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    प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय नाराज, प्रयागराज के सर्किट हाउस से वापस लौटे

    By Gyanendra Singh Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Thu, 16 Jul 2026 01:49 PM (IST)

    उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय प्रयागराज में प्रोटोकॉल उल्लंघन से नाराज होकर सर्किट हाउस से लौट गए, क्योंकि उन्हें रिसीव करने कोई अधिकारी नहीं प ...और पढ़ें

    यूपी के उच्च शिक्षा मंत्री मंत्री योगेंद्र उपाध्याय। जागरण आर्काइव

    यूपी के उच्च शिक्षा मंत्री मंत्री योगेंद्र उपाध्याय। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. रज्जू भैया विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह में शामिल होने 15 जुलाई की शाम प्रयागराज पहुंचे थे

    2. आधा घंटे देरी से पहुंचने के बाद भी ड्यूटी पर तैनात अधिकारी नहीं पहुंच सके थे सर्किट हाउस

    3. एक घंटे बाद प्रशासनिक व विश्वविद्यालय प्रशासन ने मंत्री के मित्र के घर पहुंचकर मांगी माफी

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह में शामिल होने के लिए 15 जुलाई की देर शाम प्रयागराज पहुंचे उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ। इससे नाराज मंत्री सर्किट हाउस छोड़कर वापस चले गए। उन्होंने इसकी जानकारी राजभवन लखनऊ के उच्चाधिकारियों को भी दी। इसके बाद जिला प्रशासन व विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया। फौरन जिला प्रशासन व विवि प्रशासन सक्रिय हो गया और फिर किसी तरह मान-मनौव्वल कर उन्हें देर रात सर्किट हाउस वापस लाया गया।

    राज्यपाल के स्वागत को प्रयागराज पहुंचे थे मंत्री

    16 जुलाई को रज्जू भैया विश्वविद्यालय तथा 17 जुलाई को उप्र राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय का दीक्षा समारोह है। इसमें राज्यपाल आनंदी बेन पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रही हैं। उनके स्वागत के लिए प्रदेश सरकार की ओर से उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय 15 जुलाई की देर शाम प्रयागराज के सर्किट हाउस पहुंचे।

    कार्यक्रम की जानकारी के लिए कोई प्रतिनिधि नहीं था 

    वह अपने निर्धारित समय से लगभग आधे घंटे देरी से रात में नौ बजे सर्किट हाउस पहुंचे। वहां उन्होंने राज्यपाल के कार्यक्रम की जानकारी के लिए स्थानीय अधिकारियों से वार्ता करना चाहा, लेकिन वहां न जिला प्रशासन और न ही विश्वविद्यालय प्रशासन का कोई प्रतिनिधि मौजूद था। तब तक मंत्री ने चाय-नाश्ता किया मगर एक घंटे बाद भी कोई अधिकारी सर्किट हाउस नहीं पहुंच सका था।

    लखनऊ जाने लगे, मित्र के कॉल पर लौटे 

    इस पर मंत्री नाराज हो गए और फिर वह बाहर निकले और गाड़ी में बैठकर वापस लखनऊ जाने लगे। वह लखनऊ मार्ग पर एमएनएनआइटी के पास पहुंचे थे कि तभी शहर में रहने वाले उनके मित्र की कॉल आ गई। फिर वार्ता होने पर मंत्री अपने मित्र के आवास पर पहुंच गए, जहां कुछ ही देर में विश्वविद्यालय के कुलपति अखिलेश सिंह व रजिस्ट्रार विनीता यादव भी पहुंच गई।

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    डीएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया 

    डीएम मनीष कुमार वर्मा ने भी मंत्री को फोन किया और अपने मातहत अधिकारी की गलती पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। लगभग 12 बजे मंत्री को सर्किट ले जाया गया। इस बाबत एडीएम सिटी सत्यम कुमार मिश्र का कहना है कि एसीएम तृतीय हीरालाल सैनी की प्रोटोकाल के तहत मजिस्ट्रेट ड्यूटी लगाई गई थी। उन्हें समय से पहुंचना चाहिए था।

    जिला प्रशासन ने प्रकरण में दिए जांच के निर्देश

    इस प्रकरण में जिला प्रशासन की ओर से जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट पूरे मामले की जांच कर 24 घंटे में रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।

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