यूपी में राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए शिक्षक उदासीन, 19 जिलों से कोई नहीं किया आवेदन
उत्तर प्रदेश में राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए शिक्षकों की उदासीनता के चलते 19 जिलों से एक भी आवेदन नहीं आया। इसे देखते हुए आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून ...और पढ़ें
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राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए शिक्षक उदासीन। AI जेनरेटेड फोटो
HighLights
19 जिलों से राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए कोई आवेदन नहीं आया।
आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून से बढ़ाकर 7 जुलाई की गई।
प्रयागराज से सर्वाधिक 5 शिक्षकों ने आवेदन जमा किए हैं।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए प्रदेशभर के बेसिक स्कूलों के शिक्षकों से आवेदन मांगे गए। 30 जून तक यह प्रक्रिया पूरी करनी थी। प्रदेश के 19 जनपदों में एक भी शिक्षक ने आवेदन नहीं किया। इसे देखते हुए आवेदन की तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। अब शिक्षक सात जुलाई तक प्रेरणा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
अब तक के विवरण के अनुसार जौनपुर में सब से अधिक शिक्षकों ने पोर्टल पर पंजीयन कराया लेकिन मात्र एक अध्यापक ने फार्म पूरी तरह भरक सबमिट किया। प्रयागराज में 11 अध्यापकों ने पंजीयन कराया, प्रदेश में सब से अधिक पांच शिक्षकों ने यहां से फार्म जमा किया है।
तिथि बढ़ने पर संभव है कि कुछ और शिक्षक अपनी दावेदारी करें। आगरा, आंबेडकर नगर, अयोध्या में क्रमश: छह, चार और सात पंजीयन हुए हैं। अंतिम तौर पर यहां तीन तीन शिक्षकों ने फॉर्म जमा किया।
औरैया, बांदा, बरेली, बिजनौर, बदायूं, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, गाजीपुर, हरदोई, हाथरस, कन्नौज, ललितपुर, महोबा, मथुरा, मुरादाबाद, सहारनपुर, संभल, शामली, सोनभद्र में एक भी दावेदार नहीं आए। हालांकि इन जनपदों में शिक्षकों ने पोर्टल पर जाकर पंजीयन तो कराया लेकिन अंतिम तौर पर किसी ने फार्म सबमिट नहीं किया।
प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सिर्फ एक शिक्षक ने राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए दावेदारी की है जबकि पोर्टल पर चार अध्यापकों ने पंजीयन कराया। वाराणसी में पांच अध्यापकों ने पंजीयन कराया लेकिन सिर्फ दो लोगों ने अपने फार्म अंतिम तौर पर सबमिट किए।
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बीएसए अनिल कुमार ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर कहा है कि राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए अधिक से अधिक शिक्षकों को प्रोत्साहित कर आवेदन कराया जाए। सभी जनपदों से न्यूनतम दो शिक्षकों के नाम राज्य स्तर पर भेजे जाते हैं। वहां साक्षात्कार के बाद किसी एक शिक्षक का चयन किया जाता है।
प्रदेश के 36 जिलों में अब तक सिर्फ एक-एक अध्यापकों ने दावेदारी की है। इन जनपदों में प्रतापगढ़, कौशांबी, अमेठी, अमरोहा, बागपत, बहराइच, बलरामपुर, बस्ती, भदोही, बुलंदशहर, चंदौली, देवरिया, एटा, इटावा, फिरोजाबाद, गोरखपुर जैसे जनपद शामिल हैं।
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