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    आजम खान को राहत! रामपुर की स्पेशल कोर्ट ने शत्रु संपत्ति केस में दी जमानत, लेकिन जेल से नहीं आएंगे बाहर

    Updated: Mon, 11 May 2026 05:01 PM (IST)

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान को रामपुर की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट से शत्रु संपत्ति मामले में तीन धाराएं बढ़ाने के संबंध में जमानत मिल ...और पढ़ें

    आजम खान

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    1. मामले में नौ मई 2020 को दर्ज कराया गया था मुकदमा

    जागरण संवाददाता, रामपुर। शत्रु संपत्ति के मुकदमे में तीन धाराएं बढ़ाने के मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) से राहत मिल गई है। न्यायालय ने सुनवाई के बाद उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। हालांकि इसके बावजूद आजम खान जेल में ही रहेंगे।

    शत्रु संपत्ति का यह मुकदमा कलक्ट्रेट के रिकार्ड रूम के सहायक अभिलेखपाल मोहम्मद फरीद की ओर से सिविल लाइंस थाने में नौ मई 2020 को दर्ज कराया गया था। इसमें पहले लखनऊ के पीरपुर हाउस निवासी सैयद आफाक अहमद व अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी हुई थी। यह शत्रु संपत्ति आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी के आसपास थी, जो इमामुद्दीन कुरैशी पुत्र बदरुद्दीन कुरैशी के नाम दर्ज थी।

    इमामुद्दीन कुरैशी विभाजन के समय देश छोड़कर पाकिस्तान चले गए थे। वर्ष 2006 में यह संपत्ति शत्रु संपत्ति के रूप में राजस्व अभिलेखों में दर्ज कर ली गई थी। भूमि के रिकार्ड की जांच करने पर पता चला था कि राजस्व विभाग के रिकार्ड में फर्जीवाड़ा कर शत्रु संपत्ति को खुर्द बुर्द करने के लिए आफाक अहमद का नाम गलत तरीके से राजस्व रिकार्ड में अंकित किया गया था।

    रिकार्ड के पन्ने फटे हुए मिले थे। इसमें आजम खान, उनकी पत्नी पूर्व सांसद डा. तंजीम फात्मा और उनके बेटे अब्दुल्ला समेत जौहर ट्रस्ट के अन्य सदस्य आरोपित बनाए गए। ट्रस्ट में अधिकतर सदस्य आजम खान के परिवार के हैं। इस मुकदमे में सेवानिवृत्त कलक्ट्रेट कर्मचारी भगवंत भी आरोपित हैं, जो सरकारी गवाह बन चुके हैं।

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    उनके बयान के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में अग्रिम विवेचना की थी, जिसके बाद आजम खान पर मुकदमे में आइपीसी की तीन धाराएं 467, 471 और 201 बढ़ाते हुए पूरक आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।

    इन बढ़ी हुई धाराओं में जमानत कराने के लिए आजम खान ने एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) शोभित बंसल के न्यायालय में जमानत अर्जी दाखिल की थी, जो सुनवाई के बाद 23 अप्रैल को खारिज हो गई थी।

    इस फैसले के खिलाफ आजम खान एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) चले गए थे, जहां सुनवाई के बाद सोमवार को आजम खान की अर्जी मंजूर कर ली गई है। आजम अभी अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ दो पैन कार्ड बनाने के मामले में रामपुर जेल में हैं। इस प्रकरण में न्यायालय ने उन्हें सात वर्ष कैद की सजा सुनाई है।

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