रायबरेली में पुरातत्व विभाग को मिले कुषाण काल के अवशेष, आर्केलॉजी की टीम ने 85 बीघे के टीले का तीसरी बार किया मुआयना
रायबरेली के ओई गांव में बारिश से बने गड्ढे में सुरंगनुमा संरचना मिली, जिसके बाद पुरातत्व विभाग की टीमों ने 85 बीघे के टीले का निरीक्षण किया। यहां से क ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
रायबरेली के ओई गांव में मिले 2000 साल पुराने कुषाण कालीन अवशेष।
केंद्रीय और राज्य पुरातत्व विभाग की टीमें लगातार कर रहीं जांच।
बारिश से बने गड्ढे में सुरंगनुमा संरचना से हुई ऐतिहासिक खोज।
संवादसूत्र, हरचंदपुर (रायबरेली)। क्षेत्र का ओई गांव इस समय राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर रहा है। राज्य से लेकर केंद्रीय पुरातत्व विभाग की टीम करीब दस दिनों से लगातार गांव का दौरा कर रही है। शनिवार को सात सदस्यीय केंद्रीय टीम पुनः गांव पहुंची और खेत में बने सुरंग नुमा गड्ढे का निरीक्षण किया। टीम के सदस्यों ने करीब 85 बीघे के टीले का मुआयना किया और मिली वस्तुओं को देखा और फोटोग्राफी की।
लगभग दस दिनों पहले ओई गांव की गुरुदेई के खेत में बारिश के दौरान एक गड्ढा हो गया था। उसके अंदर सुरंग नुमा दिखा। उप जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश गौतम ने जिलाधिकारी सरनीत कौर को मामले की जानकारी दी थी। इसके बाद दो सदस्यीय पुरातत्व विभाग की केंद्रीय टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया था।
जांच के लिए पहुंची सात सदस्यीय टीम
अगले दिन डॉ. मनोज कुमार यादव के नेतृत्व राज्य स्तरीय टीम भी पहुंची थी। सदस्यों ने मौके का निरीक्षण करने के बाद गांव के अशोक प्रताप मौर्य द्वारा 40 वर्षों से टीले से जुटाए गए तमाम मिट्टी व धातुओं से निर्मित सामान को देखा था। शनिवार को सुबह करीब 10 बजे डा़ राजेंद्र यादव, महेंद्र पाल, निकिता चंद्रा, सौरभ, निधि वर्मा, विभा पांडेय, राम नरेश यादव व योगेश पाल सहित सात सदस्यीय टीम ओई गांव पहुंची।
टीम के सदस्य ने गड्ढे में प्रवेश कर ईंट व मिट्टी की जांच की और फोटोग्राफी की। इसके बाद सभी सदस्य अलग-अलग टीले पर भ्रमण कर बारीकी से अवशेष देखे और उन्हें एकत्र किया। टीम अशोक प्रताप मौर्य के घर पहुंची। टीम के सदस्यों ने घर एवं छत पर मौजूद तमाम सामग्री को देखा और फोटोग्राफी भी की।
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पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने मिली सामग्री से यह अनुमान लगाया था कि यह सामान कुषाण कालीन है और लगभग 2000 वर्ष पुराने हैं। उप जिलाधिकारी महाराजगंज चंद्रप्रकाश गौतम मौजूद रहे।