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रायबरेली में 178 डिजिटल लाइब्रेरी शुरू, ग्रामीण युवाओं को मिला शिक्षा का नया केंद्र

Published: Sat, 29 Aug 2026 02:46 PM (IST)

रायबरेली जिले की 178 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी का शुभारंभ हो गया है, जिससे ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलेगी।

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. रायबरेली की 178 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी शुरू।

  2. ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मिलेगी मदद।

  3. प्रत्येक लाइब्रेरी पर लगभग चार लाख रुपये का खर्च।

जागरण संवाददाता, रायबरेली। जनपद के 18 ब्लॉकों के 178 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी का शुभारंभ हो गया है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे ग्रामीण युवाओं ने पहले दिन अखबार पढ़ा।

जिले के 980 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी बननी है। यह कार्य कई चरणों में होगा। पहले चरण में 178 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया। प्रत्येक लाइब्रेरी में कंप्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस व अन्य उपकरण लगाए गए। महापुरुषों की जीवनी से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक की किताबें भी उपलब्ध कराई गई हैं।

बैठने के लिए कुर्सी मेज व बेंच लगाई गई हैं। इन सभी कार्यों के लिए प्रत्येक लाइब्रेरी पर करीब चार लाख रुपये खर्च किए गए। इसके संचालन की जिम्मेदारी सचिव व सहायक ग्राम पंचायत अधिकारी को दी गई है। लाइब्रेरी बनने से ग्रामीण युवाओं को बहुत फायदा होगा।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में होगी आसानी

अभी तक इसके लिए उन्हें मुख्यालय जाना पड़ता था। जिसके चलते उन्हें समय पर पैसा दोनों खर्च करने पड़ते थे। वहीं, अब उन्हें गांव में ही इसकी निश्शुल्क सुविधा मिलने लगी है। जहां, वह किसी भी समय लाइब्रेरी का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी आसानी होगी।

ब्लॉक अमावां के बावन बुजुर्ग बल्ला निवारी राहुल ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी बनने से गांव में ही प्रतियोगी किताबें पढ़ने को मिल जाएंगी। बछरावां के शेषपुर समोधा के रहने वाले राकेश ने बताया कि अभी तक लाइब्रेरी के लिए 30 किलोमीटर दूर मुख्यालय जाना पड़ता था।

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वहीं, डलमऊ के बरारा बुजुर्ग निवासी आशुतोष ने बताया कि गांव में लाइब्रेरी की सुविधा मिलने से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में तेजी आएगी। यहां पर अखबार किताबें आसानी से पढ़ने के लिए मिल सकेंगी।

178 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी शुरू हो चुकी है। इससे ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में आसानी होगी।

                                                                                         विनय सिंह, डीपीआरओ