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    डूंगरपुर केस में नया मोड़: आजम खान के बचाव में आए गवाह का बड़ा दावा- 'राजनीतिक द्वेष में दर्ज हुआ केस'

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 11:37 PM (GMT+05:30)

    डूंगरपुर प्रकरण में आजम खान के बचाव में पेश गवाह गुड्डू ने घटना से इनकार करते हुए इसे राजनीतिक द्वेष बताया। अब अभियोजन पक्ष 1 अगस्त को गवाह से जिरह कर ...और पढ़ें

    आजम खान

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    HighLights

    1. डूंगरपुर में बनवाए गए थे आसरा आवास, लोगों के घर तोड़ने का आरोप

    जागरण संवाददाता, रामपुर। डूंगरपुर प्रकरण में आरोपित सपा नेता आजम खां की ओर उनके अधिवक्ता ने बचाव में गवाह पेश किया। गुड्डू नाम के गवाह ने अपने बयान में घटना से इन्कार किया। कहा कि आजम खां के खिलाफ राजनीतिक द्वेष के कारण प्राथमिकी दर्ज की है, जिसका वास्तविकता से लेना देना नहीं है। गवाह की मुख्य परीक्षा पूरी हो गई है। अब अभियोजन द्वारा गवाह से जिरह की जानी है। इसके लिए न्यायालय ने पहली अगस्त नियत की है। सुनवाई के दौरान आजम खां रामपुर जेल से वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए न्यायालय में पेश हुए।

    डूंगरपुर प्रकरण वर्ष 2016 का है। तब प्रदेश में सपा की सरकार थी और आजम खां कैबिनेट मंत्री थे। उन्होंने पुलिस लाइन के पास डूंगरपुर में गरीबों के लिए आसरा आवास बनवाए थे। यहां पहले से कुछ लोगों के मकान बने हुए थे, जिन्हें सरकारी जमीन पर बताकर तोड़ दिया गया था।

    इन लोगों ने ही भाजपा की सरकार आने पर वर्ष 2019 में गंज कोतवाली में मुकदमे दर्ज कराए थे। 11 लोगों की ओर से दर्ज अलग-अलग मुकदमों में आरोप है कि सपा सरकार में आजम खां के इशारे पर पुलिस और सपाइयों ने बस्ती में आसरा आवास बनाने के लिए उनके घरों को जबरन खाली कराया था।

    उनका सामान लूट लिया और मकानों पर बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त कर दिया था। इन मुकदमों में पहले आजम खां नामजद नहीं थे, लेकिन अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी और उनके बयानों के आधार पर पुलिस ने आजम खां को भी आरोपित बनाया था। इन मामलों की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में चल रही है। इनमें छह मामलों में फैसला हो चुका है।

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    पांच मामले अब भी विचाराधीन हैं। पांचों मामलों की एक साथ सुनवाई की जा रही है। आजम खां के अलावा इस मामले में पूर्व सीओ आले हसन खां, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमेंद्र चौहान, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां, बरकत अली ठेकेदार आदि भी आरोपित हैं।अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा पैरवी कर रही हैं।

    इस मामले में अभियोजन की गवाही पूरी हो चुकी है। 16 जुलाई को न्यायालय में सभी आरोपितों ने पेश होकर धारा 313 के तहत बयान दर्ज कराए थे, जिसके बाद न्यायालय ने आजम खां व अन्य आरोपितों को सफाई साक्ष्य का अवसर दिया था। गुरुवार को आजम खां के बचाव में उनके अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने गुड्डू की गवाही कराई। गवाही जारी है।

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