आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर RDA का शिकंजा: 38 अवैध भवनों पर नोटिस, एकतरफा स्टे रोकने के लिए कोर्ट पहुंचेगा प्रशासन
रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) जौहर विश्वविद्यालय के 38 अवैध भवनों के खिलाफ कोर्ट में कैविएट दाखिल करेगा, ताकि प्रबंधन को एकतरफा स्टे न मिल सके। विश्व ...और पढ़ें

आजम खान
HighLights
उच्च न्यायालय में एकपक्षीय दलील देकर स्टे हासिल नहीं कर सकेगा विश्वविद्यालय प्रबंधन
जागरण संवाददाता, रामपुर। मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की ओर से संचालित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में बिना मानचित्र स्वीकृत निर्मित 38 भवनों पर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। इसके चलते अब आरडीए विश्वविद्यालय को दिए गए नोटिस को लेकर उच्च न्यायालय में कैविएट (अग्रिम चेतावनी) दाखिल करेगा। इस संबंध में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इससे विश्वविद्यालय प्रबंधन की मुश्किलें आसान होती नजर नहीं आ रही हैं।
मौलाना जौहर अली विश्वविद्यालय में अवैध निर्माण को लेकर रामपुर विकास प्राधिकरण की ओर से प्रबंधन को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब तलब किया है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रबंधन के पास दो ही रास्ते हैं पहला ये कि वह विकास प्राधिकरण में जुर्माना (कंपाउंडिंग) समेत फीस जमा कर अवैध निर्माण को वैध कराए। मगर वर्ष 2024 में प्रस्तावित मास्टर प्लान में विश्वविद्यालय क्षेत्र के गांव सिंगनखेड़ा को भी शामिल किया है।
जब तक मास्टर प्लान स्वीकृत होकर संबंधित भूमि सरकारी योजना से मुक्त नहीं होगी तब तक आरडीए उक्त भवनों का मानचित्र स्वीकृत नहीं कर सकता है। वहीं विश्वविद्यालय प्रबंधन के पास दूसरा रास्ता आरडीए के नोटिस के खिलाफ फौरी राहत के तहत उच्च न्यायालय से स्टे हासिल करना है। मगर आरडीए अब उच्च न्यायालय में नोटिस के संबंध में कैविएट दाखिल करने की तैयारी में जुट गया है।
ऐसे में विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से न्यायालय में स्टे का प्रयास करने पर न्यायालय उसे एकपक्षीय स्टे नहीं देगा। उसका पक्ष सुनने के बाद न्यायालय आरडीए की भी दलील सुनेगा। इसके बाद ही स्टे देने या न देने का फैसला सुनाएगा। इसके चलते विश्वविद्यालय प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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उल्लेखनीय है कि आयकर विभाग की जांच के दौरान जिला पंचायत कार्यालय की ओर से दी गई रिपोर्ट में कहा गया था कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की सचिव डाॅ. तजीन फात्मा की ओर से मेडिकल कालेज भवन (क्षेत्रफल 75572.23 वर्ग मीटर) और अकादमी ब्लाक भवन (क्षेत्रफल 27132.94 वर्ग मीटर) का नक्शा 16 जून 2016 को स्वीकृत किया गया।
इसके अलावा किसी अन्य भवन के मानचित्र के लिए आवेदन प्रस्तुत नहीं किया। बिना मानचित्र स्वीकृत कराए कई भवन बना लिए गए। साथ ही फायर विभाग की एनओसी भी नहीं ली। डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने शनिवार को एसडीएम कुमार गौरव की अगुवाई में अग्निशमन विभाग, जिला पंचायत और विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर विवि में निर्मित सभी भवनों की गिनती और नापजोख कराई थी।
इसमें साफ हो गया कि लगभग एक हेक्टेयर भूमि पर लगभग 38 ब्लाकों का अवैध निमार्ण कराया गया है। इसके बाद आरडीए ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस का जवाब देने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने की दशा में भवनों की सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
विश्वविद्यालय में अब अग्निसुरक्षा की पड़ताल
जौहर विश्वविद्यालय में अवैध भवन निर्माण के बाद अब अग्नि सुरक्षा की पड़ताल शुरू कर दी गई है। सोमवार को इस संबंध में एक टीम विश्वविद्यालय पहुंचकर जांच पड़ताल की। जल्द ही इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी वीके सिंह ने बताया कि लखनऊ में हुए अग्निकांड के क्रम में शासन से सभी शिक्षण संस्थानों और कोचिंग सेंटर की जांच के आदेश दिए हैं। इसी क्रम में जौहर विश्वविद्यालय में भी टीम भेजी गई थी, अभी इसकी रिपोर्ट नहीं मिली है।
ज्ञात हो कि आयकर विभाग ने मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का पंजीकरण निरस्त करने संबंधी आदेश में इस बात का भी हवाला दिया है कि 16 जुलाई 2022 को मुख्य अग्नि शमन अधिकारी द्वारा विश्वविद्यालय भवनों के निरीक्षण के दौरान मानक के अनुरूप अग्नि सुरक्षा संबंधी इंतजाम नहीं मिले थे। सोमवार की जांच पड़ताल में भी अगर यह कमी मिली तो अग्नि शमन विभाग की ओर से भी कार्रवाई की जा सकती है।