Azam Khan की मुश्किलें बढ़ीं: आयकर विभाग का 494 करोड़ का नोटिस, जौहर यूनिवर्सिटी के पाई-पाई का देना होगा हिसाब
आजम खान की मुश्किलें बढ़ गई हैं, आयकर विभाग ने जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण पर खर्च हुए 494 करोड़ रुपये का हिसाब मांगा है। ट्रस्ट का पंजीकरण रद्द होन ...और पढ़ें

आजम खान
HighLights
2015-16 से 2019-20 तक आय और व्यय का साक्ष्यों सहित मांगा हिसाब
अनिल अवस्थी, रामपुर। दो पैन कार्ड मामले में दस वर्ष कैद की सजा काट रहे सपा नेता आजम खान की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। गंभीर अनियमितताओं में आजम खान के मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का पंजीकरण रद करने के बाद आयकर विभाग ने अब उनसे विश्वविद्यालय निर्माण पर खर्च की गई धनराशि का ब्योरा मांगा है। 29 जुलाई तक ब्योरा देने को कहा गया है। आजम खान ने जौहर विवि के निर्माण पर सौ करोड़ से अधिक सरकारी बजट खर्च किया था। इसके चलते उनके लिए आयकर विभाग को ब्योरा उपलब्ध कराना आसान नहीं होगा।
आयकर विभाग के उपायुक्त जसवंत सिंह ने 21 जुलाई को बी-34, दारुलशफा लखनऊ के पते पर मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के नाम पर भेजे गए नोटिस में कहा है कि वर्ष 2015-16 से 2019-20 तक ट्रस्ट के बैंक खातों से हुए लेनदेन का साक्ष्यों के साथ विवरण प्रस्तुत करें।
बैंक खातों में एक लाख रुपये और उससे अधिक की अन्य जमा राशियों के स्रोत का विवरण देने के साथ जौहर विश्वविद्यालय के नाम पर ट्रस्ट/विश्वविद्यालय की अचल संपत्तियों में निवेश के स्रोत की व्याख्या करें। नोटिस में कहा गया है कि आपकी संपत्ति का मूल्यांकन अधिनियम की धारा 132(9डी)/142ए के तहत जिला मूल्यांकन अधिकारी और आयकर विभाग से कराया गया था।
10 नवंबर 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, विश्वविद्यालय परिसर में 59 भवन हैं और इन भवनों के निर्माण की वास्तविक लागत 494.46 करोड़ रुपये है। इसमें किए गए निवेश के स्रोत का पूर्ण दस्तावेजी साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण दें। आगे कहा है कि इसमें भूमि, फर्नीचर और अन्य चल वस्तुओं की लागत शामिल नहीं है।
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इनमें निवेश के स्रोत का भी ब्योरा दें। ट्रस्ट में दान करने वालों की सूची पैन और ईमेल आईडी सहित प्रस्तुत करें। दानकर्ता की पहचान, लेन-देन की प्रामाणिकता और बैंक शाखा का प्रमाण भी दें। इसके साथ ही एक लाख रुपये से अधिक किए गए सभी व्यय का विवरण मदवार देने के लिए कहा गया है।
आयकर विभाग ने 23 जुलाई को वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ी, कर चोरी, सरकारी धन के दुरुपयोग, विश्वविद्यालय परिसर में मस्जिद निर्माण और नौ सदस्यीय ट्रस्ट में परिवार के ही पांच सदस्यों को शामिल करने जैसे आरोप साबित होने पर ट्रस्ट का पंजीकरण रद कर दिया था। ट्रस्ट की ओर से आयकर विभाग को महज वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2023-24 का ही ब्योरा उपलब्ध कराया गया था।
इसमें ट्रस्ट की चार साल की कमाई 38,54,63,486 करोड़ दर्शाई गई, जबकि ट्रस्ट के बैंक खातों में 977985867 करोड़ रुपये जमा मिले। 59,25,22,381 रुपये के इस अंतर को आयकर विभाग की ओर से कई बार पूछे जाने पर भी ट्रस्ट द्वारा जानकारी नहीं दी गई।
एकता के सामने खोले दस्तावेज
आयकर विभाग ने गुरुवार को आजम खान की मुंहबोली बेटी एकता कौशिक को लखनऊ तलब कर छापेमारी के दौरान सीज किए गए जौहर ट्रस्ट से संबंधित दस्तावेज खोल दिए। एकता गाजियाबाद के राजनगर की रहने वाली हैं। वह आजम खान और उनके परिवार की बहुत करीबी हैं। आजम खान उन्हें बेटी की तरह मानते हैं।
सितंबर 2023 में आयकर विभाग ने आजम खान और उनके करीबियों के घरों पर छापेमारी की थी तो इनमें एक घर एकता कौशिक का भी था। एकता ने बताया कि जांच-पड़ताल के लिए सीज किए गए दस्तावेज खोले जाने थे। इसमें बतौर गवाह उपस्थित रहने के लिए आयकर विभाग ने नोटिस भेजकर उन्हें लखनऊ बुलाया था।