रायबरेली : जिला अस्पताल में पैरालिसिस के मरीज को चढ़ाया एक्सपायरी इंजेक्शन, आनन-फानन में वार्ड से हटाईं दवाएं
रायबरेली जिला अस्पताल में पैरालिसिस के मरीज को एक्सपायरी इंजेक्शन लगाया गया, जिसे तीमारदार ने पकड़ लिया। जांच में सामने आया कि कई अन्य मरीजों को भी यह ...और पढ़ें
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HighLights
रायबरेली जिला अस्पताल में पैरालिसिस मरीज को एक्सपायरी इंजेक्शन।
तीमारदार ने एक्सपायरी दवा पकड़ी, अन्य मरीजों को भी दी गई।
जांच टीम गठित, स्टाफ नर्स हटाई, मरीज एम्स रेफर किए गए।
जागरण संवाददाता। रायबरेली। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में शनिवार की सुबह जानलेवा लापरवाही का मामला सामने आया है। पैरालिसिस के भर्ती मरीज को एक्सपायरी इंजेक्शन चढ़ा दिया गया। एक के बाद जब दूसरा इंजेक्शन लगाया गया तो तीमारदार की नजर एक्सपायरी डेट पर गई।
कालातीत दवा देख वह चौंक गया और तत्काल दूसरा इंजेक्शन पूरा चढ़ने से पहले ही रोक दिया। उन्होंने बताया कि वार्ड के आसपास के बेडों के मरीजाें को भी यही इंजेक्शन दिए गए। सीएमएस ने चार सदस्यीय टीम बनाकर जांच के निर्देश दिए। उधर, प्रकरण की डीएम ने भी संज्ञान लिया है।
मरीज अंजू को भी लगाया वही इंजेक्शन
अमेठी के फुरसतगंज के कोटवार मऊ के देवेंद्र कुमार को पैरालिसिस अटैक पड़ा। परिवारजन फुरसतगंज और फिर वहां से देर रात जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती करके इलाज शुरू किया गया। सुबह मरीज को इंजेक्शन दिया गया। इंजेक्शन चढ़ रहा था, तभी तीमारदारों की नजर एक्सपायरी तिथि पर गई। मार्च 2026 में एक्सपायर होने के बाद भी इंजेक्शन देने का विरोध किया। तीमारदारों ने देखा कि उसके बगल वाले बेड की मरीज अंजू को भी वही इंजेक्शन दिया गया था।
खीरों के कालूपुर देवगांव की अंजू पैरालिसिस होने पर भर्ती हैं। एक अन्य तीमारदार आशा देवी का आरोप है कि उनके मरीज को भी एक्सपायरी इंजेक्शन दिया जा रहा है, उसे होश नहीं आ रहा है। अमेठी के फुरसतगंज के मरीज के भतीजे अमित कुमार वर्मा का आरोप है कि उनके चाचा के शरीर के आधे अंग में पैरालिसिस हो गया था, यहां चिकित्सक ने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर लिया।
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बाहर से सीटी स्कैन कराया। आरोप लगाया कि यहां नए-नए लड़के हैं जो वीगो तक नहीं लगा पाते हैं, कई बार ब्लड आया, फिर वीगो लगा पाए। जो दवा दी गई उसे चेक किया तो एक्सपायरी डेट का इंजेक्शन लगाए जा रहे थे। यह सिर्फ हमारे ही मरीज को नहीं बल्कि बगल के बेड के दो अन्य मरीजों को भी इंजेक्शन दिया गया।
जब से इंजेक्शन दिया गया, मरीज को कुछ ज्यादा ही दिक्कत हो रही है। इसकी शिकायत डायल 112 में की गई, पुलिसकर्मी आए तो कोतवाली चलने की बात कही। जो डाक्टर आए उन्होंने कहा कि हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है। मरीज के बेटे अनुराग का आरोप है कि उनके पिता को एक एक्सपायरी इंजेक्शन पूरा चढ़ाया गया दूसरे में एक्सपायरी तिथि पर नजर पड़ी तो उसे रोकवा दिया। दवा में मार्च 2026 में एक्सपायरी तिथि अंकित है।
मैनीटाल इंजेक्शन वीगो के जरिए दिया जाता, मरीज भेजे गए एम्स
बताते हैं कि पैरालिसिस होने पर मैनीटाल इंजेक्शन वीगो के जरिए दिया जाता है। एक्सपायरी इंजेक्शन की जानकारी तीमारदार को हुई तो स्टाफ के हाथ पांव फूल गए। आनन-फानन वार्ड से दवाएं हटा दी गईं। तीमारदार ने एक्सपायरी इंजेक्शन का वीडियो बनाया और वीडियो प्रसारित होने के बाद अधिकारियों को भी जानकारी हुई। सीएमएस ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली। यही नहीं पैरालिसिस के दोनों मरीजों को एम्स रेफर कर दिया गया।
31 दिसंबर 2025 में दवा आई थी। एक्सपायरी मैनीटाल इंजेक्शन देने की शिकायत मिली है, चार सदस्यीय (दो चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट, एक स्टाफ नर्स) टीम बनाकर जांच के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले में जो भी दोषी होगा, कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्टाफ नर्स को ड्यूटी वार्ड से हटा दिया गया है, कार्रवाई के लिए लिखा गया है। -डॉ. पुष्पेंद्र कुमार, सीएमएस जिला अस्पताल