रायबरेली में बजट की कमी से खेल मैदान बदहाल, खिलाड़ियों के सपने पूरा करना हुआ मुश्किल
रायबरेली में बजट के अभाव के कारण खेल मैदान बदहाल हैं, जिससे ग्रामीण बच्चों के लिए खेल के सपने पूरे करना कठिन हो गया है। ...और पढ़ें

फाइल फोटो।
HighLights
रायबरेली में खेल मैदान बजट की कमी से बदहाल।
जिला युवा कल्याण विभाग को मिला नाममात्र का बजट।
मनरेगा द्वारा निर्मित 95 खेल मैदान जर्जर स्थिति में।
जागरण संवाददाता, रायबरेली। खेल मैदान हो या संसाधन हर किसी में बजट की आवश्यकता होती है, लेकिन नगर पंचायत में बजट का टोटा है। वहीं, मनरेगा द्वारा बनाए गए खेल मैदान की बदहाली भी किसी से छिपी नहीं हैं।
ऐसे में ग्रामीण बच्चों के सामने खेल के क्षेत्र में सपना पूरा करना आसान नहीं है। जिला युवा कल्याण विभाग में तीन साल में एक लाख का बजट आया। जबकि नगर पालिका में दो लाख का बजट आया, लेकिन कहां जाता है किसी को पता नहीं।
जिले में नौ नगर पंचायत व एक नगर पालिका है, जिन पर कस्बे व शहर को चमकाने की जिम्मेदारी होती है, लेकिन यह विभाग बच्चों के खेलने के संसाधन जुटाने में पीछे हैं। जबकि शहर में पार्क बनाने भर से काम नहीं चलता। उसका रखरखाव भी करना पड़ता है।
पार्कों व मैदान में अतिक्रमण से बच्चे खेलों से दूर होते जा रहे हैं। मनरेगा द्वारा 155 न्याय पंचायत में 95 खेल मैदान बनाए गए, लेकिन आज ज्यादातर बदहाल हैं। वहीं, इनके रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रहे जिला युवा कल्याण विभाग के पास बजट का टोटा है। इस विभाग को तीन साल में महज एक लाख का ही बजट मिला जो कि ऊंट के मुंह में जीरा है।
बोले खिलाड़ी ऊंचाहार के राजकुमार ने बताया कि न्याय पंचायत में एक खेल मैदान है, लेकिन चारों तरफ बड़ी-बड़ी झाड़ियां हैं। सांप व अन्य जानवर का खतरा बना रहता है। महराजगंज के राहुल ने बताया कि खेल मैदान तो है, लेकिन उसमें खेल के कोई संसाधन नहीं हैं। अधिकारियों से जब शिकायत करो तो कहते हैं।
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बजट नहीं है। बछरावां मंगल दल के सुमित का कहना है कि एक बार युवा कल्याण विभाग से एक खेल किट मिली थी। उसमें सिर्फ एक वालीबाल व एक फुटबॉल था। तीन साल से और कुछ नहीं मिला। शिवाजी नगर के अमित के अनुसार आइटीआइ में खेल मैदान है, लेकिन सिर्फ नाम का। इसमें किसी प्रकार का जिम या कोई खेलने के लिए संसाधन नहीं हैं। इससे बच्चों को दूर स्टेडियम जाना पड़ता है।
ऊंचाहार नगर पंचायत अध्यक्ष ममता जायसवाल ने बताया कि खेलकूद का कोई बजट नहीं आता है। डलमऊ नगर पंचायत के अध्यक्ष पं. ब्रजेशदत्त गौड़ ने बताया कि खेल कूद के लिए नगर पंचायत में बजट नहीं आता है।
लालगंज नगर पंचायत अध्यक्ष सरिता गुप्ता ने बताया कि खेल के लिए कोई अलग से बजट नहीं आता है। जिन नगर पंचायतों में सीमा विस्तार हुआ है अथवा नई नगर पंचायत बनी हैं, वहां मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के तहत मिनी स्टेडियम बनाए जाने को लेकर प्रस्ताव मांगे गए हैं। सलोन की अधिशासी अधिकारी प्रियंका तिवारी ने बताया कि नगर पंचायत में खेलकूद का कोई बजट नहीं आता है।