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    '38 इमारतें गिराईं तो छात्रों का क्या होगा?' जौहर यूनिवर्सिटी पर संसद में भड़के रामपुर सांसद नदवी

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 08:58 PM (GMT+05:30)

    रामपुर सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने लोकसभा में जौहर विश्वविद्यालय की 38 इमारतों को गिराने के आदेश का मुद्दा उठाया। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताते ह ...और पढ़ें

    मोहिब्बुल्लाह नदवी, सांसद।

    मोहिब्बुल्लाह नदवी, सांसद।

    जागरण संवाददाता, रामपुर। समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने सोमवार को मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा संसद में उठाया। उन्होंने संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में नियम 56 के तहत कार्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर जौहर विश्वविद्यालय की 40 में से 38 इमारतों को ध्वस्त करने के आदेश का मुद्दा उठाया।

    इस कार्रवाई पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताया। अपने प्रस्ताव में कहा कि प्रशासन का यह दावा है कि भवनों के निर्माण के लिए आवश्यक स्वीकृतियां नहीं थीं, लेकिन यह मामला केवल भवनों का नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हजारों छात्र-छात्राओं की शिक्षा, परीक्षाओं, डिग्रियों और उनके भविष्य से जुड़ा है।

    उन्होंने कहा कि यदि बड़ी संख्या में शैक्षणिक भवन ध्वस्त किए जाते हैं तो विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होगी और सैकड़ों शिक्षकों व कर्मचारियों की आजीविका भी संकट में पड़ जाएगी। उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि क्या सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इस कार्रवाई से किसी भी छात्र की पढ़ाई, परीक्षा और डिग्री पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

    साथ ही उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने तथा देशभर के शैक्षणिक संस्थानों के लिए समान, पारदर्शी और गैर-भेदभावपूर्ण नीति बनाने की मांग की, ताकि शिक्षा संस्थानों का राजनीतिकरण रोका जा सके। सांसद ने कहा कि वह रामपुर की जनता, जौहर विश्वविद्यालय के छात्रों और देश के युवाओं के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक मजबूती से उठाते रहेंगे।

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