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    मुख्यमंत्री की प्राथमिकता को ठेंगा दिखाना पड़ा भारी! रामपुर में 4 BEO, 2 CMS समेत 19 अफसरों का वेतन रोका, मची खलबली

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 12:42 AM (IST)

    रामपुर में जिलाधिकारी ने ई-ऑफिस प्रणाली की अनदेखी करने पर 19 अधिकारियों का जुलाई का वेतन रोक दिया है। इन अधिकारियों ने 1 जून से 10 जुलाई 2026 के बीच ई ...और पढ़ें

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    1. 19 अधिकारियों में बेसिक शिक्षा के चार खंड शिक्षा अधिकारी भी शामिल

    जागरण संवाददाता, रामपुर। शासन की महत्वाकांक्षी ई-आफिस व्यवस्था की अनदेखी जनपद के 19 विभागाध्यक्षों और अधिकारियों पर भारी पड़ गई। एक जून से 10 जुलाई 2026 के बीच ई-आफिस पर एक भी पत्राचार नहीं करने के कारण जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों का जुलाई का वेतन अगले आदेश तक रोकने के निर्देश जारी किए हैं। इस कार्रवाई से विभिन्न विभागों में हड़कंप मच गया है।

    जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश में कहा है कि ई-आफिस प्रणाली मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसे हर हाल में लागू किया जाना है। मुख्यमंत्री कार्यालय के 13 फरवरी 2026 के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी ई-आफिस पर कार्य करने के बाद ही वेतन आहरित कर सकते हैं।

    यदि बिना ई-आफिस पर कार्य किए वेतन निकाला जाता है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित कार्यालयाध्यक्ष और आहरण-वितरण अधिकारी की होगी। समीक्षा के दौरान पाया कि जिले के 19 कार्यालयों ने एक जून से 10 जुलाई तक ई-आफिस पर कोई भी पत्राचार नहीं किया।

    करीब 40 दिनों तक डिजिटल फाइल प्रणाली का उपयोग न करना शासन के निर्देशों की अवहेलना माना गया। इसके बाद जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों का जुलाई का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के आदेश दिए हैं। इस कार्रवाई को अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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    अब सभी विभाग ई-आफिस पर नियमित पत्राचार और फाइलों के निस्तारण को लेकर अधिक गंभीर हो सकेंगे। अधिकारियों को भी शासन की डिजिटल कार्यप्रणाली का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। चूंकि आने वाले दिनों में ई-आफिस की नियमित समीक्षा जारी रहेगी। जिन विभागों में कार्यप्रणाली में सुधार नहीं मिला, उनके विरुद्ध आगे भी कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

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