रामपुर में किशोरी से 7 माह तक सामूहिक दुष्कर्म, गर्भवती होने पर खुला राज; 3 पर POCSO में केस दर्ज
रामपुर के मिलक में एक नाबालिग किशोरी से सात महीने तक सामूहिक दुष्कर्म किया गया, जिसका खुलासा उसके गर्भवती होने ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक इमेज
HighLights
एसपी के आदेश पर एक नाबालिग और दो युवकों के विरुद्ध प्राथमिकी
संवाद सहयोगी, मिलक (रामपुर)। क्षेत्र में एक नाबालिग और दो युवकों ने डरा धमकाकर सात माह तक किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म किया। उसके गर्भवती होने पर आरोपितों की घिनौनी करतूत सामने आई। पंचायत में मामला निपटाने का प्रयास किया गया। लेकिन मामला पुलिस अधीक्षक की जानकारी में आया तो थाना पुलिस ने तीन आरोपितों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, धमकाने और पाक्सो एक्ट की धारा में प्राथमिकी दर्ज की है।
मिलक कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र दिया था, जिसमें कहा था कि उसकी पत्नी मानसिक रूप से कमजोर है। उसकी 16 वर्षीय पुत्री घर के कामकाज में मां का हाथ बंटाती है। करीब सात माह पहले पुत्री जंगल से लकड़ियां लेने गई थी।
वहां साकिब, अयान व एक नाबालिग ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और घर बताने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद तीनों उसे अक्सर जंगल में बुलाकर सामूहिक दुष्कर्म करते। पुत्री ने डर के कारण घर पर किसी को नहीं बताया। चार दिन पहले उसकी तबीयत खराब हुई तो उसे लेकर डाॅक्टर के पास गए।
डाॅक्टर ने उसके गर्भवती होने की जानकारी दी। यह सुनकर स्वजन के होश उड़ गए। पूछने पर उसने आरोपितों की करतूत के बारे में बता दिया। आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मिलक कोतवाली गए, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
आरोपित पक्ष ने पंचायत कर मामला निपटाने का प्रयास किया। अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि तीनों आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा, ताकि पता चल सके कि वह कितने माह की गर्भवती है।
नाबालिग के गर्भ में पल रहे बच्चे के बारे में न्यायालय लेगा निर्णय
नाबालिग के गर्भवती होने के मामले में सबसे बड़ा सवाल गर्भ में पल रहे बच्चे के भविष्य का है। इस संबंध में ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी राकेश कुमार मौर्य का कहना है कि बच्चे का भविष्य न तो पीड़ित कर सकती है और न ही उसके माता-पिता।
पुलिस भी अपनी ओर से कोई निर्णय नहीं ले सकती है। केस की पूरी रिपोर्ट, पीड़ित की मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट आदि कोर्ट में दाखिल की जाएगी। कोर्ट ही इसमें अंतिम निर्णय ले सकता है।
किन धाराओं में कितनी सजा
बीएनएस की धारा 70(2)- यह धारा 18 वर्ष से कम आयु की पीड़ित के साथ सामूहिक दुष्कर्म के जघन्य अपराध से संबंधित है। इस गंभीर अपराध में आजीवन कारावास की सजा का प्रविधान है। धारा 351(3)-गंभीर आपराधिक धमकी देना। इसमें सात साल की सजा का प्रविधान है। पाक्सो एक्ट की धारा 3 व 4- इसमें भी आजीवन कारावास की सजा का प्रविधान है।
