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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Azam Khan: आजम खां का ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी बनी उनकी मुसीबत, 32 मुकदमे दर्ज और भू माफिया भी घोषित

    By Prabhapunj MishraEdited By: Prabhapunj Mishra
    Updated: Fri, 15 Sep 2023 07:56 AM (IST)

    Income Tax Raid सपा के कद्दावर नेता और 10 बार विधानसभा और एक बार लोकसभा चुनाव जीतने वाले आजम खां के ल‍िए उनका ड्रीम प्रोजेक्ट यानी जौहर यूनिवर्सिटी ही ...और पढ़ें

    Income Tax Raid: आजम खां के घर चल रही है आयकर व‍िभाग की छापेमारी
    Income Tax Raid: आजम खां के घर चल रही है आयकर व‍िभाग की छापेमारी

    HighLights

    1. आजम खां बोले मैंने शिक्षा का काम करने के लिए लोगों से चंदा ल‍िया
    2. आजम खान के करीबियों पर भी आयकर व‍िभाग की नजर

    रामपुर, जागरण संवाददाता। सपा के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां के लिए जौहर यूनिवर्सिटी मुसीबत बन गई है। इसी को लेकर उनके खिलाफ 32 मुकदमे दर्ज हुए और भू माफिया भी घोषित हो गए। इसे बनाने के लिए जो धन जुटाया, अब उसी का हिसाब किताब आयकर विभाग मांग रहा है। जौहर यूनिवर्सिटी आजम खां का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसके लिए उन्होंने जहां-तहां से चंदा जुटाया।

    सपा शासनकाल में श्रम विभाग ने त दो हजार करोड़ आंकी थी लागत

    सपा शासन काल में यूनिवर्सिटी में जब कोई बड़ा कार्यक्रम होता था तब चंदे के लिए बड़े-बड़े बॉक्स रख दिए जाते थे। तमाम लोग इनमें नोट डालते थे। इस यूनिवर्सिटी में आलीशान इमारतें हैं। इसकी लागत को लेकर भी अलग-अलग दावे किए गए। सपा शासनकाल में ही श्रम विभाग ने इनकी लागत दो हजार करोड़ आंकी थी। हालांकि आजम खां की आपत्ति पर भाजपा शासनकाल में इसे घटाकर 147 करोड़ कर दिया गया।

    शुरू से ही विवादों में रही जौहर यूनिवर्सिटी

    यह यूनिवर्सिटी शुरू से ही विवादों में रही। यह अल्पसंख्यक संस्थान है। इसकी अल्पसंख्यक मान्यता को लेकर भी सपा शासनकाल में लंबा आंदोलन चलाया गया था। राज्यपाल के लगातार पुतले फूंके गए थे, लेकिन तब मान्यता नहीं मिल सकी थी। बाद में केंद्र में भाजपा की सरकार बनने पर चंद रोज के लिए उत्तर प्रदेश के राज्यपाल बने अजीज कुरैशी ने इसे अल्पसंख्यक संस्थान का दर्ज दे दिया।

    26 किसानों ने की थी जमीन पर जबरन कब्‍जा करने की श‍िकायत

    यूनिवर्सिटी करीब डेढ़ हजार बीघे में बनी है। इसके लिए जो जमीन खरीदी गई, उसे लेकर भी मुकदमेबाजी की गई। किसानों ने सिविल कोर्ट में भी मुकदमा दर्ज किया। जुलाई 2019 में 26 किसानों ने जिलाधिकारी को शपथ पत्र दिए, जिनमें कहा कि उनकी जमीन जबरन कब्जाई गई है। इस पर प्रशासन ने मुकदमा दर्ज करा दिया। बाद में सभी 26 किसानों की ओर से अलग-अलग मुकदमे अजीम नगर थाने में लिखाए गए। कस्टोडियन की जमीन को लेकर भी प्रशासन ने तीन मुकदमे दर्ज कराए।

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    मदरसा आलिया की किताबें यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी से हुईं थी बरामद

    इन सभी मुकदमों में आजम खां को नामजद किया गया। यूनिवर्सिटी से नगर पालिका की सफाई मशीन भी बरामद की गई। इस मामले में आजम खां पर चोरी का मुकदमा दर्ज हुआ। यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी से मदरसा आलिया की किताबें भी बरामद हुईं। इस पर आजम खां के खिलाफ किताब चोरी का मुकदमा दर्ज हुआ। इस तरह आजम खां के खिलाफ यूनिवर्सिटी को लेकर 32 मुकदमे दर्ज हुए।

    यूनिवर्सिटी के लिए जुटाई गई धनराशि के बारे में हिसाब-किताब ले रहा आयकर

    जमीनें कब्जाने के 30 मुकदमों में तो आजम खां के साथ ही जौहर ट्रस्ट के सभी सदस्यों को आरोपित किया गया है। यह मुकदमे अदालतों में विचाराधीन हैं। दूसरी ओर जमीनें कब्जाने के मामले में दर्द होने पर आजम खां को भूमाफिया घोषित कर दिया। इसके बाद ईडी ने केस दर्ज कर लिया। अब आयकर विभाग भी जांच कर रहा है। उनसे यूनिवर्सिटी के लिए जुटाई गई धनराशि के बारे में हिसाब-किताब ले रहा है। आखिर यूनिवर्सिटी बनाने के लिए कहां से पैसा आया और किसने दिया।