, जिन्होंने विभाग से अनुमति लेकर परास्नातक की डिग्री पूरी की है। शिक्षकों ने मार्च 2026 से शिक्षा निदेशालय को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि परास्नातक की डिग्री का विवरण उनके प्रपत्रों के साथ जोड़ दिया जाए जिससे वे प्रवक्ता के लिए पदोन्नत होने की अर्हता प्राप्त कर लें। आरोप है कि पटल सहायक की अनदेखी के चलते अब तक शिक्षकों की परास्नातक डिग्री का विवरण नहीं भेजा गया जिससे लंबे इंतजार के बाद अब फिर शुरू होने वाली पदोन्नति प्रक्रिया से ये शिक्षक बाहर हो सकते हैं।

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