रायबरेली में लोको लॉबी में सख्त निगरानी व्यवस्था, कैमरे की देखरेख में लगेगी पायलटों की हाजिरी
रायबरेली रेलवे स्टेशन पर लोको पायलटों की हाजिरी और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। ...और पढ़ें

HighLights
लोको पायलटों की बायोमेट्रिक हाजिरी और नशा जांच शुरू।
पारदर्शिता के लिए लोको लाबी में सीसीटीवी कैमरे लगे।
रायबरेली में 168 पायलटों की फिटनेस सुनिश्चित होगी।
जागरण संवाददाता, रायबरेली। रेलवे स्टेशन पर स्थित लोको लाबी में अब लोको पायलटों की हाजिरी और कार्य प्रणाली को और अधिक पारदर्शी व अनुशासित बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।
प्लेटफॉर्म नंबर एक पर स्थित लोको लाबी में लोको पायलटों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए दो अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं। इन मशीनों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस के साथ-साथ नशे की जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे ड्यूटी पर तैनात होने से पहले कर्मचारियों की फिटनेस सुनिश्चित की जा सके।
रेलवे द्वारा उठाया गया यह कदम सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर ट्रेनों के संचालन में लोको पायलट की सतर्कता और शारीरिक-मानसिक स्थिति बेहद अहम होती है, ऐसे में नशा जांच प्रणाली यात्रियों की सुरक्षा से सीधे जुड़ी हुई है।
इसके अतिरिक्त लोको लाबी में हाजिरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए दो सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। इन कैमरों के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी कर्मचारी नियमों का उल्लंघन न कर सके और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
कैमरों की निगरानी से हाजिरी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी। रायबरेली लोको लाबी में कुल 168 लोको पायलट तैनात हैं, जो विभिन्न ट्रेनों के संचालन की जिम्मेदारी संभालते हैं।
इतने बड़े संख्या में कर्मचारियों की निगरानी और उनकी नियमित उपस्थिति दर्ज करने के लिए यह नई व्यवस्था काफी कारगर साबित होगी। चीफ क्रू कंट्रोलर गंभीर सिंह ने बताया कि नियमों अनुपालन जारी कर दिया गया है। कैमरे से मंडल के अधिकारी भी सीधे निगरानी लखनऊ से कर रहे हैं।
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रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की व्यवस्थाओं का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा, अनुशासन और कार्यकुशलता को बढ़ावा देना है। आने वाले समय में अन्य स्टेशनों पर भी इसी तरह की तकनीकी सुविधाएं लागू करने की योजना बनाई जा रही है, जिससे रेलवे संचालन और अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित हो सके।