Special UPTET को शिक्षा सेवा चयन आयोग तैयार, भेजी कार्ययोजना; शासन से अनुमति मिलने पर विज्ञापन जारी होगा
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष यूपीटीईटी आयोजित करने की कार्ययोजना शासन को भेज ...और पढ़ें

HighLights
कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी कराने का सरकार ने लिया है निर्णय
जब आयोजन के लिए कहा जाएगा, आयोग शुरू कर देगा आयोजन प्रक्रिया
अवधेश पाण्डेय, जागरण, प्रयागराज। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बिना शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण नियुक्त शिक्षकों के लिए इसे सुप्रीम कोर्ट से अनिवार्य किए जाने के बाद प्रदेश सरकार के निर्णय के क्रम में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग विशेष टीईटी का आयोजन को तैयार है। शासन के निर्देश पर आयोग ने इस संबंध में कार्ययोजना भेज दी है।
आयोग दो, तीन और चार जुलाई को सभी के लिए यूपीटीईटी का आयोजन करा चुका है। इस कारण उसी अर्हता और उसी पैटर्न पर केवल शिक्षकों के लिए परीक्षा कराने में उसे कोई अड़चन नहीं है। आयोजन के लिए जब कहा जाएगा, तब वह प्रक्रिया शुरू कर देगा।
सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2025 के एक निर्णय में विद्यालयों में नियुक्त उन सभी शिक्षकों को दो वर्ष में टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया था, जिनकी सेवा पांच वर्ष से अधिक शेष थी। फिर मई 2026 के अपने निर्णय में टीईटी उत्तीर्ण होने की अवधि एक वर्ष बढ़ा दी थी। यानी 31 अगस्त 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इस अवधि में उत्तीर्ण नहीं हो पाते, उनकी सेवा समाप्त हो जाएगी। इसके अलावा जिनकी सेवा पांच वर्ष या इससे कम है, लेकिन पदोन्नति चाहते हैं, तो उन्हें भी टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। यदि पदोन्नति नहीं चाहते तो उनकी बची हुई सेवा सुरक्षित रहेगी।
इस आदेश के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग जुलाई के प्रथम सप्ताह में सभी के शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन किया, जिसका परिणाम आना शेष है। इसमें बिना टीईटी उत्तीर्ण हुए नियुक्त 1.80 लाख से ज्यादा शिक्षक भी सम्मिलित हुए। इधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी के आयोजन का निर्णय लिया था, जिसके क्रम में शासन ने आयोग से इस संबंध में कार्ययोजना मांगी थी।
आयोग ने कार्ययोजना भेज दी है। ऐसे में शासन से आयोजन की अनुमति मिलने के बाद अनुमानित 10 दिन विज्ञापन जारी करने में लग सकता है। इसके बाद आवेदन करने के लिए लगभग एक महीने का अवसर दिया जाएगा। परीक्षा आयोजन के लिए परीक्षा केंद्र निर्धारण, प्रश्नपत्र तैयार कराने व अन्य तैयारियों में लगने वाले समय को देखते हुए परीक्षा कराने में दो से तीन महीने का समय लग सकता है।
