भ्राता बलभद्र व बहन सुभद्रा संग रथ पर सवार होकर निकले भगवान जगन्नाथ, संगम नगरी में दर्शन-पूजन को उमड़े भक्त
प्रयागराज में भगवान जगन्नाथ, भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर सवार होकर निकले, जहां भक्तों का उत्साह उमड़ पड़ा। कीडगंज स्थित जगन्नाथ मंदिर से ...और पढ़ें

प्रयागराज में जगन्नाथ निकाली गई भव्य जगन्नाथ रथयात्रा में शामिल श्रद्धालु। जागरण
HighLights
भगवान जगन्नाथ के जयकारों से गूंजे शहर के मार्ग
कीडगंज में जगन्नाथ मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। भक्ति और शक्ति के प्रतीक, भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप श्रीजगन्नाथ जी भक्तों को दर्शन देने शहर में निकले। गुरुवार 16 जुलाई को संगम नगरी में निकाली गई रथयात्रा में भक्तों का उत्साह दिखा। भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा के रथ भी सजाए गए। दर्शन-पूजन के लिए फूल-मालाओं के साथ मार्गों पर भक्तों की भीड़ जुटी।
रस्से से रथ खींचने की परंपरा
बीमार अवस्था से स्वस्थ होने के बाद भगवान जगन्नाथ भक्तों को दर्शन देने के लिए रथ पर सवार हुए। नगर भ्रमण किया। इस्कान समेत कई संगठन रथयात्रा का आयोजन कर रहे हैं। रथ पर विराजे भगवान की ठाठ देखने को लोगों ने जगह-जगह ठहराव का इंतजाम किया। नागवासुकि स्वरूप रस्से से रथ को खींचने की परंपरा निभाई जाएगी।
कीडगंज से भव्य शोभायात्रा निकाली
कृष्णनगर कीडगंज स्थित जगन्नाथ मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। मंदिर समिति के सचिव डॉ. महेंद्र तिवारी ने बताया कि सुबह भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की। आरती के बाद भगवान नंदीघोष रथ पर सवार हुए। बहन सुभद्रा और भ्राता बलभद्र भी साथ रहे। रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल रहे। इस्कान बलुआघाट से शाम चार बजे बाल रथयात्रा निकाली जाएगी। इसमें भगवान के रथ को सजाकर पारंपरिक रास्तों पर भ्रमण कराया जाएगा। सचिव शिवकुमार दास ने बताया कि रथयात्रा की व्यापक स्तर पर तैयारी की गई है।
20 फीट ऊंचा नन्दी घोष रथ
श्री जगन्नाथ जी महोत्सव समिति ट्रस्ट की ओर से रथयात्रा की तैयारी की गई है। रथयात्रा संयोजक राजेश केसरवानी ने बताया भगवान जगन्नाथ का 16 पहियों वाला 20 फीट ऊंचा नन्दी घोष रथ नील चक्र से सुशोभित होगा। 200 फीट लंबी नागवासुकि रस्सी से रथ को खींचा जाएगा।
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महापुरुषों की भी झांकी शामिल रहेगी
मुख्य आकर्षण भगवान जगन्नाथ की लीला आधारित झांकी, लठ्ठमार होली और हनुमान जी की दिव्य प्रतिमा रहेगी। लक्ष्मी नारायण, गंगा अवतरण, गणेश भगवान, गरुड़ देव, खाटू श्याम, पांडव, एरावत हाथी, छत्रपति शिवाजी, महाराणा प्रताप, रानी लक्ष्मी बाई, स्वामी विवेकानंद, अहिल्याबाई होल्कर, गुडिचा महारानी की झांकी शामिल होगी।