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    'फर्जी' वेब सीरीज देखकर बना असली 'शाहिद कपूर', मेरठ में छाप डाले करोड़ों के जाली नोट

    Updated: Tue, 14 Apr 2026 07:39 AM (GMT+05:30)

    एटा के राजवर्धन ने 'फर्जी' वेब सीरीज से प्रेरित होकर मेरठ में करोड़ों के जाली नोट छापे। वह 12वीं पास है और दिल्ली के मास्टरमाइंड से ट्रेनिंग ली। पुलिस ...और पढ़ें

    आरोपित राजवर्धन।

    आरोपित राजवर्धन।

    HighLights

    1. वेब सीरीज से प्रभावित था एटा का राजवर्धन, पुलिस ने तेज की मास्टरमाइंड की तलाश

    2. दिल्ली के अलावा संभल व मुरादाबाद समेत अन्य जिलों में भी नोट खपाने की आशंका

    अनिल अवस्थी, रामपुर। जाली नोट छापने वाला एटा का राजवर्धन महज 12वीं पास है। उसका नेटवर्क दिल्ली तक सक्रिय था। पुलिस को आशंका है कि मेरठ में उसने एक करोड़ रुपये से अधिक के जाली नोट छापकर यूपी से दिल्ली तक खपाया है। संभल और मुरादाबाद में पकड़े गए जाली नोट का कनेक्शन भी इस गिरोह से जोड़कर खंगाला जा रहा है। साथ ही पुलिस टीम ने राजवर्धन के साथियों की तलाश भी तेज कर दी है।

    एटा के कोतवाली द्वारिकापुरी आगरा रोड का रहने वाला राजवर्धन शातिर किस्म का है। 12वीं पास होने के बावजूद वह स्वास्थ्य विभाग की आंखों में धूल झोंककर एटा में पैथोलाजी लैब चलाता रहा। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि शाहिद कपूर अभिनीत ‘फर्जी’ वेब सीरीज में जाली नोटों के धंधे से वह बहुत प्रभावित था।

    इसके चलते वह इस सीरीज को कई बार देख चुका था। इस दौरान उसकी मुलाकात दिल्ली से जाली नोटों का रैकेट चलाने वाले मास्टरमाइंड से हो गई। पहले तो राजवर्धन ने उससे जाली नोट खरीदकर आसानी से उन्हें बाजार में खपाया। इसके बाद उसका लालच और बढ़ा तो उसने मास्टरमाइंड से खुद ही जाली नोट तैयार करने की इच्छा जताई।

    इस पर मास्टरमाइंड उसे नोट छापने की ट्रेनिंग दिलाने अपने साथ दिल्ली ले गया। यहां उसने जाली नोट छापना सीख लिया। शातिर दिमाग के चलते राजवर्धन ने जाली नोट छापने का काम एटा के बजाय मेरठ में शुरू किया। इन नोटों को बाजार में खपाने के लिए वह खासकर बेरोजगार लोगों को मोटी कमाई का लालच देकर चंगुल में फंसाता था।

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    हालांकि, पुलिस की पूछताछ में उसने महज 25 लाख की कीमत के ही जाली नोट छापने की बात स्वीकार की है। मगर पुलिस का अनुमान है कि पिछले छह महीने में उसने एक करोड़ से अधिक के जाली नोट छापकर बाजार में खपाए हैं।

    जाली नोटों का कनेक्शन तलाश रही पुलिस

    10 अप्रैल को एटीएस और पुलिस टीम ने संभल के हयातनगर थानाक्षेत्र से 20 हजार के जाली नोटों के साथ शराफत हुसैन को गिरफ्तार किया था। 10 फरवरी को मुरादाबाद के थाना मैनाठेर की पुलिस ने 28 लाख 50 हजार के जाली नोटों के साथ 10 लोगों को गिरफ्तार किया था।

    आशंका जताई जा रही है कि राजवर्धन द्वारा तैयार नोट ही संभल और मुरादाबाद पहुंचे थे। पुलिस दोनों जिलों में हुई जाली नोटों की बरामदगी का कनेक्शन भी तलाश रही है। इसके लिए पुलिस तेजी से राजवर्धन के गुरु व इस खेल के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है।

    यह था मामला

    रामपुर की गंज कोतवाली पुलिस ने एक अप्रैल को 10,500 रुपये के जाली नोट के साथ शहर के मुहल्ला घुइया तालाब निवासी सिनवान और मुहल्ला चाह मोटे कल्लन निवासी मिन्हाज को गिरफ्तार किया था। एसपी सोमेंद्र मीना ने पुलिस व एसओजी टीम को जाली नोट चलाने वालों का नेटवर्क तलाशने के निर्देश दिए थे।

    संयुक्त टीम ने 12 अप्रैल को एटा के थाना कोतवाली देहात मंदाकिनी पुरम कालोनी कासगंज रोड निवासी चिराग सक्सेना को 4.88 लाख रुपये के जाली नोटों के साथ गिरफ्तार कर लिया। चिराग की निशानदेही पर पुलिस ने मेरठ की क्रिस ग्रीन कालोनी से राजवर्धन सिंह चौहान उर्फ आशू को दबोच कर गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया।

     

    पुलिस व एसओजी की टीम जाली नोट छापने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश में तेजी से जुटी है। उसके हाथ लगते ही गिरोह में लिप्त अन्य गुर्गों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    - सोमेंद्र मीना, पुलिस अधीक्षक


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