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    3 करोड़ के लालच में पत्नी और बेटे को जिंदा जलाया: रामपुर के चर्चित हत्याकांड के आरोपी दान सिंह की जमानत याचिका खारिज

    Updated: Fri, 31 Jul 2026 07:05 PM (GMT+05:30)

    पत्नी और बेटे को कार में जिंदा जलाने के आरोपी दान सिंह की जमानत याचिका जिला न्यायालय ने खारिज कर दी है। उसने 3 करोड़ रुपये के क्लेम और भत्तों के लालच ...और पढ़ें

    आरोपित दान सिंह

    आरोपित दान सिंह

    HighLights

    1. पुलिस आरक्षी पत्नी की मौत के बाद क्लेम व भत्तों के रुपये हड़पना चाहता था दान सिंह

    जागरण संवाददाता, रामपुर। कार में पत्नी और बेटे को जिंदा जलाकर मारने के आरोपित दान सिंह की जमानत याचिका जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय ने खारिज कर दी है। इस मामले में दान सिंह का साथ देने वाले तीन सह अभियुक्त की जमानत याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है।यह घटना गंज कोतवाली क्षेत्र में 25 फरवरी 2026 की रात हुई थी।

    कार में मिलक कोतवाली क्षेत्र के बेहटरा गांव की महिला आरक्षी 23 वर्षीय लता, उसका पति दान सिंह यादव, तीन साल का बेटा अवांश उर्फ लड्डू और दान सिंह के रिश्तेदार जमापुर गांव निवासी रवि कुमार सवार थे। नैनीताल घूमकर लौटते समय काशीपुर आगा गांव के पास दान सिंह ने कार में डंपर की टक्कर से आग लगने का दावा किया।

    पुलिस ने दान सिंह की शिकायत पर अज्ञात डंपर चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच में पुलिस को दान सिंह पर संदेह था। पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और छह अप्रैल को दोहरे हत्याकांड का राजफाश कर दिया। पत्नी और बेटे की हत्या की साजिश दान सिंह ने ही रची थी। वह पत्नी, बेटे और एक रिश्तेदार रवि को साथ लेकर नैनीताल घूमने गया था।

    उसका इरादा पत्नी और बेटे समेत कार को खंदक में गिराकर मारने का था, लेकिन वहां मौका नहीं मिला। घर लौटते समय उसने रास्ते में कार में आग लगाकर मारने की साजिश रची। बाजपुर पहुंचने पर उसने दो कोल्डड्रिंक्स में नशे की गोलियां मिलाकर पत्नी और बेटे को पिला दीं। वे दोनों बेहोश गए तो उसने साथियों की मदद से घटना को अंजाम दिया।

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    कार में डंपर की टक्कर दान सिंह के ही साथी गुलफाम ने मारी थी। उसके बाद दान सिंह के कहने पर पटवाई क्षेत्र के चंडका मदारपुर गांव निवासी सलमान पेट्रोल लेकर घटनास्थल पर पहुंचा था। कार पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। हालांकि महिला आरक्षी किसी तरह कार से बाहर निकल आई थी।

    लेकिन दान सिंह के कहने पर सोनकपुर गांव निवासी नूर हसन दूसरी कार लेकर वहां आया था। उसकी कार से दान सिंह पत्नी को अस्पताल ले जाने के बहाने ले गया था और रास्ते में सिर पर हथौड़ी मारकर हत्या कर दी थी। जबकि अवांश उर्फ लड्डू की कार में जलकर मौत हो गई थी।

    इस समय सभी आरोपित जेल में हैं। सलमान, गुलफाम और नूर हसन की जमानत याचिकाएं पहले ही न्यायालय से खारिज हो चुकी हैं। बाद में दान सिंह ने भी सेशन कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। इस पर जिला शासकीय अधिवक्ता नवनीत कुमार कश्यप की ओर से आपत्ति दाखिल की गई। शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई हुई।

    जिला शासकीय अधिवक्ता का कहना है कि दान सिंह की पत्नी पुलिस में आरक्षी थी। उसकी मौत के बाद उसे क्लेम व अन्य भत्तों के रूप में तीन करोड़ रुपये मिलते। इन रुपये के लालच में उसने हत्या की साजिश रची थी। अधिवक्ता के अनुसार जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दान सिंह की जमानत याचिका भी खारिज कर दी है।

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