जेल की जमीन पर 'कब्जे' के खेल में आजम खां की पेशी, आरोप तय होने से पहले आया नया मोड़
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां पर जेल की जमीन कब्जाने के मामले में मंगलवार को आरोप तय नहीं हो सके, अगली सुनवाई 11 मई को होगी। आजम खां वी ...और पढ़ें

आजम खां
जागरण संवाददाता, रामपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां पर जेल के फांसीघर की जमीन कब्जाने के मामले में मंगलवार को आरोप तय नहीं हो सके। आजम खां के अधिवक्ता ने स्थगन प्रार्थना पत्र देकर समय मांग लिया। न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए 11 मई नियत की है। इस दौरान आजम खां जिला कारागार से वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए न्यायालय में पेश हुए।
जेल में फांसीघर की जमीन कब्जाने का मामला गंज कोतवाली में 20 सितंबर 2019 को तत्कालीन नायब तहसीलदार कृष्ण गोपाल मिश्रा की ओर से कराया गया था। मुकदमे में 37 लोगों को नामजद किया था। इन सभी पर फांसी घर की जमीन की खरीद फरोख्त का आरोप है।
नायाब तहसीलदार ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस जमीन की बिक्री नहीं हो सकती, क्योंकि यह सरकारी है। कागजों में हेराफेरी कर कुछ लोगों ने जमीन बेच दी। जमीन खरीदने के बाद लोगों ने घर भी बना लिए। पुलिस रिपोर्ट में जमीन बेचने और खरीदने वाले सभी को नामजद किया गया।
विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आए कि आजम खां के इशारे पर ही जमीन खरीदी गई है। पूछताछ के दौरान खरीदारों ने यह बात कही कि उन्होंने आजम खां के कहने पर ही जमीन खरीदी थी। इसी आधार पर चार्जशीट में उनका नाम धारा 120 बी (षड्यंत्र रचने) में शामिल किया गया था।
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उनकी मां और बेटे भी नामजद हुए। मां की मौत हो चुकी है, इसलिए उनका नाम निकाल दिया गया, जबकि आजम खां और बेटे के नाम आरोप पत्र में शामिल किए गए थे। इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही है।
भड़काऊ भाषण के दो मामलों में भी टली सुनवाई
सपा नेता आजम खां के खिलाफ मंगलवार को भड़काऊ भाषण के दो मामलाें में भी सुनवाई नहीं हो सकी। दोनों मामलों में अब 11 मई को सुनवाई होगी। दोनों मामले वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव के दौरान के हैं। इनमें एक मामला बिलासपुर कोतवाली में दर्ज हुआ था।
इसमें घटना के समय वीडियो निगरानी समिति में शामिल कुलदीप भटनागर की गवाही चल रही है। न्यायालय ने जनसभा में आजम खां के द्वारा दिए गए भाषण की सीडी तलब की है। दूसरा मामला शाहबाद काेतवाली का है। इसमें न्यायालय ने रिकार्ड तलब किया।
इसके अलावा आजम खां के खिलाफ गंज काेतवाली में वर्ष 2018 के एक मुकदमे में भी गवाह सौलत अली गवाही के लिए आए थे। हालांकि तबीयत खराब होने के कारण उन्होंने गवाही नहीं दी और बिना सूचना दिए चले गए। कोर्ट ने गवाह के जमानती वारंट जारी किए हैं। इसमें भी 11 मई को सुनवाई होगी।