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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    यूपी में बड़े षड्यंत्र की आशंका! एक-एक बिंदु की हो रही जांच, बख्शे नहीं जाएंगे डिरेल की साजिश करने वाले

    Updated: Thu, 10 Oct 2024 09:03 PM (IST)

    यूपी में बड़े रेल षड्यंत्र की आशंका के बीच मंडल रेल प्रबंधक ने घटनास्थल का दौरा किया और जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि डिरेल करने की साजिश करने वाल ...और पढ़ें

    बेनीकामा गांव के निकट रेल हादसे की साजिश की जांच करते मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम ) एसएम शर्मा : जागरण
    बेनीकामा गांव के निकट रेल हादसे की साजिश की जांच करते मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम ) एसएम शर्मा : जागरण

    HighLights

    1. मंडल रेलप्रबंधक ने अपनी टीम के साथ किया निरीक्षण, नौ लोगों के दर्ज किए गए बयान
    2. घटनास्थल के दोनों ओर पड़ने वाले स्टेशनों में भी पहुंचकर गहनता से की जांच

    जागरण संवाददाता, रायबरेली। बेनीकामा गांव के पास मालगाड़ी पलटाने की साजिश की जांच करने गुरुवार को मंडल रेलप्रबंधक मौके पर पहुंचे। करीब 35 मिनट तक घटना स्थल की गहनता से उनकी टीम ने जांच की। उन्होंने कहा कि एक-एक बिंदु की गहराई से जांच की जा रही है। डिरेल करने की साजिश करने वाले कोई भी हो, बख्शे नहीं जाएंगे। कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    इसके बाद उनकी स्पेशल ट्रेन लखनऊ की ओर रवाना हो गई। लक्ष्मणपुर व दरियापुर स्टेशन के बीच में पड़ने वाले बेनीकामा गांव के पास रेलवे गेट संख्या 15सी के निकट सोमवार की रात अराजकतत्वों ने रेलवे ट्रैक पर स्लीपर रख दिया था।

    इंजन से टकरा गया था स्लीपर

    देर रात मालगाड़ी निकली तो लोको पायलट ने सूझबूझ से इमरजेंसी ब्रेक लगाकर मालगाड़ी रोकी, लेकिन तब तक इंजन स्लीपर से टकरा गया। इस हादसे की जांच के लिए शाम को मंडल रेल प्रबंधक एसएम शर्मा अपनी स्पेशल ट्रेन से बेनीकामा पहुंचे। जहां पर 35 मिनट तक रुककर स्थल के आसपास एक-एक बिंदु पर उनके साथ आई टीम के सदस्यों ने जांच की।

    इसके बाद स्टेशन लक्ष्मणपुर व दरियापुर का निरीक्षण किया। वहां पर घटना दौरान दर्ज अभिलेख का अवलोकन करते हुए उस दिन तैनात लक्ष्मणपुर रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर रामकुमार व दरियापुर स्टेशन के स्टेशन मास्टर मुकेश कुमार, यातायात निरीक्षक बालमुकुंद, सीनियर सेक्शन इंजीनियर कलीम अहमद, रेल पथ निरीक्षक राकेश कुमार, 15सी के गेटमैन जगतपाल, लोको पायलट, सहायक मंडल अभियंता प्रयागराज, रेलवे सुरक्षा बल के आरपीएफ इंस्पेक्टर ऊंचाहार समर बहादुर सिंह आदि का बयान दर्ज किया गया।

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    इस दौरान वहां पर मौजूद अधिकारियों की लापरवाही को लेकर उनमें नाराजगी रही। मामले में अभी तक राजफाश न करने पर आरपीएफ व जीआरपी के प्रति भी नाराजगी देखी गई। मंडल रेल प्रबंधक का कहना है कि रेल पटरी के किनारे लगे रेल पटरी के पास से स्लीपर व पत्थर सारे हटाए जाएंगे, इसके लिए आदेश संबंधित अधिकारियों को दिया गया है।

    जांच के बाद लखनऊ की ओर उनकी स्पेशल ट्रेन रवाना हुई। स्टेशन में महज दो मिनट रुकने के बाद आगे बढ़ गई। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त रेल सुरक्षा बल लखनऊ देवांश शुक्ल, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक रजनीश श्रीवास्तव समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। इनसेट- छह गांवों में आरपीएफ, जीआरपी व स्थानीय पुलिस ने की जांच अराजकतत्वों को पकड़ने के लिए दो टीमें बनाई गई हैं।

    उनकी धरपकड़ के लिए स्थानीय पुलिस का भी सहयोग लिया जा रहा है। घटनास्थल बेनीकामा के निकट गांव पूरे मुराइन, चंदौली्, धर्मदासपुर, बेनीकामा, सरायश्रीबख्स, नवाबगंज आदि गांवों में बुधवार की देर रात आरपीएफ, जीआरपी व स्थानीय पुलिस ने छानबीन की। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी समर बहादुर सिंह यादव ने बताया कि रात में शादी वर्दी में छह गांवों में भ्रमण किया गया है, लेकिन सुराग नहीं लग पाया है।

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