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    अगले माह से संपत्ति खरीदना महंगा? प्रदेश में एक समान होगा सर्किल रेट, एक अगस्त से लागू करने का शासन से निर्देश

    By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sun, 12 Jul 2026 01:45 PM (IST)

    प्रदेश सरकार 1 अगस्त से संपत्ति रजिस्ट्री के लिए एक समान सर्किल रेट लागू करेगी, जिससे संपत्ति खरीदना महंगा हो जाएगा। संपत्तियों को तीन प्रमुख वर्गों औ ...और पढ़ें

    यूपी में संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए एक समान सर्किल रेट नियम 1 अगस्त से लागू होगा।

    यूपी में संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए एक समान सर्किल रेट नियम 1 अगस्त से लागू होगा।

    HighLights

    1. प्रयागराज के कई क्षेत्रों की संपत्तियों की बढ़ तो कुछ में घट सकती है कीमत

    2. दो सड़कों के कोने की संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए 10 प्रतिशत अधिक स्टांप

    3. मानकीकरण से प्रदेश के किसी भी जिले में संपत्ति खरीदने में होगी आसानी

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। प्रदेश सरकार ने राज्य में संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए एक समान और मानकीकृत सर्किल रेट नियम लागू करने का निर्देश दिए हैं। यह व्यवस्था एक अगस्त से लागू हो रही है। इसके तहत संपत्तियों को तीन प्रमुख वर्गों (प्रापर्टी जोन), कम से कम 15 व अधिकतम 25 श्रेणियों में बांटा जाएगा। इससे राज्य भर में संपत्ति का मूल्यांकन पारदर्शी और आसान हो जाएगा।

    2022 में नया सर्किल रेट लागू किया गया था

    अभी तक जनपद स्तर पर सर्किल रेट का निर्धारण होता था, जिसके तहत तीन वर्ष बाद प्रयागराज में पिछले वर्ष 2025 में 15 दिसंबर को नया सर्किल रेट लागू किया गया था। इसके पहले जिले में 2022 में नया सर्किल रेट लागू किया गया था। पिछले वर्ष लागू नए सर्किल रेट के तहत 10 से 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई थी। एक वर्ष में ही जिले में दो बार सर्किल रेट लागू होने से कई क्षेत्रों में संपत्तियों की कीमत बढ़ सकती है तो कुछ इलाकों में घट भी सकती है। फिलहाल, अगले माह से संपत्ति खरीदना महंगा होना तय माना जा रहा है।

    संपत्ति का वर्गीकरण

    पूरे प्रदेश में सर्किल रेट और स्टांप शुल्क की गणना के लिए एक समान और सख्त नियम लागू किए गए हैं। प्रापर्टी की पहचान रजिस्ट्री के समय जियो टैग वाली तस्वीरें और संपत्ति की यूनिक आइडी (विशिष्ट पहचान संख्या) अनिवार्य कर दी गई है। साथ ही संपत्ति का वर्गीकरण तीन प्रापर्टी जोन और 15 से 25 श्रेणियों में विभाजित किया गया है। तीन वर्गों में नगरीय, अर्द्धनगरीय और ग्रामीण होंगे।

    प्रत्येक में सर्किल रेट की अधिकतम 25-25 श्रेणियां

    इनमें से प्रत्येक में सर्किल रेट की अधिकतम 25-25 श्रेणियां होंगी। प्रत्येक श्रेणी में क्षेत्र के महत्व के मुताबिक आवासीय, व्यवसायिक, औद्योगिक और कृषि संपत्ति के सर्किल रेट का निर्धारण होगा। विभिन्न मार्गों के किनारे, पार्क के सामने तथा एक से ज्यादा सड़कों पर स्थित संपत्ति के सर्किल रेट में वृद्धि के लिए निश्चित प्रतिशत निर्धारित की जाएगी।

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    एक अगस्त से बढ़े सर्किल रेट भी लागू हो सकते हैं

    इस व्यवस्था के साथ ही एक अगस्त से ही जनपद में बढ़े सर्किल रेट भी लागू किए जा सकते हैं। सभी उप निबंधकों द्वारा अपने क्षेत्र में मानकीकृत सर्किल रेट की सूची तैयार की जा रही है। इस सूची में शहर, कस्बों और गांवों के मोहल्लों और क्षेत्रों की उनके महत्व के मुताबिक अधिकतम 15 से 25 श्रेणियां निर्धारित की जाएंगी।

    अतिरिक्त स्टांप शुल्क के लिए निर्धारित होंगे प्रतिशत

    राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेसवे, राज्य राजमार्ग, जिला मार्ग, पार्क के सामने, एक से अधिक मार्गों पर स्थित संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए कुछ जनपदों में अधिक सर्किल रेट निर्धारित किए जाते रहे, जबकि कुछ जनपदों में उक्त क्षेत्र के सर्किल रेट में एक निर्धारित प्रतिशत की वृद्धि करके स्टांप शुल्क की गणना की जाती है। अब इनमें से प्रत्येक विशेषता के लिए प्रतिशत निर्धारित किए जाएंगे। उन्हीं के मुताबिक सर्किल रेट की गणना की जाएगी। मुख्य सड़क, संपर्क मार्ग, और खड़ंजा आदि मार्गों पर संपत्ति होने पर दरें अलग-अलग तय होंगी। दो सड़कों के कोने (कार्नर) पर स्थित संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए 10 प्रतिशत अधिक स्टांप शुल्क देना होगा।

    सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के व शहर के पास के गांवों का अलग रेट

    गांवों में भी सर्किल रेट की अलग श्रेणियां होंगी। सूदूर ग्रामीण क्षेत्र जैसे कोरांव, बारा, हंडिया व मेजा इलाके के विभिन्न गांवों का सर्किल कम बढ़ेगा। वहीं मुख्य मार्गों, कस्बा के पास, बाजार में अधिक बढ़ेगा। तहसील व ब्लाक मुख्यालयों, नगर पंचायतों की अलग श्रेणी होगी। इसी तरह में भी वर्गीकरण और श्रेणीवार होगा। सिविल लाइंस, अशोक नगर, जार्जटाउन, टैगोर टाउन, मम्फोर्डगंज जैसे क्षेत्रों में व्यावसायिक व आवासीय तथा सड़क व गलियों की अलग श्रेणी होगी। चौक, शाहगंज, खुल्दाबाद, कीडगंज, मुट्ठीगंज, तेलियरगंज, कटरा, रामबाग, बैरहना जैसे पुराने मोहल्लों की श्रेणी अलग तैयार हो रही है।

    शासन के निर्देश पर उप निबंधकों द्वारा तैयार की जा रही मानकीकृत सर्किल रेट सूची को जिलाधिकारी के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। संतुष्ट होने पर जिलाधिकारी द्वारा ही संशोधन को लागू किया जाता है। सर्किल रेट में वृद्धि का प्रस्ताव भी उन्हीं के आदेश पर तैयार किया जाएगा।
    - राकेश चंद्रा, एआइजी स्टांप।

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